हैदराबाद के राजीव गांधी इंटरनेशनल स्टेडियम में खेले गए इंडियन प्रीमियर लीग 2026 के एक बेहद रोमांचक मुकाबले में सनराइजर्स हैदराबाद ने चेन्नई सुपर किंग्स को 10 रन से मात दी। यह मुकाबला पूरी तरह बल्लेबाजों के नाम रहा, जहाँ दोनों टीमों ने आक्रामक खेल दिखाया, लेकिन अंत में सनराइजर्स हैदराबाद की मजबूत डेथ गेंदबाजी ने मैच का रुख तय कर दिया।
टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए सनराइजर्स हैदराबाद ने 20 ओवर में 9 विकेट के नुकसान पर 194 रन बनाए। टीम की शुरुआत विस्फोटक रही, जहाँ युवा बल्लेबाज अभिषेक शर्मा ने सिर्फ 22 गेंदों में 59 रनों की तूफानी पारी खेली। उनकी इस पारी में चौकों-छक्कों की भरमार देखने को मिली, जिसने चेन्नई सुपर किंग्स के गेंदबाजों पर शुरुआत से ही दबाव बना दिया।
मिडिल ऑर्डर में हेनरिक क्लासेन ने 39 गेंदों में 59 रनों की जिम्मेदार पारी खेलकर टीम के स्कोर को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। हालांकि, चेन्नई सुपर किंग्स के गेंदबाजों ने बीच के ओवरों में वापसी की कोशिश की, लेकिन अंत के ओवरों में रन लीक होने से सनराइजर्स हैदराबाद 190 के पार पहुंचने में सफल रही।
चेन्नई सुपर किंग्स की ओर से गेंदबाजी में अंशुल कम्बोज सबसे सफल रहे, जिन्होंने 3 विकेट झटके। इसके बावजूद बाकी गेंदबाजों की महंगी स्पेल टीम के लिए भारी पड़ गई।
195 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी चेन्नई सुपर किंग्स की शुरुआत संतुलित रही। ओपनर्स ने टीम को मजबूत आधार दिया, लेकिन मैच का असली टर्निंग पॉइंट मिडिल ओवर्स साबित हुए। इस दौरान रन गति धीमी पड़ गई और विकेट भी गिरते रहे, जिससे टीम दबाव में आ गई।
अंतिम ओवरों में चेन्नई सुपर किंग्स के बल्लेबाजों ने तेजी से रन बनाने की कोशिश की, लेकिन लक्ष्य तक पहुंचने में नाकाम रहे और टीम 20 ओवर में 184/8 ही बना सकी।
सनराइजर्स हैदराबाद की ओर से गेंदबाजी में ईशान मलिंगा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 3 विकेट लिए और चेन्नई सुपर किंग्स की बल्लेबाजी की कमर तोड़ दी। खासकर डेथ ओवर्स में उनकी सटीक गेंदबाजी ने चेन्नई को मैच से बाहर कर दिया।
इस जीत के साथ सनराइजर्स हैदराबाद ने न सिर्फ दो महत्वपूर्ण अंक हासिल किए, बल्कि पॉइंट्स टेबल में अपनी स्थिति भी मजबूत कर ली। वहीं, चेन्नई सुपर किंग्स के लिए यह हार मिडिल ओवर्स की धीमी बल्लेबाजी और डेथ ओवर्स में खराब गेंदबाजी का नतीजा रही।
कुल मिलाकर, यह मुकाबला ट्वेंटी-ट्वेंटी क्रिकेट का एक बेहतरीन उदाहरण रहा, जहाँ आक्रामक बल्लेबाजी, रणनीतिक गेंदबाजी और छोटे-छोटे मोमेंट्स ने मैच का फैसला किया।
