पुलवामा हमला आज भी भारत की यादों में एक ऐसा ज़ख्म है, जिसकी कसक 5 साल बाद भी कम नहीं हुई। 2019 में CRPF के हमारे 40 से ज़्यादा जवान शहीद हुए थे और देशभर में गुस्सा, सदमा और पाकिस्तान के खिलाफ माहौल बना था।इस हमले को अंजाम देने वाला नेटवर्क पाकिस्तान के भीतर चल रहा था, और उसका मास्टरमाइंड कौन है इस पर भारत हमेशा उँगली उठाता रहा।इसी बीच अब एक बड़ी खबर सामने आई है।
पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर यानी PoK में उसी हमले से जुड़े कथित मास्टरमाइंड हमजा बुरहान की अज्ञात बंदूकधारियों ने गोली मारकर हत्या कर दी।यह घटना जैसे ही सामने आई भारत में राजनीतिक हलकों में एक बार फिर चर्चा तेज हो गई।अब इस मुद्दे पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता तारिक अनवर का बयान सामने आया है और इसी बयान ने बहस को और गर्म कर दिया है।
PoK में पुलवामा हमले से जुड़े संदिग्ध आतंकवादी हमजा बुरहान की हत्या की खबर आने के बाद कांग्रेस के सांसद तारिक अनवर ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा अगर पाकिस्तान में, जहाँ आतंकवाद को पनाह मिलती है, वहीं कोई आतंकी मारा जा रहा है तो यह हमारे लिए अच्छी बात है। आतंकवाद इंसानियत का दुश्मन है और इसके खिलाफ हर कदम का स्वागत होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि पुलवामा जैसे हमलों ने भारत को गहरा दर्द दिया है, और अगर पाकिस्तान की जमीन पर ही आतंकवादियों को मार गिराया जा रहा है,तो यह साफ दिखाता है कि आतंकवाद अपने ही घर में असुरक्षित हो गया है।तारिक अनवर ने आगे कहा कि भारत हमेशा से कहता रहा है कि आतंकवाद की जड़ें पाकिस्तान में पनपती हैं, इसलिए कोई भी ऐसी घटना भले वह पाकिस्तान के भीतर ही क्यों न हो दुनिया के लिए एक संकेत है कि आतंकवाद अब वहीं से टूट रहा है जहाँ वह जन्म लेता है।
हमजा बुरहान को 2019 के पुलवामा हमले का एक प्रमुख मास्टरमाइंड माना जाता था।उसी हमले में 40 से अधिक भारतीय जवानों की जान गई थी और बाद में भारत ने बालाकोट एयरस्ट्राइक की थी।PoK के मुज़फ्फराबाद इलाके में उसकी हत्या की खबर आने के बाद सुरक्षा एजेंसियाँ भी इसकी पुष्टि और कारण जानने में लगी हैं।अभी तक यह स्पष्ट नहीं कि हत्या किसने और क्यों की लेकिन घटना बड़ी है और इसके राजनीतिक मायने भी।
तारिक अनवर के बयान के बाद राजनीतिक हलकों में सवाल उठने लगे हैं कि क्या भारत की राजनीति अब आतंकवाद पर भी अलग-अलग दृष्टिकोण से बहस करेगी?कई नेताओं ने कहा कि आतंकवाद पर देश की आवाज़ एक होनी चाहिए।दूसरी तरफ कांग्रेस कह रही है कि तारिक अनवर का बयान आतंकवाद विरोधी रुख को ही मजबूत करता है।
