शायना जमील

सुरक्षित निवेश (Safe-Haven) की बढ़ती मांग के कारण दिसंबर 2025 में गोल्ड एक्सचेंज-ट्रेडेड फंड्स (Gold ETFs) में निवेशकों ने जमकर पैसा लगाया। एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया (AMFI) के ताजा आंकड़ों के अनुसार, दिसंबर में गोल्ड ETF में शुद्ध प्रवाह (Net Inflows) 211 प्रतिशत की भारी बढ़ोतरी के साथ 11,647 करोड़ रुपये तक पहुंच गया।

यह आंकड़ा नवंबर 2025 के 3,742 करोड़ रुपये से लगभग तीन गुना ज्यादा है। यह अब तक का सबसे बड़ा मासिक प्रवाह है, जो निवेशकों की सोने के प्रति मजबूत दिलचस्पी को दर्शाता है।

मुख्य कारण:

सोने की कीमतों में तेज उछाल और रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचना

वैश्विक अनिश्चितता, बाजार में अस्थिरता और मुद्रास्फीति से बचाव की चाह

इक्विटी बाजारों में मध्यम प्रदर्शन के चलते निवेशक सुरक्षित विकल्पों की ओर मुड़े

इस तेज प्रवाह के कारण गोल्ड ETF का एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) महीने-दर-महीने करीब 16 प्रतिशत बढ़ा। साल 2025 में कुल मिलाकर गोल्ड ETF में 42,961 करोड़ रुपये का निवेश आया, जो 2024 के मुकाबले लगभग चार गुना ज्यादा है।

विशेषज्ञों का कहना है कि सोने को पारंपरिक रूप से आर्थिक अनिश्चितता के समय सबसे मजबूत सुरक्षित निवेश माना जाता है। दिसंबर में इक्विटी म्यूचुअल फंड्स में प्रवाह 6% घटकर 28,054 करोड़ रुपये रह गया, जबकि गोल्ड ETF ने रिकॉर्ड तोड़ प्रदर्शन किया।

निवेशकों के लिए संकेत:

यह रुझान बताता है कि 2026 में भी सोना निवेश पोर्टफोलियो में विविधता और सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण बना रह सकता है। हालांकि, निवेश से पहले बाजार की स्थिति और व्यक्तिगत जोखिम सहनशीलता को ध्यान में रखना जरूरी है।

(स्रोत: AMFI डेटा, इंडियन एक्सप्रेस, फाइनेंशियल एक्सप्रेस और अन्य विश्वसनीय रिपोर्ट्स)