भारत में बदलती लाइफस्टाइल, बढ़ती डिजिटल कनेक्टिविटी और व्यक्तिगत आज़ादी के दौर में एक्स्ट्रा मैरिटल डेटिंग का ट्रेंड तेजी से बढ़ रहा है। हालिया सर्वे और रिपोर्ट्स बताते हैं कि यह सिर्फ व्यक्तिगत पसंद का मामला नहीं रहा, बल्कि समाज में रिश्तों की बदलती सोच का संकेत बन चुका है।

कई स्टडीज़ के मुताबिक, भारत में बड़ी संख्या में लोग स्वीकार कर चुके हैं कि वे कभी न कभी शादी के बाहर रिश्तों में शामिल रहे हैं। कुछ रिपोर्ट्स में यह आंकड़ा 50% से ज्यादा तक बताया गया है। खास बात यह है कि अब इस ट्रेंड में महिलाओं की

भागीदारी भी तेजी से बढ़ी है। एक्स्ट्रा मैरिटल डेटिंग प्लेटफॉर्म्स के अनुसार, देश में लाखों यूज़र्स ऐसे हैं जो शादीशुदा होते हुए भी नए रिश्तों की तलाश कर रहे हैं।


मेट्रो शहरों जैसे दिल्ली, बेंगलुरु, मुंबई और पुणे के साथ-साथ छोटे शहरों में भी यह ट्रेंड तेजी से फैल रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि इसके पीछे कई कारण हैं जैसे रिश्तों में इमोशनल दूरी, व्यस्त जीवनशैली, पार्टनर के साथ समय की कमी और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स की आसान पहुंच।


रिलेशनशिप एक्सपर्ट्स के अनुसार, एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर्स केवल शारीरिक आकर्षण तक सीमित नहीं होते, बल्कि अक्सर यह भावनात्मक खालीपन और समझ की कमी से जुड़े होते हैं। कई मामलों में लोग अपने रिश्तों में संवाद की कमी के कारण बाहर कनेक्शन तलाशने लगते हैं।

हालांकि, यह ट्रेंड आधुनिक शादियों के लिए चिंता का विषय भी बनता जा रहा है। तलाक के मामलों में एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर्स एक प्रमुख कारण माने जाते हैं, जिससे विश्वास और स्थिरता पर असर पड़ता है। लेकिन कुछ रिपोर्ट्स यह भी संकेत देती हैं कि अब लोग अपने रिश्तों को लेकर ज्यादा खुले और स्पष्ट हो रहे हैं, जिससे संवाद बढ़ रहा है।


कुल मिलाकर, एक्स्ट्रा मैरिटल डेटिंग का बढ़ता चलन यह दर्शाता है कि भारतीय समाज में शादी और रिश्तों की पारंपरिक परिभाषा बदल रही है। यह केवल शादियों के लिए खतरा नहीं, बल्कि इस बात का संकेत भी है कि आज के समय में रिश्तों को मजबूत बनाए रखने के लिए भरोसा, समझ और संवाद पहले से कहीं ज्यादा जरूरी हो गया है।