बिहार की राजनीति में बदलाव के बीच जेडीयू ने अपने विधायक दल के नए नेता का चुनाव कर लिया है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने यह जिम्मेदारी अपने पुराने और भरोसेमंद साथी श्रवण कुमार को सौंपी है।
श्रवण कुमार नालंदा से कई बार विधायक रह चुके हैं और नीतीश सरकार में लंबे समय तक ग्रामीण विकास विभाग संभाल चुके हैं। समता पार्टी के समय से ही वे नीतीश कुमार के साथ जुड़े रहे हैं, इसलिए उन्हें पार्टी का बेह विश्वसनीय नेता माना जाता है। लगातार 1995 से नालंदा सीट जीतते आना उनकी पकड़ को और मजबूत दिखाता है। इसी अनुभव और करीबी रिश्ते की वजह से नीतीश कुमार ने उन पर दोबारा भरोसा जताया है।
नीतीश कुमार के इस्तीफे के बाद यह पद खाली था। हाल ही में जेडीयू की एक बैठक में इस पर चर्चा हुई थी। मंजूरी मिलने के बाद श्रवण कुमार के नाम को विधानसभा भेजा गया और अब औपचारिक नोटिफिकेशन जारी हो चुका है। इसके साथ ही विधायक दल के नेता का चुनाव प्रक्रिया पूरी हो गई है।
इसी महीने 18 अप्रैल को गृह विभाग ने उनकी सुरक्षा भी बढ़ाई थी। श्रवण कुमार को वाई प्लस सुरक्षा दी गई है। इसी दिन नीतीश कुमार के बेटे निशांत को जेड सुरक्षा, और पूर्व उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा को भी जेड श्रेणी की सुरक्षा दी गई थी।
नई एनडीए सरकार के गठन के बाद माना जा रहा है कि श्रवण कुमार को फिर से ग्रामीण विकास विभाग की जिम्मेदारी दी जा सकती है, क्योंकि इस विभाग में उनका लंबा अनुभव है और वे नीतीश कुमार के सबसे भरोसेमंद नेताओं में से एक हैं।
