
Source: Dainik Bhaskar
Buxar News: बक्सर के सांसद सुधाकर सिंह ने सोमवार को शिक्षा विभाग से जुड़े अपने प्रतिनिधि को लेकर बड़ा फैसला लिया है। सांसद ने अरविंद कुमार सिंह को शिक्षा विभाग में दिए गए सभी दायित्वों से तत्काल प्रभाव से हटा दिया है। इस संबंध में उन्होंने जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ), बक्सर को पत्र भेजकर आधिकारिक जानकारी दी है। सांसद कार्यालय की तरफ से जारी पत्र में कहा गया है कि हाल के दिनों में अरविंद कुमार सिंह की गतिविधियों और कामकाज को लेकर कुछ नकारात्मक खबरें मिली थीं। इन्हीं जानकारियों के आधार पर उन्हें प्रतिनिधि के पद से हटाने का निर्णय लिया गया है।
दिसंबर 2024 में मिली थी जिम्मेदारी
सांसद कार्यालय के अनुसार, 28 दिसंबर 2024 को कार्यालय पत्रांक BXR-138 के तहत अरविंद कुमार सिंह को शिक्षा विभाग में सांसद का अधिकृत प्रतिनिधि बनाया गया था। उन्हें छात्र-छात्राओं, शिक्षकों और शिक्षकेत्तर कर्मचारियों की समस्याओं को सुनने और उनके समाधान के लिए अधिकारियों से समन्वय करने की जिम्मेदारी दी गई थी।
इसके अलावा, उन्हें शिक्षा विभाग के कामकाज पर नजर रखने, विभिन्न योजनाओं की जानकारी लेने और जनहित से जुड़े मामलों को प्रशासन तक पहुंचाने का दायित्व भी सौंपा गया था।
गतिविधियों को लेकर मिलीं नकारात्मक जानकारियां
सांसद की तरफ से जिला शिक्षा पदाधिकारी को भेजे गए पत्र में कहा गया है कि पिछले कुछ समय से अरविंद कुमार सिंह के क्रियाकलापों, गतिविधियों और संदिग्ध आचरण को लेकर कुछ शिकायतें और नकारात्मक जानकारियां सामने आई हैं। इन सूचनाओं को गंभीरता से लेने के बाद सांसद ने उन्हें तत्काल प्रभाव से उनके दायित्वों से मुक्त कर दिया। हालांकि, पत्र में यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि शिकायतें किस तरह की थीं और उन्हें लेकर क्या आरोप लगाए गए हैं।
सांसद ने अपने पत्र में कहा है कि यह फैसला इसलिए लिया गया है, ताकि आगे चलकर उनके प्रतिनिधि के नाम का गलत इस्तेमाल न हो सके। साथ ही, उनके नाम पर किसी तरह का नियमों के खिलाफ काम न किया जाए। सांसद ने जिला शिक्षा पदाधिकारी से इस मामले में जरूरी कार्रवाई करने की भी अपील की है।
जिले में चर्चा का विषय बना मामला
सांसद के इस फैसले के बाद जिले के राजनीतिक और शैक्षणिक हलकों में इसकी चर्चा शुरू हो गई है। आमतौर पर सांसद और विधायक विभिन्न विभागों में जनता की समस्याओं को अधिकारियों तक पहुंचाने के लिए अपने प्रतिनिधियों की नियुक्ति करते हैं। ऐसे में किसी प्रतिनिधि को अचानक दायित्व से हटाया जाना एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक और राजनीतिक कदम माना जा रहा है। फिलहाल, इस मामले में अरविंद कुमार सिंह की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
