मुंबई। बॉलीवुड और अंडरवर्ल्ड के कथित रिश्तों की चर्चा नई नहीं है। खासकर 1990 के दशक में फिल्म उद्योग के सितारों, निर्माताओं और दूसरे लोगों को धमकी भरे फोन मिलने की खबरें सामने आती रही थीं। इसी दौर से जुड़ा शाहरुख खान का एक पुराना किस्सा अब एक बार फिर चर्चा में है। फिल्ममेकर संजय गुप्ता ने हाल ही में ‘हुसैन जैदी फाइल्स’ पॉडकास्ट में शाहरुख खान से जुड़ी एक घटना का जिक्र किया है। उनके मुताबिक, धमकी मिलने के बावजूद शाहरुख ने दबाव के आगे झुकने से इनकार कर दिया था।
‘मैं पठान हूं, चाहो तो गोली मार दो’
संजय गुप्ता ने पॉडकास्ट में दावा किया कि फिल्म उद्योग में शाहरुख खान ऐसे व्यक्ति थे, जिन्होंने धमकी मिलने के बाद भी सामने वाले के दबाव में काम करने से मना कर दिया। गुप्ता के मुताबिक, शाहरुख ने कथित तौर पर कहा था, ‘मैं वह फिल्म या शो कभी नहीं करूंगा। मैं एक पठान हूं, अगर आप चाहें तो मुझे गोली मार दें। मैं आपसे डरता नहीं हूं, लेकिन मैं आपके साथ काम नहीं करूंगा और न ही आपके लिए शो करूंगा।’
संजय गुप्ता के अनुसार, शाहरुख के इस रुख ने कथित तौर पर धमकी देने वालों के बीच भी उनका सम्मान बढ़ाया। उनका कहना था कि सामने वाले को भी शायद लगा होगा कि कम से कम एक व्यक्ति ऐसा है, जो डरकर उनके सामने झुकने के लिए तैयार नहीं है।
तीन साल तक कड़ी सुरक्षा में रहे शाहरुख
शाहरुख खान ने खुद भी पुराने साक्षात्कारों में 1990 के दशक के दौरान मिली धमकियों के बारे में बात की थी। कॉमेडियन और अभिनेता रूबी वैक्स के साथ एक पुराने इंटरव्यू में उन्होंने बताया था कि उस समय फिल्म उद्योग में किस तरह दबाव बनाया जाता था।
शाहरुख ने बताया था कि एक तरह का सिस्टम बनाया जाता था और लोगों से कहा जाता था कि उन्हें क्या करना है। उनके मुताबिक, बात न मानने की स्थिति में गंभीर परिणाम भुगतने का खतरा रहता था। अभिनेता ने यह भी बताया था कि उन्हें करीब तीन साल तक काफी कड़ी सुरक्षा और पुलिस सुरक्षा के बीच रहना पड़ा था।
क्या फिल्म करने से मना करने पर जान से मारने की धमकी मिलती थी?
इंटरव्यू के दौरान रूबी वैक्स ने शाहरुख से सीधे सवाल किया था कि क्या कोई उन्हें फोन करके किसी फिल्म में काम करने के लिए कहता था और मना करने पर सिर उड़ाने की धमकी देता था। शाहरुख ने इस सवाल पर कहा था कि मामला उतना सीधा नहीं था, जितना सवाल में बताया गया था।
इसके बावजूद उनके जवाब से यह संकेत जरूर मिला था कि उस दौर में बॉलीवुड पर बाहरी दबाव मौजूद था। उन्होंने यह भी बताया था कि फिल्म उद्योग अंडरवर्ल्ड के लिए आसान निशाना क्यों बन सकता था।
अबू सलेम के फोन का भी हुआ था जिक्र
शाहरुख खान से जुड़े एक अन्य पुराने मामले का जिक्र अनुपमा चोपड़ा ने किया था। उनके अनुसार, गैंगस्टर अबू सलेम ने शाहरुख खान को सीधे फोन किया था। बताया जाता है कि सलेम कथित तौर पर इस बात से नाराज था कि शाहरुख ने उसके करीबी माने जाने वाले एक निर्माता की फिल्म में काम करने से इनकार कर दिया था।
रिपोर्टों के मुताबिक, इस दौरान शाहरुख परेशान और डरे हुए थे, लेकिन उन्होंने बातचीत के दौरान खुद को शांत रखने की कोशिश की। जब कथित तौर पर उन पर एक खास फिल्म में काम करने के लिए दबाव डाला गया, तो अनुपमा चोपड़ा के अनुसार शाहरुख ने जवाब दिया था, ‘मैं आपको यह नहीं बताता कि किसे गोली मारनी है, इसलिए आप मुझे यह मत बताइए कि कौन सी फिल्म करनी है।’
‘कुछ कुछ होता है’ को लेकर करण जौहर को मिली थी धमकी
शाहरुख खान के बेखौफ रवैये से जुड़ा एक और किस्सा करण जौहर की आत्मकथा ‘एन अनसूटेबल बॉय’ में दर्ज है। करण जौहर ने बताया था कि उनकी फिल्म ‘कुछ कुछ होता है’ की रिलीज से पहले उन्हें अंडरवर्ल्ड से धमकियां मिली थीं।
उस समय करण जौहर की मां भी इन धमकियों को लेकर चिंतित थीं। ऐसे माहौल में शाहरुख खान ने करण को डरने के बजाय हिम्मत दी और उनके साथ खड़े रहे।
‘देखते हैं तुम्हें कौन गोली मारता है’
करण जौहर ने अपनी आत्मकथा में लिखा कि जब उन्होंने धमकियों की बात बताई तो शाहरुख ने कथित तौर पर कहा, ‘क्या बकवास है!’ इसके बाद वह अंदर गए और करण को खींचकर बाहर ले आए। करण के मुताबिक, शाहरुख ने कहा था, ‘मैं तुम्हारे सामने खड़ा हूं। देखते हैं तुम्हें कौन गोली मारता है। मैं यहीं खड़ा हूं।’
शाहरुख का यह अंदाज करण जौहर के लिए उस मुश्किल समय में हिम्मत देने वाला था। उन्होंने न केवल खुद डरने से इनकार किया, बल्कि करण और उनके परिवार को भी भरोसा दिलाने की कोशिश की।
करण जौहर की मां से कहा- ‘मैं पठान हूं’
करण जौहर के मुताबिक, शाहरुख खान ने उनकी मां को भी भरोसा दिलाया था। उन्होंने कथित तौर पर कहा था, ‘मैं पठान हूं। मुझे कुछ नहीं हो सकता और आपके बेटे को भी कुछ नहीं होगा। वह मेरे भाई जैसा है। उसे कुछ नहीं होगा।’
करण जौहर की आत्मकथा में दर्ज यह प्रसंग शाहरुख और करण की दोस्ती के उस पहलू को सामने लाता है, जिसमें अभिनेता मुश्किल परिस्थितियों में अपने दोस्त के साथ खड़े दिखाई देते हैं।
1990 के दशक में बॉलीवुड पर था कथित दबाव
1990 का दशक बॉलीवुड के लिए बदलाव और विस्तार का दौर था। इसी समय फिल्म उद्योग से जुड़े लोगों को अंडरवर्ल्ड की ओर से कथित तौर पर धमकियां मिलने की खबरें भी सामने आती थीं। कलाकारों और निर्माताओं पर फिल्मों तथा कार्यक्रमों को लेकर दबाव बनाने की घटनाएं उस दौर की चर्चाओं का हिस्सा रही हैं।
शाहरुख खान भी इसी दौर में तेजी से बड़े सितारे के रूप में उभर रहे थे। पुराने इंटरव्यू में उनके द्वारा सुरक्षा और धमकियों का जिक्र किया जाना इस बात को सामने लाता है कि उस समय फिल्मी सितारों के सामने सुरक्षा से जुड़ी चिंताएं भी मौजूद थीं।
धमकियों के बावजूद नहीं बदला शाहरुख का अंदाज
शाहरुख खान से जुड़े इन किस्सों में सबसे ज्यादा चर्चा उनके कथित जवाबों की होती है। संजय गुप्ता के बयान के मुताबिक, अभिनेता ने धमकी के बावजूद किसी खास फिल्म या कार्यक्रम में काम करने से इनकार किया था। वहीं करण जौहर की आत्मकथा में दर्ज घटना में वह अपने दोस्त को हिम्मत देते नजर आते हैं।
इन घटनाओं के अलग-अलग विवरण पुराने इंटरव्यू, फिल्ममेकर के बयान और आत्मकथा में दर्ज प्रसंगों से सामने आते हैं। इसलिए इनका उल्लेख उन्हीं स्रोतों के आधार पर किया जा रहा है।
