rtr | Source: rtनई दिल्ली। सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने स्पष्ट कर दिया है कि वह फिलहाल अपना अनशन समाप्त नहीं करेंगे। उन्होंने कहा है कि जब तक युवा नेताओं को संसद में सांसदों से मिलने की अनुमति नहीं मिल जाती या सांसद स्वयं उस दिल्ली स्थित अस्पताल में नहीं पहुंच जाते, जहां उन्हें भर्ती कराया गया है, तब तक उनका अनशन जारी रहेगा। वांगचुक के इस फैसले के बाद जंतर-मंतर पर एक बार फिर प्रदर्शनकारियों की संख्या बढ़ने लगी है और आंदोलन ने नया राजनीतिक और सामाजिक ध्यान आकर्षित किया है।

अनशन जारी रखने का स्पष्ट संदेश

सोनम वांगचुक के इस ऐलान ने आंदोलन को नई दिशा दे दी है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा है कि उनकी मांगों पर सकारात्मक पहल होने तक वह अपना अनशन नहीं तोड़ेंगे। उनके इस निर्णय के बाद समर्थकों और विभिन्न समूहों के लोगों ने जंतर-मंतर पहुंचना शुरू कर दिया है, जिससे प्रदर्शन स्थल पर फिर से हलचल बढ़ गई है।

यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब आंदोलन को लेकर लगातार राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर चर्चाएं तेज बनी हुई हैं। प्रदर्शनकारी अपनी मांगों के समर्थन में एकजुट दिखाई दे रहे हैं।

पत्नी ने साझा किया हाथ से लिखा संदेश

सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि आंगमो ने सोशल मीडिया मंच पर अपने पति का हाथ से लिखा एक संदेश साझा किया। इस संदेश में वांगचुक ने कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के बैनर तले आंदोलन कर रहे प्रदर्शनकारियों के प्रति अपनी एकजुटता व्यक्त की है।

सोशल मीडिया पर साझा किए गए इस संदेश के बाद समर्थकों के बीच नई चर्चा शुरू हो गई है। वांगचुक का यह संदेश तेजी से लोगों के बीच साझा किया जा रहा है और आंदोलन से जुड़े लोगों ने इसे अपने समर्थन का प्रतीक बताया है।

सीजेपी के बैनर तले जारी है प्रदर्शन

कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के बैनर तले प्रदर्शन कर रहे लोग राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा स्नातक (NEET-UG) पेपर लीक मामले को लेकर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि इस मामले में जवाबदेही तय होनी चाहिए और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।

इसी मांग को लेकर आंदोलन जारी है और विभिन्न स्थानों से लोग जंतर-मंतर पहुंचकर प्रदर्शन में शामिल हो रहे हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि उनकी मांग पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा।

जंतर-मंतर पर फिर बढ़ी गतिविधियां

वांगचुक के अनशन जारी रखने के निर्णय के बाद जंतर-मंतर पर एक बार फिर लोगों की आवाजाही बढ़ने लगी है। प्रदर्शन स्थल पर समर्थकों की मौजूदगी पहले की तुलना में अधिक दिखाई दे रही है। आंदोलन से जुड़े लोग लगातार अपने कार्यक्रमों के माध्यम से समर्थन जुटाने का प्रयास कर रहे हैं।

इस बीच, प्रदर्शनकारियों की ओर से शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगों को आगे बढ़ाने की बात कही जा रही है। आंदोलन पर राजनीतिक और सामाजिक संगठनों की भी नजर बनी हुई है।

सांसदों से मुलाकात की मांग बनी प्रमुख मुद्दा

सोनम वांगचुक ने अपने बयान में कहा है कि उनका अनशन तब तक जारी रहेगा, जब तक युवा नेताओं को संसद में सांसदों से मिलने की अनुमति नहीं मिल जाती या सांसद स्वयं उस अस्पताल में नहीं पहुंच जाते, जहां उनका उपचार चल रहा है। इसी मांग को लेकर समर्थक भी लगातार अपनी आवाज बुलंद कर रहे हैं।

आंदोलन से जुड़े लोगों का कहना है कि संवाद के माध्यम से समाधान निकाला जाना चाहिए और उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए।