CJP Jantar Mantar Protest: जंतर-मंतर पहुंचे सांसद चंद्रशेखर आजाद, बोले- सरकार अपना 'धर्म' निभा रही, मैं युवाओं की आवाज़ बनकर आया हूं | Source: Mid-Day.comनई दिल्ली। राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर सोमवार को आयोजित CJP (Cockroach Janata Party) के विरोध प्रदर्शन में भीम आर्मी प्रमुख और नगीना से सांसद चंद्रशेखर आजाद शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने प्रदर्शनकारी छात्रों और युवाओं के समर्थन में केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि वह इस संघर्ष का हिस्सा युवाओं की आवाज़ बनने के लिए बने हैं। 

CJP Jantar Mantar Protest: जंतर-मंतर पहुंचे सांसद चंद्रशेखर आजाद, बोले- सरकार अपना 'धर्म' निभा रही, मैं युवाओं की आवाज़ बनकर आया हूंSource : Mid-Day.com

चंद्रशेखर आजाद ने मीडिया से बातचीत में कहा, "सरकार अपना 'धर्म' निभा रही है, पुलिस अपना 'धर्म' निभा रही है और मैं इस मिट्टी के प्रति अपना फ़र्ज़ निभाने के लिए इस संघर्ष का हिस्सा बना हूं। एक भारतीय युवा होने के नाते मैं युवाओं का दर्द समझता हूं। मैं उनकी आवाज़ बनने और उनके साथ खड़े होने के लिए यहां आया हूं। उनके साथ अन्याय हो रहा है और सरकार ऐसा होने दे रही है।" उनका यह बयान सोशल मीडिया पर भी तेजी से चर्चा का विषय बन गया।

 दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहा यह प्रदर्शन हाल के महीनों में सामने आए परीक्षा अनियमितताओं और शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही की मांग को लेकर आयोजित किया गया। प्रदर्शनकारी शिक्षा प्रणाली में पारदर्शिता, जवाबदेही और सुधार की मांग कर रहे हैं। आंदोलन को कई छात्र संगठनों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं का भी समर्थन मिल रहा है।

इस आंदोलन के साथ शिक्षा सुधारक और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक भी जुड़े रहे हैं। उन्होंने शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही की मांग को लेकर लंबे समय तक अनशन किया था। स्वास्थ्य बिगड़ने के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया, जिसके बाद भी प्रदर्शन जारी है। 

सोमवार को बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी जंतर-मंतर पहुंचे। प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रही और संसद की ओर मार्च को लेकर पुलिस ने बैरिकेडिंग की। कुछ स्थानों पर प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की की भी खबरें सामने आईं। पुलिस का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए गए, जबकि प्रदर्शनकारी अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण आंदोलन जारी रखने की बात कह रहे हैं। 

इस बीच आंदोलन से जुड़े प्रतिनिधियों का कहना है कि उनकी मांग शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना है। उनका कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया जाएगा, तब तक लोकतांत्रिक तरीके से विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा।