Source: Pinterest

Source: Pinterest

कॉफी दुनिया भर में सबसे ज्यादा पसंद किये जाने वाला पेय पादर्थ में से एक है, लेकिन क्या आप एक ऐसी कॉफी के बारे मे जानते हैं जो इंडोनेशिया की मशहूर कोपी लुवाक (Kopi Luwak) इसी अनोखी प्रक्रिया से बनाई जाती है एक जंगली जानवर के पॉटी से तैयार की जाती है, यह जानकर आपको हैरत ज़रूर होगी लेकिन यही हक़ीक़त है। ये कॉफी दुनिया की सबसे महंगी कॉफी में शुमार होता है। इसका नाम है कोपी लुवाक, जिसका कीमत हैरान कर देने वाला है। एक कप कोपी लुवाक का कीमत 8-9 हज़ार के क़रीब , जबकि एक किलो कॉफी 1 लाख से भी ज्यादा रुपये में मिलती है।

कैसे बनती है कोपी लुवाक कॉफी? आइये जानते हैं

कोपी लुवाक का संबंध दक्षिण-पूर्व एशिया में पाए जाने वाले एशियन पाम सिवेट नाम के छोटे जंगली जानवर से है। यह जानवर रात में सक्रिय रहता है और जंगलों में मिलने वाले फल, जामुन और अन्य खाद्य पदार्थों के साथ पकी हुई कॉफी चेरी भी बड़े शौक से खाता है। कॉफी चेरी का गूदा उसके पेट में पच जाता है, लेकिन उसके अंदर मौजूद कॉफी बीन्स पूरी तरह नहीं पचता। ये बीन्स पॉटी के साथ बाहर निकल आते हैं। बाद में इसे इकट्ठा किया जाता है, कई बार धोकर पूरी तरह साफ किया जाता है, फिर धूप में सुखाया जाता है और फिर भूनने के बाद इनसे कॉफी तैयार की जाती है। सालों पहले इस प्रक्रिया को इंडोनेशिया के कॉफी बागानों में काम करने वाले मजदूरों ने पहचाना था।

इतनी महंगी और खास क्यों मानी जाती है?

विशेषज्ञों के मुताबिक, सिवेट के पाचन तंत्र से गुजरने के दौरान प्राकृतिक एंजाइम और पेट के एसिड कॉफी बीन्स में मौजूद कुछ प्रोटीन को तोड़ देते हैं। इससे कॉफी की कड़वाहट कम हो जाती है और उसका स्वाद और कॉफी के मुकाबले मेें ज्यादा खुशबूदार और हल्का चॉकलेटी हो जाता है। इसके अलावा, जंगली सिवेट सिर्फ सबसे अच्छी और पूरी तरह पकी हुई कॉफी चेरी का ही चुनाव करते हैं, जिससे तैयार होने वाली कॉफी की क्वालिटी बेहतर मानी जाती है। कम मात्रा में उत्पादन, अनोखी प्रक्रिया और अंतरराष्ट्रीय बाजार में ज़्यादा डिमांड के कारण इसकी कीमत काफी ज़्यादा हो जाती है ।यही वजह है कि इसे दुनिया की सबसे प्रीमियम और महंगी कॉफी में शामिल किया जाता है।

इस कॉफी के पीछे छिपा का कड़वा सच

कोपी लुवाक की बढ़ती डिमांड ने एशियन पाम सिवेट के लिए कई मुश्किलें खड़ी कर दी हैं। ज़्यादा से ज़्यादा मुनाफा कमाने के लिए कई जगहों पर इन जंगली जानवरों को पकड़कर छोटे-छोटे पिंजरों में कैद कर दिया जाता है और उन्हें जबरन सिर्फ कॉफी चेरी ही खिलाई जाती है। इससे उनका प्राकृतिक खान पान, व्यवहार और जीवन पूरी तरह बदल जाता है। लगातार कैद में रहने और एक जैसा भोजन मिलने से ये जानवर तनाव, कुपोषण और कई बीमारियों का शिकार हो जाते हैं. कई मामलों में उनकी समय से पहले मौत भी हो जातीहै। हालांकि इंडोनेशिया में जंगली सिवेट को पकड़ने पर नियम और सीमाएं तय हैं, लेकिन एक्सपर्ट का कहना है कि इनका पालन हर जगह प्रभावी ढंग से नहीं हो पाता।