
मुशर्रफ हुसैन:
जौनपुर। लोकसभा क्षेत्र मछलीशहर के अंतर्गत आने वाले सलखापुर, परियावां, धनेजा और आसपास के गांवों के लोगों की लंबे समय से चली आ रही समस्या को लेकर सांसद प्रिया सरोज ने एक बार फिर पहल की है। उन्होंने उत्तर रेलवे के लखनऊ मंडल के मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) को पत्र भेजकर सलखापुर रेलवे स्टेशन के दक्षिण दिशा में किलोमीटर 39/14 पर अंडरपास बनाने की मांग की है। सांसद का कहना है कि यह अंडरपास बनने से हजारों ग्रामीणों को सुरक्षित और आसान आवागमन की सुविधा मिल सकेगी।
सांसद प्रिया सरोज ने अपने पत्र में बताया है कि जौनपुर–प्रयागराज रेलवे लाइन पर इस समय दोहरीकरण का काम चल रहा है। ऐसे में रेलवे लाइन के दोनों ओर रहने वाले लोगों को रोजाना काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। रेलवे क्रॉसिंग या अंडरपास नहीं होने के कारण ग्रामीणों को अपनी जान जोखिम में डालकर रेलवे ट्रैक पार करना पड़ता है। यह स्थिति बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं के लिए और भी ज्यादा परेशानी खड़ी कर रही है।
उन्होंने कहा कि इस रास्ते का इस्तेमाल केवल गांव के लोग ही नहीं, बल्कि स्कूली छात्र-छात्राएं, किसान और रोज काम पर आने-जाने वाले लोग भी करते हैं। परियावां स्थित भारतीय स्टेट बैंक, सलखापुर बाजार और आसपास की कृषि भूमि तक पहुंचने का यह प्रमुख मार्ग है। ऐसे में हर दिन बड़ी संख्या में लोगों को रेलवे लाइन पार करनी पड़ती है।
सांसद ने अपने पत्र में यह भी उल्लेख किया है कि इस समस्या को पहले भी रेलवे के सामने उठाया जा चुका है, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है। वहीं दूसरी ओर रेलवे लाइन का दोहरीकरण तेजी से आगे बढ़ रहा है। ऐसे में अगर इसी दौरान अंडरपास का निर्माण कर दिया जाए तो बाद में अलग से काम कराने की जरूरत नहीं पड़ेगी और लोगों को जल्द राहत मिल सकेगी।
प्रिया सरोज ने रेलवे अधिकारियों से आग्रह किया है कि जनसुरक्षा को सबसे पहली प्राथमिकता दी जाए। उनका कहना है कि अंडरपास बनने से दुर्घटनाओं की आशंका काफी हद तक कम होगी और लोगों को सुरक्षित रास्ता मिलेगा। साथ ही किसानों को अपने खेतों तक पहुंचने में भी आसानी होगी और बाजार आने-जाने वाले लोगों का समय भी बचेगा।
क्षेत्र के लोगों ने भी सांसद की इस पहल का स्वागत किया है। ग्रामीणों का कहना है कि वर्षों से इस मांग को पूरा करने की जरूरत महसूस की जा रही थी। यदि अंडरपास का निर्माण हो जाता है तो सलखापुर, परियावां, धनेजा समेत आसपास के कई गांवों के हजारों लोगों को सीधा लाभ मिलेगा।
अब सभी की नजर रेलवे प्रशासन के फैसले पर है। क्षेत्रवासियों को उम्मीद है कि उनकी लंबे समय से चली आ रही इस समस्या का जल्द समाधान होगा और आने वाले समय में उन्हें सुरक्षित तथा सुगम आवागमन की सुविधा मिल सकेगी।
