फैटी लिवर को लंबे समय तक मोटापे और अधिक वजन से जुड़ी बीमारी माना जाता रहा है, लेकिन अब हालिया रिपोर्ट्स और विशेषज्ञों की चेतावनी ने इस धारणा को बदल दिया है। अब बच्चे और दुबले-पतले युवा भी तेजी से फैटी लिवर की चपेट में आ रहे हैं, जिसे ‘लीन फैटी लिवर’ कहा जा रहा है।

विशेषज्ञों के अनुसार, भारत में बच्चों के बीच फैटी लिवर के मामले चिंताजनक रूप से बढ़ रहे हैं। कुछ रिपोर्ट्स के मुताबिक, लगभग 35% बच्चों में फैटी लिवर के लक्षण पाए जा सकते हैं, जिनमें कई बच्चे देखने में पूरी तरह स्वस्थ और दुबले होते हैं।

डॉक्टर बताते हैं कि यह बीमारी अब सिर्फ मोटापे तक सीमित नहीं रही। शरीर के अंदर जमा “विसरल फैट” (आंतरिक चर्बी), इंसुलिन रेजिस्टेंस, खराब खानपान और फिजिकल एक्टिविटी की कमी इसके प्रमुख कारण हैं।

बच्चों में तेजी से बढ़ रहा खतरा

पहले जहां फैटी लिवर वयस्कों की बीमारी मानी जाती थी, अब यह बच्चों में भी आम हो रही है। जंक फूड, शुगर वाली ड्रिंक्स, मोबाइल और स्क्रीन टाइम में वृद्धि ने इस समस्या को और बढ़ा दिया है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह एक “साइलेंट डिजीज” है, जो शुरुआती चरण में बिना लक्षण के रहती है लेकिन आगे चलकर गंभीर बीमारियों का कारण बन सकती है।

दुबले लोगों में क्यों बढ़ रहा है फैटी लिवर?

दुबले दिखने वाले लोगों में भी फैटी लिवर इसलिए विकसित हो रहा है क्योंकि उनके शरीर में अंदरूनी चर्बी (visceral fat) और मेटाबॉलिक असंतुलन मौजूद होता है। गलत खानपान, ज्यादा चीनी, कम नींद, तनाव और बैठे रहने की आदतें इस जोखिम को बढ़ाती हैं।

गंभीर बीमारियों का खतरा

डॉक्टरों के अनुसार, अगर समय रहते ध्यान नहीं दिया गया तो फैटी लिवर आगे चलकर सिरोसिस, डायबिटीज और हार्ट डिजीज जैसी गंभीर समस्याओं में बदल सकता है।