दय्यान खान
आज के समय में धूम्रपान को अक्सर स्टाइल या आदत के रूप में देखा जाता है, लेकिन इसका असर सिर्फ फेफड़ों तक ही सीमित नहीं रहता। बहुत से लोग मानते हैं कि सिगरेट पीने से आवाज भारी और आकर्षक हो जाती है। फिल्मों और आम जिंदगी में भी स्मोकर्स की आवाज को एक अलग पहचान के रूप में पेश किया जाता है। लेकिन क्या वाकई धूम्रपान आपकी आवाज को बेहतर बनाता है? विशेषज्ञों के अनुसार, इसका जवाब “हां” भी है और “खतरनाक” भी।
हेल्थ संस्था Cleveland Clinic के मुताबिक, कान, नाक और गले (ENT) से जुड़ी विशेषज्ञ डॉक्टर कैंडेस ह्रेलैक बताती हैं कि धूम्रपान सीधे तौर पर आवाज की क्वालिटी, सुर और टोन को प्रभावित करता है। सिगरेट और तंबाकू के धुएं में सैकड़ों हानिकारक रसायन होते हैं, जो गले से होते हुए फेफड़ों तक पहुंचते हैं। इस दौरान गले और स्वर तंत्र (वोकल कॉर्ड्स) में जलन और सूजन पैदा हो जाती है, जो धीरे-धीरे आवाज में बदलाव का कारण बनती है।
लगातार धूम्रपान करने से गले में खराश, बलगम और पुरानी खांसी (Chronic Cough) की समस्या बढ़ जाती है। बार-बार खांसने से वोकल कॉर्ड्स पर दबाव पड़ता है, जिससे उनमें सूजन और बढ़ जाती है। यही कारण है कि समय के साथ आवाज भारी, बैठी हुई और कभी-कभी कर्कश (रफ) हो जाती है। खासकर जो लोग गाना गाते हैं या ज्यादा बोलते हैं, उनमें यह असर जल्दी दिखाई देता है क्योंकि उनकी आवाज पर पहले से ही ज्यादा दबाव रहता है।
धूम्रपान का असर सिर्फ आवाज के भारी होने तक सीमित नहीं है। लंबे समय तक स्मोकिंग करने से गले में स्थायी सूजन हो सकती है, जिससे आवाज कई दिनों तक सही से नहीं निकलती। कुछ मामलों में गले के अंदर असामान्य ऊतक (growth) विकसित हो सकते हैं, जो सांस लेने में भी दिक्कत पैदा कर सकते हैं। ऐसी स्थिति में इलाज के लिए सर्जरी तक की जरूरत पड़ सकती है।
विशेषज्ञ यह भी चेतावनी देते हैं कि धूम्रपान करने वालों में गले के कैंसर का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। इसकी शुरुआती पहचान अक्सर आवाज में बदलाव से ही होती है। अगर किसी व्यक्ति की आवाज तीन हफ्तों से ज्यादा समय तक भारी, बैठी हुई या बदली हुई रहे, तो तुरंत डॉक्टर से जांच करानी चाहिए।
जहां तक ई-सिगरेट या दूसरे धुएं वाले उत्पादों की बात है, इस पर अभी रिसर्च जारी है। हालांकि इतना जरूर माना जाता है कि किसी भी तरह का धुआं या रसायन गले और वोकल कॉर्ड्स के लिए नुकसानदायक हो सकता है।
अच्छी बात यह है कि अगर समय रहते धूम्रपान छोड़ दिया जाए, तो कुछ ही हफ्तों में आवाज में सुधार देखने को मिल सकता है। पर्याप्त पानी पीना, गले को आराम देना और धूम्रपान से दूरी बनाना आवाज को फिर से सामान्य बनाने में मदद करता है।
