कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके. Source : Abp News
नई दिल्ली: दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे प्रदर्शन के दौरान कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके पर स्याही फेंके जाने की घटना सामने आई है। आरोप है कि एक महिला ने उन पर स्याही फेंकी और थप्पड़ मारने की भी कोशिश की। इस घटना के बाद प्रदर्शन स्थल पर कुछ देर के लिए हंगामे जैसी स्थिति बन गई। घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें देखा जा सकता है कि महिला अचानक अभिजीत दीपके के पास पहुंचती है और उन पर स्याही जैसा पदार्थ फेंक देती है। घटना के बाद अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर प्रतिक्रिया देते हुए लिखा, “ब्लू मेरा रंग है… जय भीम!” उनका यह पोस्ट अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
शनिवार सुबह से ही जंतर-मंतर पर हलचल का माहौल बना रहा। सबसे पहले दिल्ली पुलिस ने 21 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को मेडिकल निगरानी में सफदरजंग अस्पताल पहुंचाया। पुलिस की इस कार्रवाई के बाद प्रदर्शन स्थल पर मौजूद लोगों में नाराजगी देखने को मिली। सोनम वांगचुक को अस्पताल ले जाए जाने के बाद अभिजीत दीपके ने उनके समर्थन में खुद अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू करने का ऐलान कर दिया। इसी बीच दिन में उनके साथ स्याही फेंकने की यह घटना सामने आई, जिसने पूरे घटनाक्रम को और चर्चा में ला दिया।
अभिजीत दीपके ने शुरू की भूख हड़ताल, समर्थकों ने महिला को पकड़ा
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जब अभिजीत दीपके अपने समर्थकों के बीच मौजूद थे, तभी एक महिला उनके करीब पहुंची और उन पर स्याही फेंक दी। आरोप यह भी है कि महिला ने उन्हें थप्पड़ मारने की कोशिश की। हालांकि, मौके पर मौजूद वॉलंटियर्स और समर्थकों ने तुरंत हस्तक्षेप करते हुए महिला को पकड़ लिया, जिसके बाद स्थिति को नियंत्रित कर लिया गया।
सोनम वांगचुक को जंतर-मंतर से हटाए जाने के विरोध में अभिजीत दीपके ने तत्काल प्रभाव से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू करने की घोषणा की। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर इसकी जानकारी दी और कहा कि वह इस आंदोलन को आगे बढ़ाने के लिए भूख हड़ताल पर बैठ रहे हैं।
सोशल मीडिया पर दी प्रतिक्रिया, पोस्ट हुआ वायरल
स्याही फेंके जाने की घटना के बाद अभिजीत दीपके ने एक्स पर संक्षिप्त प्रतिक्रिया देते हुए लिखा, “ब्लू मेरा रंग है… जय भीम!” उनका यह पोस्ट सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वहीं, जंतर-मंतर पर हुए पूरे घटनाक्रम को लेकर राजनीतिक और सामाजिक हलकों में भी चर्चा तेज हो गई है। सोनम वांगचुक को अस्पताल भेजे जाने, उसके बाद अभिजीत दीपके की भूख हड़ताल और फिर उनके साथ हुई इस घटना ने पूरे विरोध प्रदर्शन को एक नया मोड़ दे दिया है।

