केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह राज्यसभा में वंदे मातरम बिल पेश करेंगे.Source : News18
नई दिल्ली: संसद के मानसून सत्र के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सोमवार (20 जुलाई) को राज्यसभा में वंदे मातरम बिल पेश करने जा रहे हैं। इस प्रस्तावित विधेयक का उद्देश्य राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम’ को वही कानूनी दर्जा और सुरक्षा प्रदान करना है, जो वर्तमान में राष्ट्रीय गान ‘जन गण मन’ को प्राप्त है। यदि यह बिल संसद के दोनों सदनों से पारित हो जाता है, तो राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम अधिनियम में संशोधन होगा और वंदे मातरम का अपमान भी दंडनीय अपराध की श्रेणी में आ जाएगा।
क्या है वंदे मातरम बिल?
प्रस्तावित वंदे मातरम बिल के तहत यदि कोई व्यक्ति जानबूझकर राष्ट्रीय गीत का अपमान करता है, उसके गायन में बाधा उत्पन्न करता है या उसे गाने से रोकता है, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकेगी। ऐसे मामलों में दोषी पाए जाने पर तीन साल तक की जेल, जुर्माना या दोनों का प्रावधान किया गया है।
वर्तमान में राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम अधिनियम के तहत राष्ट्रीय गान ‘जन गण मन’ के सम्मान को कानूनी सुरक्षा प्राप्त है। इसके तहत राष्ट्रीय गान के दौरान जानबूझकर बाधा डालना या उसका अपमान करना दंडनीय अपराध माना जाता है। प्रस्तावित बिल के जरिए सरकार राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम’ को भी इसी कानूनी दायरे में लाना चाहती है।
सरकार यह बिल क्यों लाना चाहती है?
सरकार का कहना है कि राष्ट्रीय गीत होने के बावजूद वंदे मातरम को अब तक राष्ट्रीय गान के समान कानूनी संरक्षण प्राप्त नहीं है। ऐसे में इस विधेयक के माध्यम से दोनों राष्ट्रीय प्रतीकों को समान कानूनी सुरक्षा देने की पहल की जा रही है। बिल पारित होने के बाद वंदे मातरम का अपमान, उसके गायन में व्यवधान उत्पन्न करना या लोगों को इसे गाने से रोकना दंडनीय अपराध माना जाएगा।
प्रस्तावित संशोधन के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति जानबूझकर राष्ट्रीय गीत के गायन में बाधा डालता है, कार्यक्रम में व्यवधान उत्पन्न करता है या अपमानजनक व्यवहार करता है, तो उसके खिलाफ वही कानूनी कार्रवाई होगी, जो वर्तमान में राष्ट्रीय गान के अपमान के मामलों में लागू होती है।
9 जुलाई के निर्देश के बाद आया प्रस्ताव
यह प्रस्ताव केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से 9 जुलाई को राज्यों को जारी किए गए निर्देशों के बाद सामने आया है। मंत्रालय ने निर्देश दिया था कि सरकारी कार्यक्रमों में जब भी ‘जन गण मन’ गाया जाए, उससे पहले ‘वंदे मातरम’ का गायन या वादन किया जाए। अब इसी क्रम में सरकार राष्ट्रीय गीत को कानूनी संरक्षण देने के उद्देश्य से यह विधेयक संसद में पेश करने जा रही है। इस प्रस्ताव पर मानसून सत्र के दौरान चर्चा होने की संभावना है।
