Yellow Teeth Remedies: पीले और फीके दांत कई बार मुस्कान की चमक कम कर देते हैं। ऐसे में हर कोई आसान और घरेलू उपाय ढूंढता है। इन्हीं में से एक है केले के छिलके का इस्तेमाल, जिसे लंबे समय से एक नेचुरल उपाय माना जाता है।
दरअसल केले के छिलके में Potassium, Magnesium, Manganese और Calcium जैसे minerals मौजूद होते हैं। ये सभी तत्व दांतों की outer protective layer यानी enamel के लिए सहायक माने जाते हैं। माना जाता है कि जब केले के छिलके की अंदर वाली नरम सफेद परत को दांतों पर रगड़ा जाता है, तो ये minerals enamel surface के संपर्क में आते हैं और surface stains को हल्का करने में मदद कर सकते हैं।
केले के छिलके में मौजूद Magnesium और Potassium को लेकर यह माना जाता है कि ये दांतों की सतह पर जमी गंदगी को ढीला करने में मदद कर सकते हैं। वहीं Manganese एक trace mineral है, जो oral health के लिए जरूरी तत्वों में गिना जाता है। इसके अलावा इसमें थोड़ी मात्रा में Calcium भी पाया जाता है, जो दांतों की मजबूती से जुड़ा mineral माना जाता है।
इस घरेलू उपाय का एक बड़ा कारण इसका mild abrasive effect भी है। केले के छिलके की अंदर वाली परत बहुत हल्की natural rubbing पैदा करती है। जब इसे दांतों पर धीरे-धीरे घिसा जाता है, तो यह plaque, tea-coffee stains और surface discoloration को थोड़ा कम कर सकता है। यही वजह है कि कुछ लोगों को दांत पहले से ज्यादा साफ और चमकदार दिखने लगते हैं।
कुछ studies और dental experts यह भी बताते हैं कि केले के छिलके में मौजूद कुछ antioxidant compounds और natural plant compounds मुंह की सफाई में हल्की मदद कर सकते हैं। हालांकि इनके whitening effect को लेकर अभी ज्यादा मजबूत scientific proof मौजूद नहीं हैं।
ध्यान देने वाली बात यह है कि केले के छिलके में कोई powerful bleaching agent नहीं होता। Professional teeth whitening treatments में आमतौर पर Hydrogen Peroxide या Carbamide Peroxide जैसे compounds इस्तेमाल किए जाते हैं, जो दांतों के अंदर तक जाकर stains को तोड़ते हैं। केले का छिलका ऐसा काम नहीं करता, इसलिए यह केवल ऊपरी सतह की हल्की सफाई तक ही सीमित माना जाता है।
अगर इसे इस्तेमाल करना हो तो हमेशा पके हुए ताजे केले का छिलका लेना चाहिए। छिलके की अंदर वाली सफेद परत को करीब 1-2 मिनट तक हल्के हाथों से दांतों पर रगड़ें। इसके बाद 5-10 मिनट छोड़कर सामान्य toothpaste से ब्रश कर लें। लगातार कुछ दिनों तक इस्तेमाल करने पर हल्का फर्क महसूस हो सकता है।
हालांकि अगर दांतों में ज्यादा पीलापन, सड़न, sensitivity या मसूड़ों की समस्या हो तो केवल घरेलू नुस्खों पर निर्भर नहीं रहना चाहिए। ऐसी स्थिति में dentist की सलाह लेना ज्यादा सही माना जाता है।
