बच्चों में तेजी से बढ़ रहा फैटी लिवर का खतरा, हर 3 में 1 बच्चा हो सकता है शिकार

भारत में बच्चों के बीच फैटी लिवर की समस्या तेजी से बढ़ रही है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, अब यह बीमारी सिर्फ मोटे बच्चों तक सीमित नहीं रही, बल्कि सामान्य दिखने वाले बच्चों में भी देखने को मिल रही है।


इंद्रप्रस्थ अपोलो हॉस्पिटल के गैस्ट्रोएंटरोलॉजी के सीनियर कंसल्टेंट डॉ. अमिताभ दत्ता के अनुसार, “लगभग हर 3 भारतीय बच्चों में से 1 को फैटी लिवर की समस्या हो सकती है। यह बीमारी पहले केवल वयस्कों में देखी जाती थी, लेकिन अब बच्चों में भी तेजी से फैल रही है।”

डॉक्टरों का कहना है कि यह एक साइलेंट बीमारी है, जो बिना किसी स्पष्ट लक्षण के धीरे-धीरे विकसित होती है। कई बार बच्चा देखने में बिल्कुल स्वस्थ लगता है, लेकिन उसके लिवर में फैट जमा होता रहता है।

रिपोर्ट के अनुसार, भारत में करीब 35% बच्चे इस समस्या से प्रभावित हो सकते हैं, जबकि वैश्विक स्तर पर यह आंकड़ा 8 से 10% के बीच है। यानी भारतीय बच्चों में इसका खतरा दुनिया के मुकाबले कहीं ज्यादा है।

बच्चों में फैटी लिवर क्यों बढ़ रहा है?

विशेषज्ञों के मुताबिक, खराब लाइफस्टाइल इस बीमारी का सबसे बड़ा कारण है।

अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड, ज्यादा शुगर, फास्ट फूड और कम फिजिकल एक्टिविटी इसके मुख्य कारण हैं। इसके अलावा, बढ़ता स्क्रीन टाइम और अनियमित दिनचर्या भी जोखिम को बढ़ा रहे हैं।

कितना खतरनाक है ये रोग?

डॉक्टरों के अनुसार, अगर समय रहते फैटी लिवर का इलाज न किया जाए, तो यह आगे चलकर गंभीर बीमारियों का कारण बन सकता है।

इनमें डायबिटीज, हार्ट डिजीज और लिवर सिरोसिस जैसी समस्याएं शामिल हैं।

बच्चों को कैसे बचाएं?

डॉक्टरों ने अभिभावकों को बच्चों की जीवनशैली सुधारने की सलाह दी है।

संतुलित आहार, नियमित व्यायाम और जंक फूड से दूरी इस बीमारी से बचाव के लिए जरूरी है।

बचाव के लिए अपनाएं ये जरूरी आदतें

बच्चों को हेल्दी और बैलेंस्ड डाइट दें

रोज कम से कम 30–60 मिनट फिजिकल एक्टिविटी कराएं

मोबाइल और टीवी का समय सीमित करें

मीठे और प्रोसेस्ड फूड से दूरी रखें