नई दिल्ली। वर्ष 2019 में पाकिस्तान के खिलाफ बालाकोट हवाई कार्रवाई और उसके बाद की घटनाओं के दौरान चर्चा में आए भारतीय वायुसेना के वीर चक्र सम्मानित पूर्व ग्रुप कैप्टन अभिनंदन वर्धमान को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। रिपोर्टों के मुताबिक, अभिनंदन वर्धमान अब भारतीय वायुसेना से अलग होकर नागरिक विमानन क्षेत्र में पायलट के तौर पर काम कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि वह गोवा स्थित क्षेत्रीय एयरलाइन एफएलवाई91 से जुड़ गए हैं। हालांकि, अभिनंदन वर्धमान की ओर से भारतीय वायुसेना छोड़ने या नई नौकरी शुरू करने को लेकर अब तक आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
गोवा की एयरलाइन एफएलवाई91 से जुड़े अभिनंदन
पीटीआई भाषा ने सूत्रों के हवाले से बताया है कि भारतीय वायुसेना के पूर्व ग्रुप कैप्टन अभिनंदन वर्धमान अब क्षेत्रीय एयरलाइन एफएलवाई91 के साथ पायलट के रूप में काम कर रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, वीर चक्र से सम्मानित अभिनंदन अगस्त में गोवा स्थित इस एयरलाइन से जुड़े।
एफएलवाई91 के प्रवक्ता से जब इस संबंध में प्रतिक्रिया मांगी गई तो उन्होंने टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। प्रवक्ता ने कहा कि कर्मचारियों से जुड़ी व्यक्तिगत जानकारी निजी मामला है। एयरलाइन में अभिनंदन वर्धमान की भूमिका से संबंधित अन्य विस्तृत जानकारी तत्काल उपलब्ध नहीं हो सकी।
एफएलवाई91 के बेड़े में छह विमान
गोवा स्थित एफएलवाई91 ने मार्च 2024 में अपना परिचालन शुरू किया था। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, एयरलाइन के बेड़े में फिलहाल छह एटीआर 72-600 विमान हैं। इसके दो परिचालन केंद्र गोवा और हैदराबाद में हैं। अभिनंदन वर्धमान के इस एयरलाइन से जुड़ने की खबर के बाद उनके नए पेशेवर सफर को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
क्या पैसे की वजह से छोड़ी वायुसेना?
अभिनंदन वर्धमान के भारतीय वायुसेना से अलग होने की खबर सामने आने के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर उन्होंने सैन्य सेवा छोड़कर नागरिक विमानन क्षेत्र में जाने का फैसला क्यों किया। हालांकि, इस फैसले की आधिकारिक वजह अभी स्पष्ट नहीं है। न तो अभिनंदन वर्धमान ने सार्वजनिक रूप से इसकी वजह बताई है और न ही उनकी ओर से वायुसेना छोड़ने की पुष्टि वाला कोई बयान सामने आया है।
‘द ट्रिब्यून’ की एक रिपोर्ट के अनुसार, सूत्रों ने बताया कि अभिनंदन वर्धमान को दिसंबर 2021 में पदोन्नति मिली थी और अब उन्होंने सेवानिवृत्ति ले ली है। रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से यह भी कहा गया कि वरिष्ठ रैंक मिलने के बाद कई वायुसेना पायलटों के मामले में उड़ान से जुड़ी जिम्मेदारियां कम हो जाती हैं, जबकि प्रशासनिक जिम्मेदारियां बढ़ जाती हैं। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि अभिनंदन वर्धमान के मामले में भी यही कारण निर्णायक रहा या नहीं।
2019 में पाकिस्तान के खिलाफ अभियान के दौरान आए थे सुर्खियों में
अभिनंदन वर्धमान का नाम वर्ष 2019 में पाकिस्तान के साथ बढ़े सैन्य तनाव के दौरान देशभर में चर्चा में आया था। 14 फरवरी 2019 को पुलवामा में आतंकवादी हमला हुआ था। इसके बाद भारत ने 26 फरवरी 2019 को पाकिस्तान के बालाकोट में जैश-ए-मोहम्मद के एक प्रमुख प्रशिक्षण केंद्र को निशाना बनाते हुए हवाई कार्रवाई की थी।
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, यह कार्रवाई आतंकवादी हमले से संबंधित खुफिया जानकारी के आधार पर की गई थी। अभियान में आतंकवादी ढांचे और प्रशिक्षण शिविरों को निशाना बनाया गया था। इसके बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव और बढ़ गया था।
हवाई मुठभेड़ के बाद पाकिस्तान में पकड़े गए थे अभिनंदन
26 फरवरी की कार्रवाई के अगले दिन 27 फरवरी 2019 को भारत और पाकिस्तान के लड़ाकू विमानों के बीच हवाई मुठभेड़ हुई थी। उस समय विंग कमांडर के पद पर तैनात अभिनंदन वर्धमान भी इस सैन्य घटनाक्रम का हिस्सा थे। इसी दौरान उनका विमान दुर्घटनाग्रस्त होकर पाकिस्तान के क्षेत्र में जा गिरा था और उन्हें पाकिस्तानी सेना ने हिरासत में ले लिया था।
अभिनंदन वर्धमान की हिरासत से जुड़े कई वीडियो उस समय सामने आए थे। इनमें उनका एक वीडियो भी काफी चर्चित हुआ था, जिसमें वह पाकिस्तानी अधिकारियों के सामने चाय पीते नजर आए थे। उनकी संयमित प्रतिक्रिया और व्यवहार की देशभर में चर्चा हुई थी।
करीब 60 घंटे बाद भारत लौटे थे
पाकिस्तान में हिरासत में लिए जाने के बाद अभिनंदन वर्धमान को लगभग 60 घंटे के भीतर भारत वापस भेज दिया गया था। उनकी वापसी को लेकर देश में व्यापक स्तर पर चर्चा हुई थी। बाद में भारत सरकार ने उनके साहस और कर्तव्यनिष्ठा के लिए उन्हें वीर चक्र से सम्मानित किया।
वर्ष 2019 में वह विंग कमांडर के पद पर तैनात थे। इसके बाद उन्होंने भारतीय वायुसेना में अपनी सेवा जारी रखी और आगे चलकर उन्हें पदोन्नति भी मिली।
सैन्य विमान उड़ाने के बाद अब नागरिक विमानन की ओर रुख
अभिनंदन वर्धमान का विमानन क्षेत्र में लंबा अनुभव रहा है। भारतीय वायुसेना में लड़ाकू विमान उड़ाने के बाद अब उनके नागरिक विमानन क्षेत्र में पायलट के तौर पर जुड़ने की खबर सामने आई है। हालांकि, उनकी नई भूमिका से संबंधित विस्तृत आधिकारिक जानकारी अभी सार्वजनिक नहीं हुई है।
उनके एफएलवाई91 से जुड़ने की खबर इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि यह उनके पेशेवर जीवन के एक नए चरण की ओर संकेत करती है। सैन्य विमानन में लंबे अनुभव के बाद नागरिक एयरलाइन में पायलट के रूप में काम करना उनके करियर में एक अलग दिशा को दर्शाता है।
आधिकारिक पुष्टि का अभी इंतजार
अभिनंदन वर्धमान के वायुसेना छोड़ने और एफएलवाई91 में शामिल होने को लेकर फिलहाल मीडिया रिपोर्टों और सूत्रों के हवाले से जानकारी सामने आई है। उनकी ओर से इस संबंध में आधिकारिक पुष्टि या फैसले की वजह सार्वजनिक किए जाने की जानकारी उपलब्ध नहीं है। इसलिए उनके वायुसेना छोड़ने के पीछे आर्थिक कारण होने की बात को फिलहाल निश्चित तथ्य के रूप में नहीं कहा जा सकता।
