महाराष्ट्र के पुणे में शुक्रवार दोपहर करीब 2:30 बजे यह चौंकाने वाली घटना सामने आई। यह समय शहर के व्यस्त ट्रैफिक का होता है, ऐसे में इस तरह की घटना ने कुछ ही पलों में पूरे इलाके का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। अचानक हुई इस घटना के कारण सड़क पर मौजूद लोगों के बीच घबराहट का माहौल बन गया और स्थिति कुछ समय के लिए असामान्य हो गई।
यह मामला पीएमसी–वाघोली–पीएमसी रूट पर चलने वाली PMPML की बस से जुड़ा है, जो उस समय डिपो में खड़ी थी। बस चालक को दूसरी ड्यूटी पर भेजा गया था, जिसके कारण वह जल्दबाजी में चाबी बस के अंदर ही छोड़कर वहां से चला गया। इसी लापरवाही का फायदा उठाकर एक अज्ञात व्यक्ति बस में घुसा और बिना किसी रोक-टोक के उसे लेकर फरार हो गया। यह पूरी घटना इतनी तेजी से हुई कि शुरुआत में किसी को इसकी भनक तक नहीं लगी।
शहर में कैसे मची अफरा-तफरी
बस लेकर भागा आरोपी शहर के डेक्कन इलाके की ओर बढ़ा और नटराज पुल तक पहुंच गया। इसके बाद उसने गुडलक चौक की दिशा में बस को रॉन्ग साइड में चलाना शुरू कर दिया, जो बेहद खतरनाक स्थिति थी। अचानक सामने से आती गाड़ियों और बस को देखकर वाहन चालकों को तुरंत ब्रेक लगाने पड़े, वहीं पैदल यात्री भी खुद को बचाने के लिए इधर-उधर हटने लगे। इस वजह से कुछ समय के लिए इलाके में ट्रैफिक व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो गई।
हादसा कैसे हुआ
रॉन्ग साइड में बस चलाते समय आरोपी वाहन पर नियंत्रण बनाए नहीं रख सका। कुछ दूरी तय करने के बाद बस डिवाइडर से टकरा गई, जिससे उसकी रफ्तार थम गई। टक्कर के बाद मौके पर मौजूद लोगों ने स्थिति को संभालने की कोशिश की और तुरंत पुलिस को सूचना दी, जिससे आगे कोई बड़ी घटना होने से बच गई।
पुलिस की कार्रवाई और बयान
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और आरोपी को हिरासत में ले लिया। इस मामले पर जानकारी देते हुए पुलिस उपायुक्त कृषीकेश रावले ने बताया कि बस चालक द्वारा चाबी अंदर छोड़ देना इस पूरी घटना की मुख्य वजह बना। उन्होंने यह भी बताया कि आरोपी ने नटराज पुल से गुडलक चौक तक बस को रॉन्ग साइड में चलाया, जिससे सड़क पर बाधा उत्पन्न हुई।
राहत और उठते सवाल
इस पूरे घटनाक्रम में सबसे राहत की बात यह रही कि किसी भी व्यक्ति के घायल होने की खबर सामने नहीं आई। हालांकि, इस घटना ने सार्वजनिक परिवहन की सुरक्षा व्यवस्था, कर्मचारियों की जिम्मेदारी और लापरवाही जैसे मुद्दों को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की छोटी लापरवाही भविष्य में बड़े हादसे का कारण बन सकती है, इसलिए ऐसे मामलों में अतिरिक्त सतर्कता बेहद जरूरी है।
