erere | Source: ererवजन कम करना केवल कम खाना या भूखा रहना नहीं है, बल्कि रोज की खान-पान की आदतों में सही बदलाव करना भी जरूरी माना जाता है। लगातार सही दिनचर्या और संतुलित आहार का पालन करने से वजन घटाने की प्रक्रिया को बेहतर तरीके से आगे बढ़ाया जा सकता है। न्यूट्रिशनिस्ट सुदीक्षा ने अपना 14 किलो वजन कम करने के दौरान अपनी डाइट में कई बदलाव किए और सात चीजों को पूरी तरह छोड़ दिया। उन्होंने बताया कि वजन घटाने के दौरान किन खाद्य और पेय पदार्थों से दूरी बनाई और उनकी जगह किन विकल्पों को चुना।

1. मीठे पेय से बनाई पूरी दूरी

न्यूट्रिशनिस्ट ने वजन घटाने की कोशिश के दौरान ज्यादा चीनी वाले पेय पदार्थों को अपनी डाइट से हटा दिया। ऐसे पेय में अतिरिक्त चीनी होने के कारण कैलोरी का सेवन बढ़ सकता है। उनकी जगह नींबू पानी, नारियल पानी और ग्रीन टी जैसे विकल्पों को प्राथमिकता दी गई।

वजन घटाने के दौरान मीठे पेय की जगह कम चीनी वाले या बिना अतिरिक्त चीनी वाले पेय चुनना आहार में अनावश्यक चीनी की मात्रा कम करने का एक तरीका हो सकता है। अधिक चीनी वाले पेय कुछ लोगों में पेट से जुड़ी परेशानी की वजह भी बन सकते हैं।

2. सफेद ब्रेड को किया डाइट से बाहर

न्यूट्रिशनिस्ट ने सफेद ब्रेड की जगह होल व्हीट या मल्टीग्रेन ब्रेड और ओट्स जैसे विकल्पों को चुना। सफेद ब्रेड में इस्तेमाल होने वाले रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट जल्दी पच सकते हैं और कुछ लोगों को थोड़े समय बाद दोबारा भूख लग सकती है।

वजन घटाने के दौरान भोजन में अधिक पौष्टिक और फाइबर युक्त विकल्पों को शामिल करना उपयोगी हो सकता है। हालांकि, किसी भी खाद्य पदार्थ को पूरी तरह बंद करने का निर्णय व्यक्ति की जरूरत और स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार होना चाहिए।

3. चिप्स और पैकेज्ड स्नैक्स से भी दूरी

वजन घटाने के दौरान चिप्स और दूसरे पैकेज्ड स्नैक्स को भी न्यूट्रिशनिस्ट ने छोड़ दिया। ऐसे कई पैकेज्ड स्नैक्स में नमक और कैलोरी की मात्रा अधिक हो सकती है। नियमित रूप से अधिक नमक का सेवन शरीर में पानी रुकने की समस्या से जुड़ सकता है, जिससे शरीर या चेहरे पर सूजन जैसी स्थिति दिखाई दे सकती है।

इनकी जगह उन्होंने रोस्टेड मखाना, भुना चना और नट्स जैसे विकल्पों को चुना। ये विकल्प स्नैकिंग के दौरान बेहतर विकल्प हो सकते हैं, हालांकि नट्स जैसे खाद्य पदार्थ कैलोरी से भरपूर होते हैं, इसलिए उनकी मात्रा का ध्यान रखना भी जरूरी है।

4. बर्गर और फास्ट फूड से बनाई दूरी

फास्ट फूड और बर्गर को भी न्यूट्रिशनिस्ट ने अपनी डाइट से हटा दिया। बर्गर और अन्य फास्ट फूड में कैलोरी और वसा की मात्रा अधिक हो सकती है। वजन घटाने के दौरान ऐसे खाद्य पदार्थों का बार-बार सेवन कुल कैलोरी सेवन बढ़ा सकता है।

इनकी जगह उन्होंने घर पर तैयार सैंडविच, पनीर रैप और होल व्हीट रैप जैसे विकल्पों को शामिल किया। घर का भोजन चुनने से सामग्री और तेल की मात्रा को नियंत्रित करना अपेक्षाकृत आसान हो सकता है।

5. आइसक्रीम को भी कहा अलविदा

मीठा खाने की इच्छा को नियंत्रित करने के लिए न्यूट्रिशनिस्ट ने आइसक्रीम से भी दूरी बनाई। आइसक्रीम में चीनी और कैलोरी की मात्रा अधिक हो सकती है, इसलिए वजन घटाने के दौरान उन्होंने इसके विकल्प तलाशे।

मीठा खाने की इच्छा होने पर उन्होंने ग्रीक योगर्ट के साथ फल, फ्रोजन बनाना स्मूदी और सीमित मात्रा में डार्क चॉकलेट जैसे विकल्प चुने। इस तरह मीठे की इच्छा को संतुलित विकल्पों के जरिए पूरा करने की कोशिश की गई।

6. अल्कोहल को पूरी तरह डाइट से हटाया

न्यूट्रिशनिस्ट ने वजन घटाने की प्रक्रिया के दौरान अल्कोहल का सेवन भी बंद कर दिया। अल्कोहल शरीर में पानी की कमी और कुछ परिस्थितियों में सूजन या पफीनेस जैसी समस्या से जुड़ा हो सकता है। इसके अलावा कुछ लोगों में इसके सेवन के बाद अधिक कैलोरी वाले खाद्य पदार्थ खाने की इच्छा बढ़ सकती है।

अल्कोहल की जगह उन्होंने नींबू के साथ स्पार्कलिंग वॉटर, इन्फ्यूज्ड वॉटर और बिना अतिरिक्त चीनी वाले ताजा पेय जैसे विकल्प चुने। वजन प्रबंधन के दौरान पेय पदार्थों से मिलने वाली अतिरिक्त कैलोरी पर ध्यान देना भी महत्वपूर्ण हो सकता है।

7. प्रोसेस्ड मीट से भी बनाई दूरी

सॉसेज जैसे प्रोसेस्ड मीट को भी न्यूट्रिशनिस्ट ने अपनी डाइट से हटा दिया। ऐसे खाद्य पदार्थों में सोडियम की मात्रा अधिक हो सकती है, जिससे कुछ लोगों में शरीर में पानी रुकने और पेट फूलने जैसी समस्या हो सकती है।

प्रोटीन की जरूरत पूरी करने के लिए उन्होंने अंडे, ग्रिल्ड चिकन, टोफू और पनीर जैसे विकल्पों को डाइट में शामिल किया। पर्याप्त प्रोटीन लेना वजन घटाने के दौरान महत्वपूर्ण हो सकता है, क्योंकि यह भोजन को अधिक संतोषजनक बनाने में मदद कर सकता है।

सिर्फ खाना छोड़ना नहीं, सही विकल्प चुनना भी जरूरी

न्यूट्रिशनिस्ट सुदीक्षा के वजन घटाने के अनुभव में एक महत्वपूर्ण बात यह रही कि उन्होंने केवल कुछ खाद्य पदार्थों को डाइट से बाहर नहीं किया, बल्कि उनकी जगह दूसरे विकल्प भी चुने। मीठे पेय के स्थान पर नींबू पानी और ग्रीन टी, सफेद ब्रेड के स्थान पर होल व्हीट विकल्प, पैकेज्ड स्नैक्स की जगह मखाना और भुना चना तथा फास्ट फूड के स्थान पर घर का बना भोजन शामिल किया गया।

इस तरह डाइट में बदलाव का उद्देश्य केवल भोजन की मात्रा घटाना नहीं था, बल्कि रोजमर्रा के खाने में बेहतर विकल्प शामिल करना भी था।

वजन घटाने के लिए नियमितता भी अहम

वजन घटाने की प्रक्रिया में केवल एक-दो दिन भोजन में बदलाव करने से अपेक्षित परिणाम हासिल नहीं होते। इसके लिए नियमित खान-पान, उचित मात्रा और शारीरिक गतिविधि जैसे कई पहलुओं पर ध्यान देना पड़ता है। न्यूट्रिशनिस्ट का 14 किलो वजन कम करने का अनुभव भी डाइट में लगातार बदलाव और अनुशासन पर आधारित बताया गया है।

हालांकि, हर व्यक्ति का शरीर, स्वास्थ्य और पोषण संबंधी जरूरत अलग होती है। इसलिए किसी दूसरे व्यक्ति की डाइट को बिल्कुल उसी तरह अपनाने के बजाय अपनी जरूरत के अनुसार आहार में बदलाव करना बेहतर रहता है।