भारत और अफगानिस्तान के रिश्तों में एक और अहम कदम देखने को मिला है। अफगानिस्तान के कृषि, सिंचाई और पशुपालन मंत्री मौलवी अताउल्लाह ओमारी की छह दिवसीय भारत यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच कृषि सहयोग को और मजबूत करने पर सहमति बनी। भारत ने अफगानिस्तान को जलवायु अनुकूल बीज, जैव-संवर्धित बीज, आधुनिक सिंचाई तकनीक और जल संरक्षण के क्षेत्र में सहयोग जारी रखने का भरोसा दिया।
भारत दौरे पर आए अफगान कृषि मंत्री
7 से 12 जुलाई तक भारत दौरे पर रहे अफगान कृषि मंत्री मौलवी अताउल्लाह ओमारी ने केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान, खाद्य प्रसंस्करण मंत्री चिराग पासवान और विदेश राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा से मुलाकात की। इस दौरान दोनों देशों के बीच कृषि और खाद्य सुरक्षा से जुड़े कई मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई।
कृषि क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर सहमति
बैठक के दौरान भारत ने अफगानिस्तान को जलवायु अनुकूल (Climate-Resilient) और जैव-संवर्धित (Bio-Fortified) बीज, आधुनिक सिंचाई प्रणाली, जल संरक्षण तकनीक, वाटरशेड विकास और कृषि अनुसंधान में सहयोग देने का भरोसा दिया। दोनों देशों ने खाद्य सुरक्षा, बीज प्रणाली, फसल उत्पादकता बढ़ाने और कृषि व्यापार को मजबूत करने पर भी सहमति जताई।
फूड प्रोसेसिंग और व्यापार पर भी हुई चर्चा
खाद्य प्रसंस्करण मंत्री चिराग पासवान के साथ हुई बैठक में फूड प्रोसेसिंग तकनीक, वैल्यू एडिशन, कृषि इंफ्रास्ट्रक्चर और दोनों देशों के बीच कृषि उत्पादों के व्यापार को बढ़ाने पर भी बातचीत हुई।
भारतीय संस्थानों के साथ हुई बैठक
अफगान प्रतिनिधिमंडल ने भारत की प्रमुख कृषि और अनुसंधान संस्थाओं जैसे नाबार्ड (NABARD), आईसीएआर (ICAR), आईएआरआई (IARI), CIMMYT, ICRISAT, CIP और IFDC के प्रतिनिधियों से मुलाकात की। इसके अलावा फिक्की (FICCI) और पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स के अधिकारियों के साथ भी बैठक हुई। इन बैठकों का उद्देश्य कृषि अनुसंधान, क्षमता निर्माण और निवेश के नए अवसरों की तलाश करना था।
भारत-अफगानिस्तान संबंधों को मिलेगी मजबूती
अक्टूबर 2025 के बाद यह अफगानिस्तान से भारत का चौथा मंत्री स्तरीय दौरा है। लगातार हो रही इन उच्चस्तरीय बैठकों को दोनों देशों के बीच बढ़ते सहयोग का संकेत माना जा रहा है। भारत एक ओर अफगानिस्तान की खाद्य सुरक्षा और कृषि विकास में सहयोग दे रहा है, वहीं दूसरी ओर कृषि और व्यापार के माध्यम से दोनों देशों के रिश्तों को और मजबूत बनाने की दिशा में भी काम कर रहा है।
