पटना। भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता सुरेश रूंगटा ने कहा कि बिहार अब अपने अतीत के गौरव से प्रेरणा लेकर भविष्य की अर्थव्यवस्था को नई दिशा देने की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि पूर्वी भारत के आर्थिक विकास का इंजन बनने की दिशा में बिहार में नई औद्योगिक नीति और नियमों में सुधार के जरिए कई कदम उठाए गए हैं। सरकार का लक्ष्य निवेश को बढ़ावा देने के साथ राज्य में उद्योग और रोजगार के नए अवसर तैयार करना है।
रूंगटा ने कहा कि बिहार में निवेशकों के लिए नियमों और प्रक्रियाओं को सरल बनाया जा रहा है, ताकि उद्योग लगाने में अनावश्यक परेशानी न हो। जमीन, बिजली और अन्य समस्याओं के समाधान के लिए उद्यमियों को अलग-अलग विभागों के चक्कर लगाने से राहत देने की दिशा में काम किया जा रहा है। एकल खिड़की प्रणाली और डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए निवेश से जुड़ी प्रक्रियाओं और समस्याओं का समाधान करने की व्यवस्था की जा रही है।
उन्होंने कहा कि यदि कोई विभाग 30 दिनों के भीतर एनओसी या जरूरी अनुमोदन नहीं देता है तो उसे स्वतः स्वीकृत माना जाएगा। ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के तहत औद्योगिक प्रक्रियाओं को सरल, पारदर्शी और समयबद्ध बनाने पर जोर दिया जा रहा है।
भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि उद्योग विभाग की ओर से बिहार में लघु एवं सूक्ष्म उद्योगों के लिए नई नीति का प्रारूप जारी किया गया है। इसके माध्यम से अगले पांच वर्षों में राज्य में व्यापक औद्योगिक विस्तार और बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा करने की योजना है। उनका कहना है कि नीति में सुधार और प्रक्रियाओं के सरलीकरण से निवेशकों के लिए बिहार में कारोबार शुरू करना आसान होगा।
रूंगटा ने यह भी कहा कि बिहार ने कभी ज्ञान का दीपक पूरे देश में जलाया था और अब उद्योग एवं उद्यमिता के जरिए नई आर्थिक क्रांति की दिशा में आगे बढ़ सकता है। राज्य की उपजाऊ भूमि में पैदा होने वाली फसलों के आधार पर खाद्य प्रसंस्करण उद्योग को बढ़ावा देने की संभावनाएं हैं। इसके साथ स्टार्टअप के माध्यम से युवा उद्यमियों को भी नए अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि उद्योग, निवेश और स्टार्टअप के विस्तार से बिहार को आत्मनिर्भर और आर्थिक रूप से मजबूत बनाने में मदद मिलेगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 2047 तक विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने के लिए राज्य की भाजपा सरकार प्रतिबद्ध है। आने वाले वर्षों में बिहार उद्योग, निवेश और रोजगार के क्षेत्र में नई पहचान बनाएगा और पूर्वी भारत की आर्थिक प्रगति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
