
पटना समाहरणालय
पटना। जिले में चल रही विकासात्मक और लोक कल्याणकारी योजनाओं की रफ्तार बढ़ाने को लेकर जिलाधिकारी कुंदन कुमार ने अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ काम करने का निर्देश दिया है। साप्ताहिक समन्वय समिति की बैठक में योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि किसी भी योजना के क्रियान्वयन में आने वाली बाधा को तत्काल दूर किया जाए और निर्धारित समय सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण तरीके से काम पूरा कराया जाए। योजनाओं का वास्तविक लाभ आम लोगों तक पहुंचना प्रशासन की प्राथमिकता होनी चाहिए।
डीएम ने अधिकारियों को योजनाओं से जुड़े विभिन्न इंडिकेटर्स पर विशेष निगरानी रखने को कहा, ताकि पटना जिले की रैंकिंग में लगातार सुधार हो। उन्होंने स्पष्ट किया कि आम लोगों की समस्याओं का समय पर, संवेदनशील और गुणवत्तापूर्ण समाधान जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। सभी अनुमंडल पदाधिकारियों और अन्य अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र में चल रही योजनाओं और जिले की प्राथमिकताओं की नियमित एवं गहन समीक्षा करने को कहा गया।
कोर्ट केसों के लिए बनेगा माइक्रो प्लान
बैठक में न्यायालयीय मामलों की स्थिति पर भी विस्तार से चर्चा हुई। जिला स्तर पर फिलहाल CWJC के 400, MJC के 40 और LPA के 7 मामले लंबित हैं। अनुमंडल स्तर पर पटना सदर में 62 मामले लंबित मिले, जिनमें पिछले सप्ताह केवल 2 का निष्पादन हुआ। पटना सिटी में 84 लंबित मामलों में 2, मसौढ़ी में 12 मामलों में एक भी, बाढ़ में 21 में 3 और दानापुर में 56 में 3 मामलों का निष्पादन किया गया। पालीगंज में 21 मामले लंबित हैं और पिछले सप्ताह एक भी मामले का निष्पादन नहीं हुआ।
मामलों के निष्पादन की धीमी गति को डीएम ने गंभीरता से लिया। उन्होंने एसडीओ को प्रत्येक मामले का बारीकी से अध्ययन कर निर्धारित लक्ष्य के अनुसार निष्पादन कराने को कहा। इसके अलावा विभिन्न जिला स्तरीय कार्यालयों में विभिन्न न्यायालयों से जुड़े 161 मामले लंबित पाए गए।
वरीय अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि वे न्यायालयीय मामलों से जुड़े Statement of Facts (SOF) की खुद जांच करें। लंबित मामलों के लिए माइक्रो प्लान तैयार किया जाए और उसमें अर्जेंट व महत्वपूर्ण मामलों को प्राथमिकता देकर उनका शीघ्र निष्पादन कराया जाए। जिले में लंबित सभी MJC मामलों के निष्पादन पर विशेष ध्यान देने का निर्देश भी दिया गया।
लोक शिकायत और सहयोग पोर्टल की भी समीक्षा
डीएम ने लोक शिकायत और सहयोग पोर्टल से प्राप्त आवेदनों को सिर्फ निपटाने के बजाय उनके गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध समाधान पर जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों को हर आवेदन को गंभीरता और संवेदनशीलता से देखने तथा आवेदकों को वास्तविक समाधान उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।
मुख्यमंत्री विद्यार्थी सहयोग शिविर में प्राप्त मामलों के त्वरित निष्पादन पर भी विशेष ध्यान देने को कहा गया, ताकि विद्यार्थियों से जुड़ी समस्याओं का जल्द समाधान हो सके।
DRCC की योजनाओं में युवाओं को अधिक लाभ देने पर जोर
जिला निबंधन एवं परामर्श केंद्र (DRCC) के तहत चल रही योजनाओं की भी समीक्षा हुई। इसमें स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड, स्वयं सहायता भत्ता और कुशल युवा कार्यक्रम शामिल रहे। डीएम ने संबंधित अधिकारियों को इन योजनाओं का प्रभावी और सही तरीके से क्रियान्वयन सुनिश्चित करने को कहा, ताकि विद्यार्थियों और युवाओं को योजनाओं का अधिकतम लाभ आसानी से मिल सके।
112 पंचायत सरकार भवन पूरे, 185 पर काम जारी
जिले में पंचायत सरकार भवनों के निर्माण की स्थिति की समीक्षा में सामने आया कि अब तक 112 पंचायत सरकार भवनों का निर्माण पूरा हो चुका है, जबकि 185 भवन निर्माणाधीन हैं। डीएम ने भवन निर्माण विभाग के अधिकारियों को निर्माणाधीन भवनों को तय समय सीमा में गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा कराने का निर्देश दिया।
उन्होंने यह भी कहा कि जिन स्थानों पर पंचायत सरकार भवन पहले से क्रियाशील हैं, वहां संबंधित कर्मचारियों की नियमित मौजूदगी सुनिश्चित हो। कर्मचारियों को आम लोगों को जरूरी सेवाएं उपलब्ध कराने और उनके कार्यों एवं समस्याओं का समयबद्ध निष्पादन करना होगा।
विभागों के बीच बेहतर तालमेल से दूर होंगी अड़चनें
डीएम ने कहा कि साप्ताहिक समन्वय समिति की बैठक का मुख्य उद्देश्य विभागों के बीच बेहतर तालमेल बनाकर विकास योजनाओं के रास्ते में आने वाली अड़चनों को दूर करना है। यदि किसी अधिकारी को किसी योजना के लिए दूसरे विभाग के सहयोग की जरूरत है, तो वह समस्या बैठक में सामने रखे, ताकि उसका तत्काल समाधान किया जा सके।
उन्होंने अधिकारियों से सक्रियता, समन्वय और लगातार अनुश्रवण के साथ काम करने तथा सभी योजनाओं और कार्यक्रमों को तय समय में गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा कराने को कहा। बैठक में उप विकास आयुक्त शुभम कुमार समेत विभिन्न विभागों के वरीय पदाधिकारी मौजूद रहे।
