लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी को Z श्रेणी की सुरक्षा देने का बिहार सरकार का फैसला। | Source: Social media

लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी को Z श्रेणी की सुरक्षा देने का बिहार सरकार का फैसला।Source : Social media

बिहार की राजनीति में शुक्रवार को उस समय नया मोड़ आ गया, जब खबर सामने आई कि राज्य सरकार ने पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी को Z श्रेणी की सुरक्षा देने का फैसला किया है। हालांकि, देर रात तक इस संबंध में कोई आधिकारिक अधिसूचना जारी नहीं की गई थी। यह फैसला ऐसे समय आया है, जब पिछले कुछ हफ्तों से दोनों नेताओं की सुरक्षा व्यवस्था और सरकारी आवास को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज थी। पहले उनकी Z Plus सुरक्षा हटाए जाने पर विपक्ष ने सरकार को घेरा था, वहीं अब सुरक्षा बढ़ाने की खबर ने एक बार फिर बिहार की सियासत को गर्मा दिया है। हालांकि, लालू परिवार का कहना है कि उन्हें इस फैसले की जानकारी फिलहाल केवल मीडिया रिपोर्ट्स के जरिए मिली है और अभी तक कोई आधिकारिक पत्र प्राप्त नहीं हुआ है।

सरकार ने लिया नया फैसला

जानकारी के अनुसार, बिहार सरकार ने लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी को Z श्रेणी की सुरक्षा देने का निर्णय लिया है। हालांकि खबर लिखे जाने तक गृह विभाग की ओर से कोई आधिकारिक आदेश जारी नहीं हुआ था। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, दोनों नेताओं की सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने की तैयारी पूरी कर ली गई है।

पहले हटाई गई थी Z Plus सुरक्षा

इससे पहले 4 जून को दोनों नेताओं की Z Plus सुरक्षा वापस लेकर पूर्व मुख्यमंत्री के रूप में मिलने वाली SSG सुरक्षा दी गई थी। इस फैसले का लालू परिवार ने विरोध किया और सुरक्षा लेने से इनकार कर दिया। इस मुद्दे पर राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने सरकार पर राजनीतिक बदले की भावना से कार्रवाई करने का आरोप लगाया था।

सुरक्षा को लेकर हुई थी सियासत

सुरक्षा में बदलाव के बाद 10 सर्कुलर रोड स्थित आवास के बाहर RJD कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन भी किया और अपने नेताओं की सुरक्षा की मांग को लेकर लगातार डटे रहे। वहीं, BJP और JDU का कहना था कि सुरक्षा एजेंसियों की समीक्षा रिपोर्ट के आधार पर ही यह फैसला लिया गया था। इसी दौरान लालू प्रसाद बिना सुरक्षा घेरे के घर से बाहर भी निकले, जिसके बाद सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने कहा कि उन्हें किसी तरह का विशेष खतरा नहीं है।

Z श्रेणी की सुरक्षा में क्या मिलेगा?

Z श्रेणी की सुरक्षा के तहत करीब 22 सुरक्षाकर्मी अलग-अलग शिफ्ट में 24 घंटे तैनात रहते हैं। सुरक्षा घेरे में NSG के प्रशिक्षित जवान भी शामिल हो सकते हैं और वीआईपी के काफिले के साथ एस्कॉर्ट वाहन भी चलता है। हालांकि लालू परिवार का कहना है कि उन्हें इस फैसले की जानकारी फिलहाल मीडिया के माध्यम से मिली है और अभी तक कोई आधिकारिक पत्र प्राप्त नहीं हुआ है।

आवास विवाद के बीच आया फैसला

इसी बीच राबड़ी देवी ने शुक्रवार को करीब 20 साल पुराने सरकारी आवास को औपचारिक रूप से खाली कर उसकी चाबी भवन निर्माण विभाग को सौंप दी। अब वह लालू प्रसाद के साथ कौटिल्य नगर स्थित निजी आवास में रह रही हैं। उन्हें नेता प्रतिपक्ष के तौर पर 39 हार्डिंग रोड का सरकारी आवास आवंटित किया गया है, लेकिन परिवार अभी वहां नहीं गया है। ऐसे समय में Z श्रेणी की सुरक्षा देने की खबर सामने आने से राजनीतिक हलकों में नई चर्चा शुरू हो गई है।