
Tejashwi yadav
पटना, 30 अगस्त। आरक्षण के मुद्दे पर राजद नेता और बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी और चिराग पासवान पर निशाना साधा है। उन्होंने दोनों नेताओं पर आरक्षण के सवाल पर अलग-अलग बयान देकर जनता का ध्यान भटकाने का आरोप लगाया।
तेजस्वी यादव ने कहा कि अगर दोनों नेता वास्तव में आरक्षण के समर्थक हैं तो बिहार में बढ़ाई गई 65 प्रतिशत आरक्षण सीमा को संविधान की नौवीं अनुसूची में शामिल कराने की पहल करें। उन्होंने कहा कि आरक्षण समर्थक होने का दावा करने वाले नेताओं को इस मुद्दे पर स्पष्ट रुख सामने रखना चाहिए।
उन्होंने आरोप लगाया कि जीतन राम मांझी, चिराग पासवान, नीतीश कुमार और उपेंद्र कुशवाहा की पार्टियों की आरक्षण के सवाल पर स्पष्ट विचारधारा दिखाई नहीं देती। तेजस्वी ने कहा कि आरक्षित कोटे से चुनाव जीतकर सत्ता में आने वाले नेताओं को आरक्षण और संविधान विरोधी ताकतों के साथ खड़े होकर अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।
तेजस्वी ने कहा कि यदि आरक्षण को लेकर विरोध है तो संबंधित नेताओं को गैर-आरक्षित सीट से चुनाव लड़कर देखना चाहिए। उन्होंने इसे लेकर ‘गुड़ खाये, गुलगुले से परहेज’ वाली स्थिति बताया।
उन्होंने आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के पूर्व में आरक्षण की समीक्षा संबंधी बयान का भी जिक्र किया। तेजस्वी ने कहा कि बिहार की जनता ने पहले भी आरक्षण के मुद्दे पर अपना रुख स्पष्ट किया है और भविष्य में भी आरक्षण के साथ किसी तरह की छेड़छाड़ का विरोध करेगी।
