फीफा वर्ल्ड कप 2026 में अब तक 100 मुकाबलों का रोमांच देखने को मिल चुका है और अब टूर्नामेंट अपने सबसे अहम दौर में पहुंच गया है। FIFA World Cup 2026 : बदले की आग में उतरेगा फ्रांस, 'ले ब्लू' या 'ला रोजा' किसका होगा पलड़ा भारी? एमबाप्पे के पास मेसी को पीछे छोड़ने का मौका | Source: NDtv.comसेमीफाइनल में दुनिया की चार पूर्व विश्व विजेता टीमों ने जगह बनाई है। 15 जुलाई को दो बार की चैंपियन 'ले ब्लू' (Le Bleus) फ्रांस का सामना 2010 की विश्व विजेता 'ला रोजा' (La Roja) स्पेन से होगा। दोनों टीमें इतिहास रचने की दहलीज पर खड़ी हैं और जो भी इस मुकाबले में बाजी मारेगी, वह फाइनल का टिकट तो हासिल करेगी ही, साथ ही अपने नाम एक नया रिकॉर्ड भी दर्ज कराएगी।

FIFA World Cup 2026 : बदले की आग में उतरेगा फ्रांस, 'ले ब्लू' या 'ला रोजा' किसका होगा पलड़ा भारी? एमबाप्पे के पास मेसी को पीछे छोड़ने का मौकाSource : NDtv.com

इतिहास रचने की दहलीज़ पर फ्रांस, इन स्टार खिलाड़ियों पर टिकी निगाहें

आठ साल पहले विश्व कप जीतने वाली फ्रांस की टीम और उसके 27 वर्षीय कप्तान किलियान एमबाप्पे ने मौजूदा टूर्नामेंट की शुरुआत भले ही कुछ सवालों के बीच की हो, लेकिन जैसे-जैसे मुकाबले आगे बढ़े, ले ब्लू ने खुद को सबसे मजबूत दावेदारों में शामिल कर लिया। दुनिया की नंबर-1 टीम ने अपने दमदार प्रदर्शन से यह साबित कर दिया है कि खिताब जीतने की सबसे बड़ी दावेदार वही है।

मुख्य कोच दिदिए देसचां और कप्तान किलियान एमबाप्पे की जोड़ी ने फ्रांस को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है। एमबाप्पे अब तक फीफा वर्ल्ड कप 2026 में 8 गोल दाग चुके हैं, जबकि उस्मान डेम्बेले के नाम 5 गोल दर्ज हैं। इनके अलावा ब्रैडली बारकोला, देजिरे डूए और माइकल ओलिसे जैसे युवा सितारों ने भी शानदार प्रदर्शन किया है। फ्रांस ने अब तक टूर्नामेंट में कुल 16 गोल किए हैं, जबकि उसकी मजबूत डिफेंस ने सिर्फ 2 गोल ही खाए हैं।

मजबूत डिफेंस के दम पर आगे बढ़ सकेगा स्पेन, इन स्टार खिलाड़ियों पर रहेंगी निगाहें

मुख्य कोच लुइस डे ला फुएंते और कप्तान रोद्री (रोड्रिगो हर्नांडेज़) की अगुआई में स्पेन ने इस बार पारंपरिक टिकी-टाका फुटबॉल से अलग पहचान बनाई है। शानदार डिफेंस और संतुलित खेल के दम पर ला रोजा ने पूरे टूर्नामेंट में विरोधियों को कड़ी चुनौती दी है। स्पेन का गोलपोस्ट अब तक लगभग अभेद्य साबित हुआ है। टीम ने छह मुकाबलों में 11 गोल दागे हैं, जबकि उसके खिलाफ सिर्फ एक ही गोल हुआ है।

स्पेन की ताकत सिर्फ उसकी डिफेंस नहीं, बल्कि युवा और अनुभवी खिलाड़ियों का शानदार तालमेल भी है। 18 वर्षीय स्टार लामिन यामाल, मिकेल ओयारज़ाबाल, निको विलियम्स, मिकेल मेरिनो और फैबियन रूइज़ जैसे खिलाड़ी लगातार बेहतरीन प्रदर्शन कर रहे हैं। यही खिलाड़ी सेमीफाइनल में फ्रांस के खिलाफ स्पेन की सबसे बड़ी उम्मीद माने जा रहे हैं।

सेमीफाइनल की हार का हिसाब चुकाने उतरेगा फ्रांस

फीफा वर्ल्ड कप इतिहास में जर्मनी के बाद सबसे ज्यादा आठ बार सेमीफाइनल खेलने वाली फ्रांस की टीम अब स्पेन से पुराना हिसाब बराबर करने के इरादे से मैदान में उतरेगी। विश्व कप में दोनों टीमों की अब तक सिर्फ एक बार भिड़ंत हुई है, जब 2006 में जीनेदिन जिदान की अगुआई में फ्रांस ने स्पेन को 3-1 से हराया था। हालांकि हाल के वर्षों में बाजी स्पेन के हाथ रही है। UEFA Euro 2024 और UEFA Nations League 2025 के सेमीफाइनल में ला रोजा ने ले ब्लू को मात देकर टूर्नामेंट से बाहर का रास्ता दिखाया था। ऐसे में फ्रांस के पास अब उस हार का बदला चुकाने का सुनहरा मौका है।

अगर दोनों टीमों के ओवरऑल हेड-टू-हेड रिकॉर्ड पर नजर डालें तो अब तक खेले गए 38 अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में स्पेन का पलड़ा भारी रहा है। स्पेन ने 18 मैचों में जीत दर्ज की है, जबकि फ्रांस 13 मुकाबले अपने नाम करने में सफल रहा। दोनों टीमों के बीच 7 मैच ड्रॉ भी रहे हैं।

फ़्रांस vs स्पेन: आमने-सामने, किसका पलड़ा भारी?

मैच: 38

फ़्रांस जीता: 13

स्पेन जीता: 18

ड्रॉ: 7

एमबाप्पे बनाम मेसी, रिकॉर्ड पर टिकी निगाहें

लियोनेल मेसी ने मौजूदा वर्ल्ड कप में 8 गोल किए हैं और अब तक छह वर्ल्ड कप के 32 मैचों में 21 गोल अपने नाम कर चुके हैं। दूसरी ओर, किलियान एमबाप्पे ने सिर्फ तीन वर्ल्ड कप के 20 मैचों में 20 गोल दागे हैं। मौजूदा टूर्नामेंट में वह गोल्डन बूट की दौड़ में मेसी की बराबरी पर चल रहे हैं। अगर स्पेन के खिलाफ सेमीफाइनल में एमबाप्पे गोल दागने में सफल रहते हैं, तो वह वर्ल्ड कप गोलों के मामले में मेसी को पीछे छोड़ने की दहलीज पर पहुंच जाएंगे।

दोनों टीमों के बीच अबतक 38 अंतर्राषट्रीय मैचों में फ़्रांस ने 13 मैच जीते, जबकि स्पेन ने 18.. 7 मैच ड्रॉ रहे. 

वर्ल्ड कप में- किसका पलड़ा भारी?

2006 में फ़्रांस ने स्पेन को 3-1 से हराया