Patna

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पटना, 3 सितंबर। गंगा के लगातार बढ़ते जलस्तर को देखते हुए पटना शहर में पानी के प्रवेश को रोकने के लिए जिला प्रशासन ने सुरक्षात्मक तैयारियां तेज कर दी हैं। जिलाधिकारी कुंदन कुमार, पुलिस अधीक्षक कार्तिकेय के. शर्मा और नगर आयुक्त यशपाल मीणा समेत वरीय अधिकारियों की टीम ने गुरुवार को दीघा घाट से बिंद टोली, एलसीटी घाट, गोसाईं टोला और पूरे पटना टाउन प्रोटेक्शन वॉल क्षेत्र का निरीक्षण कर जलस्तर और सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया।

जिलाधिकारी ने पटना शहर को बाढ़ के पानी से सुरक्षित रखने के लिए सभी आवश्यक सुरक्षात्मक उपाय तुरंत पूरा करने का निर्देश दिया। उन्होंने पटना टाउन प्रोटेक्शन वॉल में बने सभी 108 रास्तों को बंद करने को कहा। जल संसाधन विभाग, नगर निगम और संबंधित टीमों को आपसी समन्वय से यह काम निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने का निर्देश दिया गया।


13 सलूईस गेटों की लीकेज बंद, लगातार निगरानी के आदेश

सलूईस गेटों के निरीक्षण के दौरान कुछ जगहों पर सीपेज मिलने के बाद जिलाधिकारी ने सभी 13 सलूईस गेटों के लीकेज को बंद कराया। संबंधित अधिकारियों को इन गेटों की लगातार निगरानी करने का निर्देश दिया गया।

बढ़ते जलस्तर को देखते हुए सभी डीपीएस (ड्रेनेज पंपिंग स्टेशन) को पूरी तरह क्रियाशील रखने को कहा गया है, ताकि जरूरत पड़ने पर शहर से पानी की तत्काल निकासी की जा सके। अधिकारियों और कर्मियों को 24 घंटे अलर्ट और तैयार रहने का निर्देश दिया गया है।


पाटलिपुत्र कॉलोनी में भी पानी रोकने की तैयारी

पाटलिपुत्र कॉलोनी और आसपास के इलाकों में पानी प्रवेश न करे, इसके लिए भी सभी जरूरी इंतजाम पूरे करने को कहा गया है। वहीं, सदाकत आश्रम के पास नाले के रास्ते शहर की ओर पानी आने की संभावित स्थिति को देखते हुए जल संसाधन विभाग और नगर निगम की संयुक्त टीम को रातभर में नाला बंद करने का निर्देश दिया गया।

नगर निगम, जल संसाधन विभाग और बुडको को गंगा के बढ़ते जलस्तर के मद्देनजर सभी बाढ़ निरोधक और सुरक्षात्मक कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए रातभर में पूरा करने को कहा गया है। संवेदनशील स्थानों पर लगातार निगरानी, पर्याप्त संसाधन और मानवबल की उपलब्धता तथा आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई की तैयारी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है।

जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि शहर की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और जलस्तर बढ़ने की स्थिति में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए। सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ 24 घंटे स्थिति पर नजर रखने को कहा गया है।


पुनपुन और चंडासी में भी लिया बाढ़ की स्थिति का जायजा

जिलाधिकारी कुंदन कुमार और एसपी कार्तिकेय के. शर्मा ने पुनपुन नदी पर बने रामपुर लवाईज बैराज का निरीक्षण किया। कार्यपालक अभियंता ने बताया कि क्षेत्र में जलस्तर बढ़ा है, लेकिन फिलहाल स्थिति नियंत्रण में और सामान्य है।

डीएम ने जिले के सभी तटबंधों की लगातार निगरानी का निर्देश दिया। तटबंधों में क्षति, कटाव या कमजोरी दिखाई देने पर तत्काल मरम्मत और बाढ़ सुरक्षात्मक कार्य शुरू कराने को कहा गया। अधिकारियों को रिस्पॉन्स टाइम न्यूनतम रखने का निर्देश दिया गया, ताकि आपात स्थिति में तेजी से कार्रवाई कर जान-माल के नुकसान को कम किया जा सके।

चंडासी क्षेत्र में भी जिलाधिकारी ने बाढ़ की स्थिति का जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों से वर्तमान स्थिति की जानकारी ली। संवेदनशील इलाकों पर विशेष नजर रखने और जलस्तर में होने वाले प्रत्येक बदलाव की लगातार निगरानी करने का निर्देश दिया गया।


कई स्थानों पर तटबंधों की मरम्मत और मजबूती का काम

जिला प्रशासन ने संभावित बाढ़ से बचाव के लिए जरूरत के अनुसार सुरक्षात्मक कार्य शुरू कर दिए हैं। अथमलगोला के रामनगर दियारा में गंगा नदी के तटबंध, खुसरूपुर में कठौतिया नदी के तटबंध, मोकामा के बराहपुर में गंगा नदी के तटबंध और पुनपुन के गोपालपुर-तारणपुर क्षेत्र में तटबंधों की मरम्मत एवं सुदृढ़ीकरण कराया गया है।

सभी संबंधित कार्यपालक अभियंताओं को अपने-अपने क्षेत्रों के तटबंधों और संवेदनशील स्थानों पर 24 घंटे निगरानी रखने तथा किसी भी क्षति या खतरे की स्थिति में तत्काल कार्रवाई करने को कहा गया है।


निचले इलाकों से लोगों को राहत शिविरों में पहुंचाया जा रहा

जिला प्रशासन निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की कार्रवाई कर रहा है। प्रभावित लोगों के लिए बाढ़ अंचल में 1, दानापुर अंचल में 1 और पटना पाटलिपुत्र अंचल में 2 राहत शिविर, यानी कुल 4 राहत शिविर संचालित किए जा रहे हैं।

राहत शिविरों में प्रभावित लोगों के लिए सामुदायिक रसोई समेत आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था की गई है।

पशुओं की सुरक्षा के लिए भी बाढ़ अंचल में 2, दानापुर में 1 और पटना पाटलिपुत्र अंचल में 2 पशु शिविर, यानी कुल 5 पशु शिविर बनाए गए हैं। यहां पशुओं के लिए पर्याप्त चारा, जरूरी दवाइयां और उपचार की व्यवस्था की गई है।


8 अंचलों में 66 नावों का निःशुल्क परिचालन

बाढ़ प्रभावित इलाकों में आवागमन और आवश्यक सहायता के लिए जिला प्रशासन ने कुल 66 नावों का मुफ्त परिचालन शुरू किया है।

- अथमलगोला -5 नाव

- बख्तियारपुर - 5 नाव

- बाढ़ - 8 नाव

- दानापुर -14 नाव

- फतुहा -7 नाव

- मनेर -13 नाव

- पटना पाटलिपुत्र अंचल -13 नाव

- पुनपुन -1 नाव

इन नावों से प्रभावित और संवेदनशील क्षेत्रों के लोगों को आवागमन में सुविधा मिल रही है।


महत्वपूर्ण घाटों पर SDRF की मोटर बोट और जवान तैनात

आपदा की स्थिति में तत्काल राहत और बचाव के लिए SDRF की टीमें जवानों, बोट चालकों/गोताखोरों, मोटर बोट और अन्य जरूरी संसाधनों के साथ महत्वपूर्ण स्थानों पर तैनात की गई हैं।

मोटर बोट की तैनाती इस प्रकार है:

- बाढ़ अंचल के उमानाथ घाट और अलखनाथ घाट -2 मोटर बोट

- बख्तियारपुर अंचल - 2 मोटर बोट

- NIT घाट, गांधी घाट और कंगन घाट -2 मोटर बोट

- दीघा घाट तथा जेपी सेतु के पूर्वी और पश्चिमी घाट - 2 मोटर बोट

- दानापुर अंचल के नासरी घाट, दानापुर पीपा पुल घाट एवं अन्य घाट - 2 मोटर बोट

- मनेर अंचल - 2 मोटर बोट


इसके अलावा 2 मोटर बोट सुरक्षित रिजर्व रखी गई हैं, जिन्हें जरूरत पड़ने पर तत्काल राहत और बचाव कार्य में लगाया जा सकेगा।

जिला प्रशासन संभावित बाढ़ की स्थिति पर लगातार नजर रख रहा है। संबंधित पदाधिकारियों, अभियंताओं और बचाव दलों को पूरी तरह अलर्ट मोड में रहने तथा किसी भी आपात स्थिति में त्वरित और समन्वित कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है।

प्रशासन ने आम लोगों से अपील की है कि नदियों के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए नदियों और जलमग्न क्षेत्रों में अनावश्यक रूप से जाने या स्नान करने से बचें। बच्चों को पानी से पूरी तरह दूर रखें और प्रशासन की ओर से जारी सुरक्षा निर्देशों का पालन करें।