नई दिल्ली: संसद का मानसून सत्र 2026 सोमवार से शुरू हो गया। सत्र के हंगामेदार रहने की संभावना के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद भवन परिसर में मीडिया को संबोधित करते हुए सभी राजनीतिक दलों से सकारात्मक माहौल में सदन चलाने की अपील की। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सार्थक बहस, तर्क और तथ्यों के आधार पर होनी चाहिए, ताकि देशहित में महत्वपूर्ण फैसले लिए जा सकें।
‘मानसून और मानसून सत्र दोनों देश के लिए अहम’
प्रधानमंत्री ने कहा कि यह मानसून सत्र कई मायनों में महत्वपूर्ण है क्योंकि सरकार कई अहम विधेयक सदन में पेश करने की तैयारी कर रही है। उन्होंने कहा कि जैसे अच्छी बारिश देश के लिए जरूरी होती है, उसी तरह संसद का सुचारु रूप से चलना भी देश के विकास के लिए आवश्यक है। उन्होंने सभी सांसदों से सदन की कार्यवाही में सक्रिय और सकारात्मक भूमिका निभाने की अपील की।
‘तर्क और तथ्य से मजबूत होगा लोकतंत्र’
पीएम मोदी ने कहा कि जब किसी के पास ठोस तर्क और तथ्य होते हैं, तो अपनी बात शांतिपूर्वक और प्रभावी ढंग से रखी जा सकती है। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस सत्र में सभी दलों को अपनी बात रखने का अवसर मिलेगा और हर विचार का सम्मान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अनुभवी सांसदों का ज्ञान और अनुभव देश को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभा सकता है।
दुनिया में युद्ध के माहौल का किया जिक्र
प्रधानमंत्री ने कहा कि दुनिया के कई हिस्सों में जारी संघर्ष और युद्ध की स्थिति वैश्विक चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया में तनाव के कारण ऊर्जा आपूर्ति और पेट्रोलियम उत्पादों पर असर पड़ा, जिससे कई देशों को चुनौतियों का सामना करना पड़ा। इसके बावजूद भारत ने आर्थिक मजबूती बनाए रखी और दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में अपनी जगह कायम रखी।
विकास परियोजनाओं का किया उल्लेख
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने हाल के महीनों में शुरू हुई कई प्रमुख परियोजनाओं का भी जिक्र किया। उन्होंने राजस्थान में नई ऑयल रिफाइनरी, देश के तीसरे सेमीकंडक्टर प्लांट और ग्रीन हाइड्रोजन ट्रेन जैसी उपलब्धियों को भारत की तकनीकी और औद्योगिक प्रगति का उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि इन सफलताओं के पीछे वैज्ञानिकों, इंजीनियरों, उद्यमियों और श्रमिकों की मेहनत है।
युवाओं और स्टार्टअप की सराहना
पीएम मोदी ने भारतीय युवाओं और स्टार्टअप इकोसिस्टम की भी प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि अंतरिक्ष क्षेत्र में भारतीय युवाओं ने नई उपलब्धियां हासिल की हैं और निजी क्षेत्र की भागीदारी लगातार बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि देश के युवाओं की क्षमता असीमित है और यही भारत के उज्ज्वल भविष्य की सबसे बड़ी ताकत है।
