erer | Source: ererमेरठ। उत्तर प्रदेश के मेरठ में एक व्यक्ति की संदिग्ध मौत की जांच के दौरान पुलिस के सामने ऐसा घटनाक्रम आया, जिसने पूरे मामले को नया मोड़ दे दिया। शुरुआती तौर पर सर्पदंश से हुई मौत मानी जा रही इस घटना में पुलिस जांच आगे बढ़ी तो कई ऐसे तथ्य सामने आए, जिनके आधार पर हत्या की कथित साजिश का खुलासा होने का दावा किया गया। जांच एजेंसियों के अनुसार, मामले में महिला और उसके कथित प्रेमी सहित अन्य लोगों की भूमिका की जांच की गई और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की गई।

शुरुआत में सर्पदंश का मामला माना गया

पुलिस के अनुसार, घटना के बाद शुरुआती तौर पर ऐसा प्रतीत हो रहा था कि व्यक्ति की मौत जहरीले सांप के काटने से हुई है। हालांकि जांच अधिकारियों को घटनास्थल और परिस्थितियों में कुछ ऐसे पहलू नजर आए, जिनसे उन्हें संदेह हुआ। इसके बाद मामले की गहन जांच शुरू की गई और तकनीकी साक्ष्यों को भी खंगाला गया।

जांच के दौरान पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण करने के साथ-साथ कॉल डिटेल, मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल रिकॉर्ड की भी पड़ताल की।

जांच में सामने आई कथित साजिश

पुलिस के अनुसार, जांच के दौरान यह जानकारी सामने आई कि मृतक की पत्नी ने वर्ष 2019 में प्रेम विवाह किया था। कुछ वर्षों बाद वैवाहिक जीवन में तनाव उत्पन्न होने लगा। पूछताछ में महिला ने कथित रूप से बताया कि वह पति के व्यवहार से परेशान थी। इसी दौरान उसकी पहचान तुषार नामक व्यक्ति से हुई और दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं।

पुलिस का आरोप है कि इसके बाद दोनों ने मिलकर पति को रास्ते से हटाने की योजना बनाई और मौत को प्राकृतिक घटना का रूप देने की कथित साजिश रची।

एक साल तक चर्चित मामलों पर रखी नजर

पुलिस जांच के अनुसार, महिला पिछले लगभग एक वर्ष से देशभर में सामने आए चर्चित हत्या के मामलों की जानकारी जुटा रही थी। जांच में दावा किया गया कि वह इंटरनेट और समाचार माध्यमों के जरिए ऐसे मामलों का अध्ययन करती थी और यह समझने का प्रयास कर रही थी कि किन कारणों से पुलिस आरोपियों तक पहुंची।

जांच एजेंसियों के अनुसार, उसने मेरठ के चर्चित नीला ड्रम हत्याकांड, बहसूमा के सांप कांड, इंदौर के राजा रघुवंशी हत्याकांड और पुणे के एक चर्चित हत्या मामले सहित कई घटनाओं से जुड़ी जानकारियां देखी थीं।

पुलिस का दावा- पहले दी गई नींद की गोलियां

पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने कथित रूप से पहले मृतक को दूध में नींद की गोलियां दीं। जब वह गहरी नींद में चला गया, तब जहरीले करैत सांप का इस्तेमाल कर मौत को सर्पदंश का रूप देने की कोशिश की गई।

जांच अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों को विश्वास था कि यदि मौत का कारण सर्पदंश माना जाएगा तो किसी को उन पर संदेह नहीं होगा। हालांकि पुलिस जांच में कई ऐसे तथ्य सामने आए, जिन्होंने इस कहानी पर सवाल खड़े कर दिए।

एक छोटी सी बात से बढ़ा पुलिस का शक

जांच के दौरान पुलिस के सामने सबसे बड़ा सवाल यह था कि जहरीला सांप घर के भीतर कैसे पहुंचा और सीधे उसी कमरे तथा बिस्तर तक कैसे पहुंच गया, जहां मृतक सो रहा था। इसी सवाल ने जांच की दिशा बदल दी।

इसके बाद पुलिस ने मृतक की पत्नी और उसके संपर्क में रहने वाले लोगों की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) की जांच शुरू की। जांच में कथित तौर पर तुषार से लगातार बातचीत और संदेश मिलने की जानकारी सामने आई।

मोबाइल से मिला अहम डिजिटल सबूत

पुलिस के अनुसार, तुषार के मोबाइल फोन की जांच में एक डिब्बे में बंद सांप की तस्वीर मिली। इस तस्वीर के आधार पर पुलिस उस व्यक्ति तक पहुंची, जिसने कथित तौर पर सांप उपलब्ध कराया था।

पूछताछ के दौरान पुलिस ने सोनू नामक सपेरे को हिरासत में लिया। पुलिस का दावा है कि पूछताछ में उसने स्वीकार किया कि उसने उदय नामक व्यक्ति के साथ मिलकर सांप पकड़कर तुषार को दिया था।

तकनीकी जांच ने खोली परतें

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस मामले में केवल घटनास्थल के साक्ष्य ही नहीं, बल्कि मोबाइल डेटा, कॉल रिकॉर्ड और डिजिटल सबूतों ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। जांच में मिले तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने पूरे घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ने का दावा किया है।

फिलहाल मामले में सभी आरोपों की जांच जारी है और संबंधित पक्षों के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। अंतिम निर्णय न्यायालय में प्रस्तुत साक्ष्यों और सुनवाई के बाद ही होगा।