मुंह का कैंसर अब सिर्फ बुजुर्गों या चेन स्मोकर्स की बीमारी नहीं रही. भारत में 20 से 30 साल के फिट और नॉन-स्मोकर युवा भी एडवांस स्टेज ओरल कैंसर के साथ अस्पताल पहुंच रहे हैं. डॉक्टरों के लिए यह नया ट्रेंड बेहद चिंताजनक है.
क्या बिना स्मोकिंग भी हो सकता है मुंह का कैंसर?
हां. कई युवा मरीज जिम जाते हैं, हेल्दी लाइफस्टाइल फॉलो करते हैं और जिंदगी में कभी सिगरेट को हाथ तक नहीं लगाया. कुछ ने करियर अभी शुरू ही किया है, कुछ की नई-नई शादी हुई है. फिर भी वो कैंसर की चपेट में आ रहे हैं.
ICMR के मुताबिक, भारत दुनिया में ओरल कैंसर के सबसे ज्यादा मामलों वाला देश है. अब तक तंबाकू और सुपारी को इसकी बड़ी वजह माना जाता था. लेकिन अब खतरा सिर्फ सिगरेट तक सीमित नहीं है.
सबसे बड़ी गलतफहमी क्या है?
अपोलो हॉस्पिटल्स के हेड एंड नेक ऑन्कोलॉजी एक्सपर्ट डॉ. अक्षत मलिक कहते हैं, "युवाओं को लगता है कैंसर सिर्फ सिगरेट से होता है. पहले ये बीमारी 50+ उम्र के स्मोकर्स में दिखती थी. अब 40 से कम उम्र के नॉन-स्मोकर्स में केस तेजी से बढ़ रहे हैं."
तो फिर खतरा किससे है?
1. गुटखा, खैनी, पान मसाला, सुपारी, पान: युवा सिगरेट नहीं पीते, पर ये चीजें रोज खाते हैं. सोशल फंक्शन में नॉर्मल मानी जाने वाली ये आदतें सबसे खतरनाक हैं. ये पदार्थ घंटों गाल और मसूड़ों से चिपके रहते हैं और सेल्स को लगातार डैमेज करते हैं.
2. मुंह की छोटी-छोटी प्रॉब्लम
टूटा हुआ दांत जो जीभ को चुभता हो, टाइट डेंचर, लंबे समय तक इंफेक्शन या खराब ओरल हाइजीन. लोग इग्नोर कर देते हैं, पर लगातार जलन और घाव कैंसर में बदल सकते हैं.
युवाओं में क्यों ज्यादा खतरनाक?
डॉ. मलिक बताते हैं, "युवाओं का ओरल कैंसर ज्यादा एग्रेसिव होता है. ये तेजी से शरीर में फैलता है." सबसे बड़ी दिक्कत है लेट पहचान. शुरुआती लक्षण नॉर्मल लगते हैं, इसलिए लोग डॉक्टर तक नहीं जाते.
इन 5 लक्षणों को भूलकर भी इग्नोर न करें:
1. मुंह में 2 हफ्ते से ज्यादा रहने वाला छाला जो ठीक न हो
2. गाल, जीभ या मसूड़ों पर सफेद या लाल धब्बे
3. खाना-पीना खाते वक्त जलन या दर्द
4. निगलने में दिक्कत या आवाज में बदलाव
5. गर्दन में गांठ या जबड़े का टाइट होना
अगर गुटखा-सुपारी खाते हैं तो तुरंत छोड़ें. हर 6 महीने में डेंटल चेकअप कराएं. टूटे दांत या डेंचर को ठीक कराएं. मुंह का कोई भी घाव 15 दिन से ज्यादा रहे तो तुरंत हेड-नेक कैंसर स्पेशलिस्ट को दिखाएं.
Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. कोई भी लक्षण दिखने पर डॉक्टर से तुरंत संपर्क करें।
