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बिहार के बक्सर की रहने वाली IAS अधिकारी गरिमा लोहिया को अब एक नई और अहम जिम्मेदारी मिली है। बिहार सरकार ने प्रशासनिक फेरबदल करते हुए उन्हें दरभंगा नगर निगम का नगर आयुक्त नियुक्त किया है। इससे पहले गरिमा लोहिया पटना के बाढ़ में SDO के पद पर तैनात थीं। नई जिम्मेदारी मिलने के बाद एक बार फिर उनकी चर्चा हो रही है।

गरिमा लोहिया की कहानी सिर्फ एक IAS अधिकारी के तौर पर कामयाबी की कहानी नहीं है। उनकी जिंदगी में ऐसे कई मोड़ आए, जहां हालात उनके खिलाफ थे। लेकिन उन्होंने पढ़ाई और अपने लक्ष्य से समझौता नहीं किया।

गरिमा लोहिया मूल रूप से बिहार के बक्सर की रहने वाली हैं। उनके पिता कपड़ों के थोक कारोबारी थे। साल 2015 में दिल का दौरा पड़ने से उनके पिता का निधन हो गया। उस समय परिवार के लिए यह बड़ा झटका था। गरिमा की मां ने परिवार को संभाला और बेटी को आगे बढ़ने के लिए लगातार हिम्मत दी।

गरिमा ने बाद में बताया था कि उनके पिता का सपना था कि बेटी IAS अधिकारी बने। पिता के निधन के बाद भी यह सपना उनके लिए एक तरह की प्रेरणा बना रहा।

गरिमा की शुरुआती पढ़ाई बक्सर के वुडस्टॉक स्कूल से हुई। इसके बाद उन्होंने वाराणसी के सनबीम स्कूल से 12वीं की पढ़ाई की और फिर दिल्ली विश्वविद्यालय के किरोड़ीमल कॉलेज से बीकॉम किया।

ग्रेजुएशन के बाद उन्होंने सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी शुरू की। कोरोना महामारी के दौरान जब लॉकडाउन लगा, तो गरिमा दिल्ली से वापस बक्सर लौट आईं। इसके बाद उन्होंने घर से ही पढ़ाई जारी रखी।

उनके पास बड़े कोचिंग संस्थान का सहारा नहीं था। उन्होंने खुद पढ़ाई की और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से भी मदद ली। गरिमा ने बताया था कि पहले प्रयास में वह प्रारंभिक परीक्षा पास नहीं कर पाई थीं। लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और दूसरी कोशिश में UPSC परीक्षा में ऑल इंडिया रैंक 2 हासिल की।

UPSC की तैयारी के दौरान गरिमा ने लंबे समय तक खुद पढ़ाई की। उन्होंने अलग-अलग किताबों के साथ ऑनलाइन स्टडी मटेरियल का भी इस्तेमाल किया। एक इंटरव्यू में उन्होंने बताया था कि वह कई बार करीब 15 घंटे तक पढ़ाई करती थीं। उनकी मां भी इस दौरान लगातार उनका हौसला बढ़ाती रहीं।

साल 2023 में UPSC सिविल सेवा परीक्षा 2022 का रिजल्ट आया तो गरिमा ने देशभर में दूसरी रैंक हासिल की। इसके बाद वह बिहार कैडर में IAS अधिकारी बनीं।

एक दिलचस्प बात यह भी है कि गरिमा ने पहले ही कहा था कि वह बिहार में रहकर लोगों की सेवा करना चाहती हैं। अब बिहार में ही उन्हें एक और बड़ी जिम्मेदारी मिली है।

बिहार सरकार के ताजा प्रशासनिक फेरबदल में गरिमा लोहिया को बाढ़ SDO के पद से हटाकर दरभंगा नगर निगम का नगर आयुक्त बनाया गया है। इस फेरबदल में कुल 23 IAS अधिकारियों की पोस्टिंग बदली गई है।

नगर आयुक्त के तौर पर गरिमा के सामने अब शहर से जुड़े कई अहम काम होंगे। नगर निगम की व्यवस्था, विकास कार्य, साफ-सफाई और नागरिक सुविधाओं जैसे मुद्दों पर उन्हें काम करना होगा।

बक्सर से शुरू हुआ गरिमा का सफर अब दरभंगा की नई जिम्मेदारी तक पहुंच चुका है। पिता का सपना, मां का साथ और खुद की मेहनत—इन तीनों ने उनकी कहानी को खास बना दिया है। आज उनकी नई जिम्मेदारी एक बार फिर यह दिखाती है कि मुश्किल हालात के बावजूद अगर लक्ष्य साफ हो, तो रास्ता बनाया जा सकता है।