
फीफा विश्व कप 2026 से ब्राजील के बाहर होने के बाद नेमार की आंखों से छलके आंसू।
Fifa: ब्राजील के स्टार फुटबॉलर नेमार जूनियर ने अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल को अलविदा कह दिया है। फीफा विश्व कप 2026 के राउंड ऑफ-16 में नॉर्वे के खिलाफ हार के बाद उन्होंने अपने संन्यास का ऐलान किया। अपने आखिरी इंटरनेशनल मैच में नेमार ने गोल भी किया, लेकिन वह ब्राजील को हार से नहीं बचा सके। इसके साथ ही 16 साल लंबे अंतरराष्ट्रीय करियर का भावुक अंत हो गया।
130 मैच, 80 गोल लेकिन वर्ल्ड कप का सपना अधूरा रह गया
साल 2010 में ब्राजील की सीनियर टीम से डेब्यू करने वाले नेमार ने चार फीफा विश्व कप और दो ओलंपिक में देश का प्रतिनिधित्व किया। ब्राजील की प्रतिष्ठित नंबर-10 जर्सी पहनने वाले इस स्टार ने अपने करियर में 130 अंतरराष्ट्रीय मैचों में 80 गोल दागे।
नॉर्वे के खिलाफ एक्स्ट्रा टाइम में पेनल्टी पर किया गया गोल उनके करियर का आखिरी गोल साबित हुआ। मुकाबले के बाद भावुक नेमार ने कहा, “मैंने अपनी तरफ से पूरी कोशिश की। अब सब खत्म हो गया। मैंने यहीं से शुरुआत की थी और यहीं मेरा सफर भी खत्म हुआ।” उनके इस बयान ने दुनियाभर के फुटबॉल प्रशंसकों को भावुक कर दिया।
जहां से शुरुआत हुई, वहीं खत्म हुआ करियर
नेमार के करियर की सबसे खास बात यह रही कि जिस देश में उन्होंने अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल की शुरुआत की, वहीं उनका सफर भी समाप्त हुआ। उन्होंने 2010 में अमेरिका के न्यू जर्सी स्थित मेटलाइफ स्टेडियम में अमेरिका के खिलाफ अपना पहला इंटरनेशनल मैच खेला था। 2026 विश्व कप में भी उनका आखिरी मुकाबला इसी मैदान पर खेला गया।
दाएं पैर की चोट के कारण नेमार पूरे टूर्नामेंट में संघर्ष करते रहे। वह केवल स्कॉटलैंड और नॉर्वे के खिलाफ बतौर सब्स्टीट्यूट मैदान पर उतर सके। इसके बावजूद उन्होंने आखिरी मैच में गोल कर अपने करियर का यादगार अंत करने की कोशिश की।
ओलंपिक गोल्ड मिला, लेकिन दो सबसे बड़े सपने अधूरे रहे
ब्राजील के महान खिलाड़ियों की परंपरा को आगे बढ़ाते हुए नेमार ने लंबे समय तक नंबर-10 जर्सी की जिम्मेदारी संभाली। उन्होंने देश को ओलंपिक स्वर्ण पदक और फीफा कन्फेडरेशंस कप जिताने में अहम भूमिका निभाई, लेकिन फुटबॉल के दो सबसे बड़े सपने उनके हाथ नहीं लग सके।
नेमार अपने करियर में कभी फीफा विश्व कप नहीं जीत पाए और न ही प्रतिष्ठित बैलन डी’ओर का खिताब हासिल कर सके। अपार प्रतिभा और शानदार रिकॉर्ड के बावजूद उनका करियर इन दो अधूरे सपनों के साथ खत्म हुआ। विश्व कप 2026 से बाहर होने के बाद जब नेमार भावुक होकर मैदान से लौटे, तो वह पल उनके साथ-साथ करोड़ों फुटबॉल प्रशंसकों के लिए भी बेहद भावुक बन गया।
