मोबाइल देखते हुए खाना खाने की आदत बच्चों की सेहत के लिए गंभीर खतरा बनती जा रही है। हाल ही में डॉक्टरों और हेल्थ एक्सपर्ट्स ने चेतावनी दी है कि स्क्रीन टाइम बढ़ने के साथ बच्चों में मोटापा और फैटी लिवर के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। शोध बताते हैं कि जब बच्चे मोबाइल, टीवी या टैबलेट देखते हुए खाना खाते हैं, तो उनका ध्यान भोजन से हट जाता है, जिससे वे “माइंडलेस ईटिंग” का शिकार हो जाते हैं और जरूरत से ज्यादा कैलोरी ले लेते हैं।


विशेषज्ञों के अनुसार, स्क्रीन देखते समय दिमाग खाने की मात्रा को सही तरीके से कंट्रोल नहीं कर पाता। इससे ओवरईटिंग होती है और शरीर में फैट जमा होने लगता है। कई अध्ययनों में यह पाया गया है कि ज्यादा स्क्रीन टाइम रखने वाले बच्चों में मोटापे का खतरा सामान्य बच्चों की तुलना में काफी अधिक होता है। यही अतिरिक्त फैट धीरे-धीरे लिवर में जमा होकर नॉन-अल्कोहलिक फैटी लिवर डिजीज का कारण बनता है, जो आगे चलकर गंभीर लिवर डैमेज तक पहुंच सकता है।


डॉक्टर यह भी बताते हैं कि मोबाइल के कारण बच्चों की फिजिकल एक्टिविटी कम हो जाती है। खेल-कूद की कमी और जंक फूड की बढ़ती आदत इस समस्या को और बढ़ा देती है। World Health Organization के अनुसार, बच्चों के लिए सीमित स्क्रीन टाइम और रोजाना पर्याप्त शारीरिक गतिविधि बेहद जरूरी है, ताकि मोटापा और उससे जुड़ी बीमारियों से बचा जा सके।


स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने माता-पिता को सलाह दी है कि वे बच्चों के लिए “नो स्क्रीन मील टाइम” का नियम बनाएं। खाने के समय केवल भोजन पर ध्यान दिया जाए, न कि मोबाइल या टीवी पर। साथ ही, बच्चों को आउटडोर खेल, संतुलित आहार और सही दिनचर्या की आदत डालना जरूरी है। डॉक्टरों का कहना है कि अगर समय रहते इस आदत को नहीं सुधारा गया, तो आने वाले समय में बच्चों में मोटापा, और दिल से जुड़ी बीमारियों का खतरा और बढ़ सकता है।