
बॉलीवुड की टैलेंटेड एक्ट्रेस राधिका मदान ने फिल्म इंडस्ट्री में 'आउटसाइडर्स' के साथ होने वाले भेदभाव को लेकर एक ऐसा चौंकाने वाला खुलासा किया है, जिसने पूरी इंडस्ट्री में नई बहस छेड़ दी है। छोटे पर्दे से अपने करियर की शुरुआत कर बॉलीवुड में अपनी मजबूत पहचान बनाने वाली राधिका ने बताया कि कैसे उन्हें एक बड़ी सीरीज में सिर्फ उनके 'सरनेम' की वजह से बिना ऑडिशन दिए ही रिजेक्ट कर दिया गया था और काम पाने के लिए उन्हें मेकर्स के सामने 'मिन्नतें' तक करनी पड़ी थीं।
राधिका मदान जल्द ही नेटफ्लिक्स की चर्चित सीरीज 'लस्ट स्टोरीज 3' में नजर आने वाली हैं, जिसका निर्देशन मशहूर डायरेक्टर शकुन बत्रा ने किया है और इसमें उनके साथ अली फजल मुख्य भूमिका में हैं।
इस सीरीज में कास्ट होने के अपने संघर्ष को याद करते हुए राधिका ने बताया:
"जब मुझे पता चला कि शकुन बत्रा इस प्रोजेक्ट को डायरेक्ट कर रहे हैं, तो मैं किसी भी हाल में इसका हिस्सा बनना चाहती थी। लेकिन शुरुआत में मुझे ऑडिशन देने तक का मौका नहीं दिया जा रहा था। मुझे सिर्फ मेरे 'सरनेम' और बैकग्राउंड के कारण लिस्ट से बाहर कर दिया गया था। मुझे मेकर्स से खुद के लिए केवल एक ऑडिशन राउंड रखने की भीख मांगनी पड़ी, मिन्नतें करनी पड़ीं कि 'प्लीज, मुझे जज करने से पहले कम से कम मेरा ऑडिशन तो देख लो।'"
आखिरकार, उनकी जिद और मिन्नतों के बाद मेकर्स ऑडिशन के लिए तैयार हुए और राधिका ने अपने दमदार अभिनय से शकुन बत्रा को हैरान कर दिया, जिसके बाद उन्हें तुरंत रोल के लिए साइन कर लिया गया।
तमाम रिजेक्शंस और सरनेम के आधार पर हुए भेदभाव के बावजूद, राधिका ने कभी हार नहीं मानी। विशाल भारद्वाज की फिल्म 'पटाखा' (2018) से बॉलीवुड डेब्यू करने वाली राधिका ने 'मर्द को दर्द नहीं होता', दिवंगत अभिनेता इरफान खान के साथ 'अंग्रेजी मीडियम', 'सजिनी शिंदे का वायरल वीडियो' और हाल ही में अनिल कपूर के साथ फिल्म 'सूबेदार' में अपनी एक्टिंग का लोहा मनवाया है।
आज राधिका उस मुकाम पर हैं जहां वह खुद अपनी स्क्रिप्ट चुन सकती हैं, लेकिन उनका यह ताजा खुलासा दिखाता है कि बॉलीवुड में आज भी किसी 'आउटसाइडर' के लिए रास्ता उतना आसान नहीं है, जितना बाहर से दिखाई देता है।
