Genetic Risk Of Heart Disease:
अक्सर लोग मानते हैं कि अच्छा खानपान और थोड़ा-बहुत व्यायाम करने से दिल की बीमारी से पूरी तरह बचा जा सकता है। लेकिन सच्चाई इससे थोड़ी अलग है।
क्या फिट दिखने से दिल सुरक्षित है?
कई लोग बाहर से फिट और हेल्दी नजर आते हैं, फिर भी उन्हें दिल की बीमारी का खतरा हो सकता है। हम अक्सर सोचते हैं कि अगर हमारा वजन ठीक है, हम एक्टिव हैं और अच्छा खाना खाते हैं, तो हमारा दिल भी पूरी तरह सुरक्षित है। लेकिन दिल की सेहत सिर्फ बाहर से दिखने वाली फिटनेस पर निर्भर नहीं करती।
एक्सपर्ट की राय
दिल के विशेषज्ञों के अनुसार, शरीर के अंदर कई ऐसी प्रक्रियाएं चलती रहती हैं, जो बाहर से दिखाई नहीं देतीं। जैसे शरीर में सूजन (इन्फ्लेमेशन), धमनियों (आर्टरीज) को नुकसान या हार्मोन का असंतुलन। ये सभी धीरे-धीरे दिल की बीमारी का खतरा बढ़ा सकते हैं
भारत में बढ़ते मामले
रिपोर्ट्स के मुताबिक, भारत में 70 साल से कम उम्र के लोगों में दिल की बीमारी के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। इससे साफ है कि सिर्फ उम्र या बाहरी फिटनेस पूरी सुरक्षा की गारंटी नहीं है।
तनाव भी बड़ा कारण
तनाव एक ऐसा कारण है, जो अक्सर नजर नहीं आता। काम का दबाव, नींद की कमी और मानसिक तनाव धीरे-धीरे शरीर पर असर डालते हैं। इससे ब्लड प्रेशर बढ़ सकता है और दिल पर दबाव पड़ता है।
जेनेटिक्स और छिपी बीमारियां
अगर परिवार में पहले से दिल की बीमारी के मामले रहे हैं, तो खतरा बढ़ जाता है। इसके अलावा कुछ बीमारियां बिना लक्षण के शरीर को नुकसान पहुंचाती रहती हैं, जैसे हाई ब्लड प्रेशर, कोलेस्ट्रॉल और डायबिटीज। कई लोगों को तो यह भी नहीं पता होता कि उन्हें ये समस्याएं हैं।
नींद का रखें ध्यान
अच्छी और पूरी नींद भी दिल की सेहत के लिए बहुत जरूरी है। कम नींद लेने से तनाव बढ़ सकता है, दिल की धड़कन प्रभावित हो सकती है और शरीर का संतुलन बिगड़ सकता है।
क्या करें बचाव के लिए?
सिर्फ फिट दिखना काफी नहीं है। दिल को स्वस्थ रखने के लिए नियमित जांच कराना जरूरी है, जैसे ब्लड प्रेशर, शुगर, कोलेस्ट्रॉल और ईसीजी। समय रहते जांच और सही जानकारी से दिल की बीमारी के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
