बिहार विधान परिषद में 10 नए MLC के शपथ ग्रहण समारोह की तस्वीर। | Source: Social media

बिहार विधान परिषद में 10 नए MLC के शपथ ग्रहण समारोह की तस्वीर।Source : Social media

बिहार की राजनीति में आज का दिन अहम माना जा रहा है। शाम 4 बजे बिहार विधान परिषद के उपसभागार में नवनिर्वाचित 10 विधान पार्षदों को पद की शपथ दिलाई गई। हालांकि शपथ ग्रहण समारोह में सबसे ज्यादा चर्चा दो नए चेहरों भोजपुरी अभिनेता और गायक पवन सिंह तथा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार को लेकर है। दोनों पहली बार विधान परिषद के सदस्य के रूप में अपनी नई राजनीतिक पारी की शुरुआत करेंगे, इसलिए राजनीतिक गलियारों से लेकर आम लोगों तक की नजर इन पर टिकी हुई है।

आज 10 नवनिर्वाचित MLC ने लिया शपथ

बिहार विधान परिषद के उपसभागार में आयोजित समारोह में सभी 10 नवनिर्वाचित सदस्यों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई गई। शपथ लेने के बाद ये सभी सदस्य आधिकारिक तौर पर सदन की कार्यवाही में भाग ले सकेंगे। समारोह में राज्य सरकार के कई वरिष्ठ मंत्री, विधायक और अन्य जनप्रतिनिधियों के मौजूद रहने की संभावना है।

कौन-कौन बने हैं नए विधान पार्षद?

इस बार जनता दल (यूनाइटेड) की ओर से भारती मेहता, शिवानी देवी प्रजापति, ललन प्रसाद और निशांत कुमार को मौका मिला है। वहीं भारतीय जनता पार्टी ने पवन सिंह, संजय मयूख, अनिल ठाकुर और शीला पंडित को विधान परिषद भेजा है। इसके अलावा लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) से अशरफ अंसारी और राष्ट्रीय जनता दल से सुनील सिंह भी नवनिर्वाचित सदस्यों में शामिल हैं।

सभी उम्मीदवार निर्विरोध हुए निर्वाचित।

विधान परिषद की 10 सीटों के लिए जितने पद खाली थे, उतने ही उम्मीदवारों ने नामांकन दाखिल किया था। किसी भी सीट पर मुकाबला नहीं होने के कारण सभी 10 प्रत्याशी निर्विरोध निर्वाचित घोषित किए गए। चुनाव परिणाम 11 जून को जारी किए गए थे, जिसमें बीजेपी और जेडीयू के चार-चार, जबकि एलजेपी (रामविलास) और राजद के एक-एक उम्मीदवार विजयी घोषित हुए।

पवन सिंह पर क्यों टिकी हैं निगाहें?

भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री के 'पावर स्टार' पवन सिंह पहली बार विधान परिषद के सदस्य बने हैं। बीजेपी ने उन्हें एमएलसी चुनाव के लिए अपना आधिकारिक उम्मीदवार बनाया था। माना जा रहा है कि युवाओं और भोजपुरी भाषी क्षेत्रों में उनकी लोकप्रियता को देखते हुए पार्टी ने उन्हें उच्च सदन में भेजने का फैसला किया। यही वजह है कि उनके शपथ ग्रहण को लेकर सबसे अधिक उत्सुकता देखी जा रही है।

निशांत कुमार की एंट्री भी चर्चा में

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार भी पहली बार विधान परिषद के सदस्य बने हैं। लंबे समय से राजनीति में उनकी संभावित सक्रियता को लेकर चर्चा होती रही है। ऐसे में उनका शपथ ग्रहण राजनीतिक हलकों में विशेष महत्व रखता है और इसे बिहार की राजनीति के लिए एक अहम घटनाक्रम माना जा रहा है।

ललन प्रसाद को मिली अहम जिम्मेदारी

जदयू के वरिष्ठ नेता ललन प्रसाद का नाम भी इस चुनाव में खास चर्चा में रहा। उन्हें उस सीट से मौका मिला है, जहां पहले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सदस्य रह चुके थे। पार्टी नेतृत्व के करीबी माने जाने वाले ललन प्रसाद को यह जिम्मेदारी दिए जाने को संगठन के भरोसे का संकेत माना जा रहा है।

राजनीतिक समीकरणों पर रहेगी नजर

शपथ ग्रहण के बाद सभी नए सदस्य विधान परिषद की कार्यवाही में हिस्सा लेंगे। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इन नए चेहरों के आने से बिहार की राजनीति और विधान परिषद के समीकरणों पर असर पड़ सकता है। खास तौर पर पवन सिंह और निशांत कुमार की राजनीतिक भूमिका पर आने वाले दिनों में सभी की नजर बनी रहेगी।