पटना। बिहार में छात्रों के आंदोलन के बीच भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने सरकार का पक्ष रखते हुए कहा कि विद्यार्थियों की समस्याओं को सीधे सरकार तक पहुंचाने के लिए ‘विद्यार्थी सहयोग पोर्टल’ शुरू किया गया है। उन्होंने कहा कि छात्रों की जायज मांगों पर सरकार गंभीर है और बातचीत के जरिए समाधान की प्रक्रिया जारी है।
सरावगी ने कहा कि शिक्षक भर्ती के लिए TRE-4 के तहत 32,388 पदों का विज्ञापन जारी किया जा चुका है। उन्होंने दावा किया कि छात्रों की ओर से करीब 20 हजार पदों की मांग की जा रही थी, जबकि सरकार ने इससे अधिक पदों पर भर्ती का अवसर दिया है। एक सितंबर से आवेदन प्रक्रिया शुरू होने की बात भी उन्होंने कही।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि सरकार की पहल केवल सरकारी नौकरियों तक सीमित नहीं है। स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के तहत पात्र विद्यार्थियों को चार लाख रुपये तक का शिक्षा ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके अलावा 211 ऐसे प्रखंडों में डिग्री स्तर की पढ़ाई शुरू कराने का निर्णय लिया गया है, जहां अब तक डिग्री कॉलेज की सुविधा नहीं थी।
परीक्षा व्यवस्था को लेकर सरावगी ने कहा कि परीक्षाओं को अधिक पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने के लिए विशेषज्ञ समिति गठित की गई है। छात्र प्रतिनिधियों से बातचीत की जा रही है और अधिकारियों को भी उनकी समस्याएं सुनने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि छात्रों की जो भी जायज मांग होगी, सरकार उस पर विचार करेगी।
छात्र आंदोलन को लेकर उन्होंने विपक्ष पर भी निशाना साधा। सरावगी ने नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव पर आरोप लगाया कि वे छात्र हित की आड़ में आंदोलन को राजनीतिक मंच बनाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि छात्रों की समस्याओं का समाधान राजनीतिक मंच के बजाय सरकार और विद्यार्थियों के बीच संवाद से होना चाहिए।
सरावगी ने कहा कि सरकार का फोकस शिक्षा, रोजगार और परीक्षा सुधार पर है। उन्होंने छात्रों से अपील की कि अपनी समस्याएं सरकार के समक्ष संस्थागत माध्यम से रखें, ताकि उनका समाधान कि
या जा सके।
