मंच पर संबोधित करते हुए सीएम योगीमंच पर संबोधित करते हुए सीएम योगी

उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को पीलीभीत के बरखेड़ा विधानसभा क्षेत्र के पतरासा कुंवरपुर गांव में आयोजित एक जनसभा को संबोधित करते हुए समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा। अपने संबोधन में उन्होंने कानून-व्यवस्था, विकास, शरणार्थियों के अधिकार और आगामी राजनीतिक चुनौतियों जैसे कई मुद्दों पर खुलकर बात की। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की जनता अब दंगे, गुंडागर्दी और तुष्टिकरण की राजनीति नहीं चाहती, बल्कि विकास और सुशासन को प्राथमिकता दे रही है।

जनसभा के दौरान मुख्यमंत्री ने दशकों से पीलीभीत में रह रहे शरणार्थी परिवारों को भूमि अधिकार पत्र भी वितरित किए। उन्होंने इसे ऐतिहासिक कदम बताते हुए कहा कि अब इन परिवारों को अपने ही देश में बेघर या बाहरी कहलाने का डर नहीं रहेगा।

साइकिल चलेगी तो दंगा करवाएगी, विपक्ष पर सीएम का तीखा हमला

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी के चुनाव चिन्ह साइकिल का जिक्र करते हुए विपक्ष पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि जब प्रदेश में सपा की सरकार थी, तब दंगे, कर्फ्यू और गुंडागर्दी आम बात थी। उन्होंने कहा कि अगर फिर से साइकिल चलेगी, तो प्रदेश में दंगे होंगे, कर्फ्यू लगेगा और अपराधियों का मनोबल बढ़ेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की जनता इन हालात को देख चुकी है, इसलिए उसने ऐसी राजनीति को पूरी तरह नकार दिया है।

उन्होंने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर तुष्टिकरण की राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा कि इन दलों ने हमेशा वोट बैंक की राजनीति को प्राथमिकता दी, जबकि वर्तमान सरकार सभी वर्गों के विकास और सुरक्षा के लिए समान रूप से काम कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि डबल इंजन की सरकार ने प्रदेश से माफिया और अपराधियों के नेटवर्क को खत्म करने का काम किया है, जिसके कारण विपक्ष बेचैन दिखाई दे रहा है।

शरणार्थियों को मिला मालिकाना हक, बोले अब कोई आपको बाहरी नहीं कह सकेगा

जनसभा का सबसे महत्वपूर्ण और क्षण तब आया जब मुख्यमंत्री ने पूर्वी पाकिस्तान से विस्थापित होकर भारत आए करीब 2,500 हिंदू, सिख, बौद्ध और ईसाई शरणार्थी परिवारों को भूमि अधिकार पत्र सौंपे। ये परिवार कई दशकों से पीलीभीत में रह रहे थे, लेकिन अब तक उन्हें जमीन का वैधानिक मालिकाना हक नहीं मिल पाया था।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्षों तक इन परिवारों की अनदेखी की गई और उन्हें उनके अधिकारों से वंचित रखा गया। उन्होंने आरोप लगाया कि देश के विभाजन के बाद पाकिस्तान से प्रताड़ित होकर आए लोगों की पूर्ववर्ती सरकारों ने कभी सुध नहीं ली। उन्होंने कहा कि आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में इन परिवारों को सम्मान, सुरक्षा और कानूनी अधिकार मिल रहे हैं। योगी ने शरणार्थियों से कहा कि अब किसी में इतनी ताकत नहीं कि उन्हें उनकी जमीन से बेदखल कर सके या उन्हें बाहरी कह सके।

कानून व्यवस्था, डिफेंस कॉरिडोर और विकास का भी किया जिक्र

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में प्रदेश की कानून-व्यवस्था को लेकर भी सरकार की उपलब्धियां गिनाईं। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 से पहले उत्तर प्रदेश अपराध और माफिया के लिए जाना जाता था, लेकिन अब राज्य दंगा मुक्त और सुरक्षित बन चुका है। उन्होंने कहा कि पहले अपराधी खुलेआम हथियार और देसी कट्टे बनाते थे, जबकि आज उत्तर प्रदेश रक्षा उत्पादन का बड़ा केंद्र बन रहा है।

उन्होंने कहा कि राज्य में डिफेंस कॉरिडोर का निर्माण किया जा रहा है और ब्रह्मोस जैसी आधुनिक मिसाइलों के निर्माण की दिशा में भी महत्वपूर्ण काम हो रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश अब अपराध की नहीं, बल्कि निवेश, उद्योग और विकास की पहचान बना रहा है।

पीलीभीत के विकास का जिक्र करते हुए उन्होंने 569 करोड़ रुपये की लागत वाली 66 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। उन्होंने कहा कि सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, सिंचाई और आधारभूत ढांचे से जुड़ी इन परियोजनाओं से जिले के विकास को नई गति मिलेगी और तराई क्षेत्र के लोगों का जीवन स्तर बेहतर होगा।

अखिलेश यादव को दी चुनौती, चुनावी माहौल में तेज हुई सियासत

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने भाषण के दौरान समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव पर भी सीधा निशाना साधा। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव को अयोध्या और रामभक्तों का अपमान करने से बचना चाहिए। साथ ही उन्होंने चुनौती देते हुए कहा कि यदि उनमें साहस है तो वे मथुरा और श्रीकृष्ण जन्मभूमि जैसे मुद्दों पर भी खुलकर अपनी राय रखें।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पीलीभीत में मुख्यमंत्री का यह संबोधन केवल विकास परियोजनाओं तक सीमित नहीं था बल्कि इसमें आगामी विधानसभा चुनावों की स्पष्ट झलक भी दिखाई दी। एक ओर उन्होंने शरणार्थियों को अधिकार देकर संवेदनशील संदेश देने की कोशिश की तो दूसरी ओर कानून-व्यवस्था, राष्ट्रवाद और विकास के मुद्दों को केंद्र में रखकर विपक्ष पर तीखे राजनीतिक हमले किए। ऐसे में पीलीभीत की यह रैली आने वाले चुनावी माहौल में भाजपा की रणनीति का महत्वपूर्ण संकेत मानी जा रही है।