नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में मंगलवार को उस समय राजनीतिक हलचल तेज हो गई जब लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पहली बार प्रधानमंत्री आवास 7 लोक कल्याण मार्ग के बाहर धरने पर बैठ गए। उनके साथ कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे तथा पार्टी के कई वरिष्ठ नेता भी मौजूद रहे। कांग्रेस नेताओं ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर यह प्रदर्शन किया। इस दौरान राहुल गांधी पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के आवास से पैदल मार्च करते हुए धरना स्थल तक पहुंचे, जिसने पूरे घटनाक्रम को और अधिक चर्चा का विषय बना दिया।
खरगे के आवास से पैदल मार्च कर पहुंचे राहुल गांधी
धरना शुरू होने से पहले कांग्रेस नेताओं ने रणनीति बनाई, जिसके बाद राहुल गांधी मल्लिकार्जुन खरगे के आवास से पैदल निकलकर प्रधानमंत्री आवास के निकट पहुंचे। उनके साथ पार्टी के कई सांसद और वरिष्ठ नेता भी मौजूद रहे। प्रधानमंत्री आवास के बाहर पहुंचने के बाद कांग्रेस नेताओं ने धरना शुरू किया और केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
लोकसभा में मुद्दा नहीं उठने देने का लगाया आरोप
कांग्रेस का कहना है कि छात्रों पर हुए पुलिस बल प्रयोग का मुद्दा लोकसभा में उठाने की अनुमति नहीं दी गई। पार्टी नेताओं का आरोप है कि सदन में इस विषय पर चर्चा से विपक्ष को रोका गया। कांग्रेस के अनुसार, इसी के विरोध में प्रधानमंत्री आवास के बाहर धरना देने का निर्णय लिया गया। पार्टी का दावा है कि छात्रों से जुड़े इस मुद्दे पर सरकार को जवाब देना चाहिए।
धरना स्थल पर दो मुख्यमंत्रियों की भी रही मौजूदगी
धरना स्थल पर कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेताओं के अलावा दो राज्यों के प्रमुख नेताओं की उपस्थिति भी देखने को मिली। जानकारी के अनुसार, केरल के मुख्यमंत्री वीडी सतीशन और कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार भी वहां पहुंचे। बताया गया कि दोनों नेताओं ने राहुल गांधी से मुलाकात की और इसके बाद वहां से रवाना हो गए।
प्रधानमंत्री से माफी और इस्तीफे की मांग
धरने के दौरान कांग्रेस नेताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ नारे लगाए और छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर उनसे माफी मांगने की मांग की। राहुल गांधी ने संसद परिसर में पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि इस मामले में प्रधानमंत्री को जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि छात्रों के खिलाफ हुई कार्रवाई को लेकर सरकार को स्पष्ट जवाब देना चाहिए।
गृह मंत्री अमित शाह पर भी साधा निशाना
राहुल गांधी ने केवल प्रधानमंत्री ही नहीं, बल्कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि छात्रों की पिटाई के मामले में गृह मंत्री को भी नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए अपना पद छोड़ देना चाहिए। कांग्रेस का आरोप है कि छात्रों के साथ हुई कार्रवाई लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुरूप नहीं है।
प्रियंका गांधी बोलीं— विपक्ष को बोलने नहीं दिया जाता
धरने के दौरान प्रियंका गांधी ने कहा कि विपक्ष लगातार सदन में इस मुद्दे पर चर्चा की मांग कर रहा है, लेकिन उसे अपनी बात रखने का अवसर नहीं दिया जा रहा। उन्होंने कहा कि संसद उन युवाओं की भी है जिन पर लाठीचार्ज किया गया और जिनके खिलाफ आंसू गैस के गोले छोड़े गए। प्रियंका गांधी ने कहा कि छात्रों की बात सुनी जानी चाहिए और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफा लिया जाना चाहिए।
घायल छात्रों से अस्पताल में की मुलाकात
धरने से पहले राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने राम मनोहर लोहिया अस्पताल पहुंचकर प्रदर्शन के दौरान घायल हुए छात्रों से मुलाकात की। दोनों नेताओं ने छात्रों का हालचाल जाना और उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली। कांग्रेस का कहना है कि छात्रों के साथ हुई घटना गंभीर है और इसकी निष्पक्ष जवाबदेही तय की जानी चाहिए।
दिल्ली में गरमाई राजनीतिक सरगर्मी
प्रधानमंत्री आवास के बाहर कांग्रेस के इस प्रदर्शन ने राजधानी की राजनीति को नई दिशा दे दी है। संसद के भीतर जारी गतिरोध के बीच सड़क पर उतरकर विरोध दर्ज कराने की कांग्रेस की रणनीति को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। प्रदर्शन के दौरान पार्टी नेताओं ने केंद्र सरकार पर छात्रों के मुद्दे की अनदेखी करने का आरोप लगाया और लगातार शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग दोहराई।
