इंग्लैंड दौरे पर भारतीय टीम का अभियान निराशाजनक अंदाज में समाप्त हुआ। रविवार को लॉर्ड्स में खेले गए तीसरे और निर्णायक वनडे में मिली हार के साथ भारत ने सीरीज 2-1 से गंवा दी। मुकाबले में भारतीय गेंदबाजों ने 387 रन खर्च कर दिए, जिसके जवाब में टीम लक्ष्य तक नहीं पहुंच सकी। रोहित शर्मा के शतक और शुभमन गिल व विराट कोहली के अर्धशतकों के बावजूद भारत 27 रन से मुकाबला हार गया। इसके बाद बीसीसीआई के पूर्व मुख्य चयनकर्ता और 1983 विश्व कप विजेता टीम के सदस्य कृष्णमाचारी श्रीकांत ने टीम मैनेजमेंट की रणनीति पर सवाल खड़े किए।
Team India Selection controversy: 'संजू और वैभव सूर्यवंशी के बाद अब इस खिलाड़ी का करियर भी बर्बाद करेंगे!',पूर्व क्रिकेटर टीम इंडिया में किसपर भड़के?Source : Abp news.com
हालांकि भारत के शीर्ष तीन बल्लेबाजों ने अच्छी शुरुआत दिलाई, लेकिन ईशान किशन, श्रेयस अय्यर और केएल राहुल मैच को निर्णायक मोड़ तक नहीं ले जा सके। श्रीकांत ने खास तौर पर टीम मैनेजमेंट के उस फैसले की आलोचना की, जिसमें केएल राहुल को छठे नंबर पर बल्लेबाजी के लिए भेजा गया। उनका कहना था कि इतने बड़े लक्ष्य का पीछा करते समय अनुभवी बल्लेबाज को इतना नीचे भेजना समझ से परे है।
अपने यूट्यूब चैनल पर श्रीकांत ने कहा, "387 जैसे बड़े लक्ष्य का पीछा करते हुए आखिर केएल राहुल को छठे नंबर पर कौन भेजता है? इस खिलाड़ी ने मुश्किल परिस्थितियों में भारत को कई मैच जिताए हैं। क्या राहुल छठे या सातवें नंबर के बल्लेबाज हैं?"उन्होंने टीम प्रबंधन की रणनीति पर नाराजगी जताते हुए कहा कि इस फैसले ने टीम की जीत की संभावनाओं को प्रभावित किया।
श्रीकांत ने आगे कहा, "जिस तरह आपने संजू सैमसन और वैभव सूर्यवंशी का करियर खराब किया, उसी तरह अब केएल राहुल के साथ भी वैसा ही हो रहा है। यह पूरी तरह नाइंसाफी है। मैच के दौरान उनकी बॉडी लैंग्वेज भी बता रही थी कि वह सहज महसूस नहीं कर रहे थे।"
केएल राहुल 44वें ओवर के अंत में बल्लेबाजी करने उतरे, जब भारत को जीत के लिए सिर्फ 36 गेंदों में 84 रन चाहिए थे। विकेटकीपर-बल्लेबाज 8 गेंदों में 12 रन ही बना सके। श्रीकांत का मानना है कि यदि राहुल को पहले भेजा जाता तो नतीजा अलग हो सकता था।
उन्होंने कहा,"भारत को उस समय जोस बटलर जैसी भूमिका निभाने वाले बल्लेबाज की जरूरत थी। ईशान किशन और श्रेयस अय्यर जल्दी आउट हो गए थे। अगर राहुल चौथे नंबर पर आते तो वह विराट कोहली के साथ लंबी साझेदारी कर सकते थे, जैसा उन्होंने 2023 वनडे विश्व कप में कई मौकों पर किया था। लेकिन उन्हें तब बल्लेबाजी के लिए भेजा गया, जब मैच लगभग भारत के हाथ से निकल चुका था। अक्षर पटेल के साथ प्रति ओवर 15 रन की जरूरत होने पर कोई भी बल्लेबाज टीम को कैसे जीत दिला सकता था?"
