प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से जनगणना 2027 में भाग लेने और इसे मिलकर सफल बनाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ सरकार का काम नहीं, बल्कि हर नागरिक की जिम्मेदारी है।
रविवार को ‘मन की बात’ कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने जनगणना को देश का एक महत्वपूर्ण अभियान बताते हुए कहा कि इस बार इसकी प्रक्रिया पहले से अलग और आसान बनाई गई है। उनके मुताबिक, यह दुनिया की सबसे बड़ी जनगणना होगी और इसमें लोगों की भागीदारी बेहद जरूरी है।
प्रधानमंत्री ने बताया कि इस बार जनगणना को पूरी तरह डिजिटल रूप दिया गया है। घर-घर जाने वाले कर्मचारी मोबाइल ऐप के जरिए जानकारी दर्ज करेंगे। इसके साथ ही लोगों को खुद भी अपनी जानकारी भरने की सुविधा दी गई है, जिससे प्रक्रिया और आसान हो जाती है।
उन्होंने कहा कि जनगणना कर्मचारी के आने से करीब 15 दिन पहले ही नागरिकों के लिए अपनी जानकारी दर्ज करने का विकल्प उपलब्ध होगा। लोग अपनी सुविधा के अनुसार यह प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं। जानकारी दर्ज करने के बाद उन्हें एक विशेष पहचान संख्या मिलेगी, जो उनके मोबाइल या ईमेल पर भेजी जाएगी। बाद में कर्मचारी के घर आने पर इसी पहचान संख्या के जरिए जानकारी की पुष्टि की जा सकेगी।
प्रधानमंत्री ने यह भी बताया कि जिन राज्यों में स्व-गणना की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, वहां अब कर्मचारियों द्वारा घरों के सूचीकरण का काम शुरू कर दिया गया है। उनके अनुसार, अब तक करीब 1 करोड़ 20 लाख परिवारों का मकान सूचीकरण पूरा हो चुका है।
अपने संबोधन में उन्होंने दोहराया कि जनगणना 2027 को सफल बनाना सभी नागरिकों की साझा जिम्मेदारी है और इसमें हर व्यक्ति की भागीदारी जरूरी है।
