कोरोना, मंकीपॉक्स और बर्ड फ्लू के बाद अब दुनिया भर के वैज्ञानिकों की नजर एक और बेहद खतरनाक वायरस पर है, जिसका नाम है हंतावायरस

हालिया वैज्ञानिक शोधों ने इस वायरस को लेकर कुछ ऐसे चौंकाने वाले खुलासे किए हैं, जिसने मेडिकल जगत की चिंता बढ़ा दी है।

अक्सर लोग सोचते हैं कि हंतावायरस सिर्फ चूहों के जरिए फैलता है, लेकिन अब लोगों के मन में बड़े सवाल उठ रहे हैं: क्या यह वायरस मां के दूध या पुरुषों के स्पर्म के जरिए भी फैल सकता है? आइए पूरी मेडिकल रिसर्च के साथ समझते हैं कि इस बात में कितनी सच्चाई है, इसके लक्षण क्या हैं और यह कितना जानलेवा है।

वैज्ञानिकों और वैश्विक स्वास्थ्य संस्थाओं (जैसे CDC और WHO) की रिसर्च के अनुसार, इस सवाल का जवाब हां और ना दोनों में छुपा है।

हंतावायरस मुख्य रूप से शरीर के लिक्विड्स में पाया जा सकता है। कुछ दुर्लभ मामलों में और लासा बुखार या इबोला जैसे अन्य खतरनाक वायरस के इतिहास को देखते हुए, वैज्ञानिकों का मानना है कि यदि कोई मां हंतावायरस से गंभीर रूप से संक्रमित है, तो उसके दूध में वायरस के अंश होने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता।

हालांकि, आमने-सामने सीधे स्तनपान से इसके फैलने के पुख्ता सबूत बहुत कम हैं, लेकिन डॉक्टर सलाह देते हैं कि अगर मां संक्रमित है, तो बच्चे की सुरक्षा के लिए बेहद सावधानी बरतनी चाहिए।

हंतावायरस की कोई सटीक वैक्सीन या विशेष इलाज उपलब्ध नहीं है। अस्पताल में मरीज को केवल सपोर्टिव केयर (जैसे ऑक्सीजन या वेंटीलेटर) दी जाती है।