नई दिल्ली। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रस्तावित संसद मार्च से पहले सोमवार को राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली पूरी तरह सुरक्षा घेरे में नजर आई। राजधानी के संवेदनशील इलाकों में अभूतपूर्व सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है। पुलिस ने पूरे क्षेत्र को 15 सुरक्षा जोन में विभाजित करते हुए करीब 5,000 पुलिसकर्मियों और अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की है। संसद भवन, जंतर-मंतर, इंडिया गेट, केंद्रीय सचिवालय, प्रमुख सरकारी कार्यालयों, अस्पतालों और दिल्ली मेट्रो नेटवर्क सहित कई महत्वपूर्ण स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया गया है।
ereSource : rer
राजधानी के संवेदनशील इलाकों में बहुस्तरीय सुरक्षा घेरा
प्रस्तावित प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने नई दिल्ली जिले के सभी संवेदनशील इलाकों में बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू की है। संसद परिसर, विजय चौक, नॉर्थ ब्लॉक, साउथ ब्लॉक, जंतर-मंतर और आसपास के क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। जगह-जगह बैरिकेडिंग की गई है और प्रत्येक आने-जाने वाले व्यक्ति एवं वाहन की सघन जांच की जा रही है।
15 सुरक्षा जोन में बांटी गई पूरी व्यवस्था
सुरक्षा प्रबंधन को प्रभावी बनाने के लिए पूरे इलाके को 15 अलग-अलग सुरक्षा जोन में विभाजित किया गया है। प्रत्येक जोन की निगरानी वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को सौंपी गई है। हर जोन में पर्याप्त संख्या में पुलिस बल, त्वरित कार्रवाई दल (QRT) और रिजर्व फोर्स तैनात की गई है ताकि किसी भी आपात स्थिति से तत्काल निपटा जा सके।
करीब 5 हजार जवान संभाल रहे मोर्चा
दिल्ली पुलिस के साथ अर्धसैनिक बलों के जवान भी सुरक्षा व्यवस्था में लगाए गए हैं। लगभग 5,000 सुरक्षा कर्मी राजधानी के विभिन्न हिस्सों में लगातार निगरानी कर रहे हैं। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त रिजर्व फोर्स को भी अलर्ट मोड में रखा गया है।
अस्पतालों और मेट्रो स्टेशनों पर भी विशेष सतर्कता
सुरक्षा एजेंसियों ने केवल प्रदर्शन स्थल तक ही अपनी तैयारी सीमित नहीं रखी है। राजधानी के प्रमुख सरकारी और निजी अस्पतालों को भी सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक चिकित्सा संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा गया है।
वहीं दिल्ली मेट्रो रेल नेटवर्क पर भी सुरक्षा बढ़ा दी गई है। प्रमुख मेट्रो स्टेशनों पर यात्रियों की अतिरिक्त जांच की जा रही है और सुरक्षा कर्मियों की संख्या बढ़ाई गई है। संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से लगातार निगरानी की जा रही है।
ड्रोन और सीसीटीवी से हो रही चौबीसों घंटे निगरानी
पूरे सुरक्षा अभियान के दौरान आधुनिक तकनीक का भी व्यापक उपयोग किया जा रहा है। संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी ड्रोन कैमरों और हाई-रिजॉल्यूशन सीसीटीवी नेटवर्क के माध्यम से की जा रही है। पुलिस कंट्रोल रूम से सभी गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है ताकि किसी भी स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके।
यातायात व्यवस्था पर भी विशेष फोकस
संसद मार्ग, जंतर-मंतर और आसपास के क्षेत्रों में यातायात प्रभावित होने की संभावना को देखते हुए ट्रैफिक पुलिस ने विशेष व्यवस्था की है। कई स्थानों पर वाहनों के लिए वैकल्पिक मार्ग निर्धारित किए गए हैं। लोगों को सलाह दी गई है कि यात्रा से पहले ट्रैफिक एडवाइजरी की जानकारी अवश्य लें।
पुलिस ने नागरिकों से की सहयोग की अपील
दिल्ली पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे सुरक्षा जांच में सहयोग करें और किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें। यदि किसी संदिग्ध व्यक्ति या वस्तु की जानकारी मिले तो तत्काल पुलिस को सूचित करें। प्रशासन ने लोगों से कानून-व्यवस्था बनाए रखने और निर्धारित दिशा-निर्देशों का पालन करने की भी अपील की है।
संसद सत्र के बीच बढ़ी चौकसी
मॉनसून सत्र के दौरान संसद की कार्यवाही जारी रहने के कारण सुरक्षा एजेंसियां अतिरिक्त सतर्कता बरत रही हैं। संसद परिसर और आसपास के इलाकों में सुरक्षा के कई स्तर बनाए गए हैं ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना की संभावना को रोका जा सके।
