पटना। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में बुधवार (8 जुलाई) को हुई बिहार कैबिनेट की बैठक में कुल 22 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक में शहरी विकास, आधारभूत संरचना, ऊर्जा, परिवहन और औद्योगिक विकास से जुड़े कई अहम फैसलों पर मुहर लगी। कैबिनेट ने पटना में प्रस्तावित पाटलिपुत्र तथा मुजफ्फरपुर की तिरहुत सैटेलाइट टाउनशिप के कोर क्षेत्र के विस्तार को मंजूरी दी। वहीं, भागलपुर में गंगा नदी पर स्थित क्षतिग्रस्त विक्रमशिला पुल की मरम्मत के लिए 126 करोड़ रुपये की स्वीकृति भी प्रदान की गई। इसके अलावा चार रूटों पर रैपिड रेल परियोजना, 10 सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेजों में 76 नए पदों के सृजन सहित कई अन्य महत्वपूर्ण प्रस्तावों को भी हरी झंडी मिली।
सरकारी भवनों पर लगेंगे 500 मेगावाट के रूफटॉप सोलर प्लांट
जल-जीवन-हरियाली अभियान के तहत राज्य सरकार सरकारी भवनों पर 500 मेगावाट क्षमता के ग्रिड कनेक्टेड रूफटॉप सोलर प्लांट स्थापित करेगी। ऊर्जा विभाग के इस प्रस्ताव को कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है। यह परियोजना आरईएससीओ (RESCO) मॉडल के तहत लागू होगी, जिसमें संबंधित विभाग सोलर प्लांट से उत्पादित बिजली खरीदने के लिए अनुबंध करेंगे। सरकार का लक्ष्य वर्ष 2029 तक इस परियोजना को पूरा करना है।
मोतीपुर चीनी मिल को फिर से चालू करने की तैयारी
कैबिनेट ने मुजफ्फरपुर के मोतीपुर स्थित बंद चीनी मिल को दोबारा शुरू करने की दिशा में भी बड़ा फैसला लिया। इसके तहत चीनी मिल के लिए आवंटित 266 एकड़ भूमि मेसर्स इंडियन पोटाश लिमिटेड से वापस लेने के लिए राज्य सरकार 63.39 करोड़ रुपये का भुगतान करेगी। इस प्रस्ताव को कैबिनेट की स्वीकृति मिल गई है।
चार सैटेलाइट टाउनशिप के विकास को मिलेगी गति
राज्य सरकार ने पाटलिपुत्र (पटना), तिरहुत (मुजफ्फरपुर), हरिहरनाथ (सोनपुर) और मगध (गया) सैटेलाइट टाउनशिप में आवश्यकता के अनुसार अतिरिक्त भूमि अधिग्रहण की मंजूरी दी है। इन टाउनशिप के कोर एरिया और आसपास के क्षेत्रों में सड़क, जलापूर्ति, सीवरेज, सार्वजनिक सुविधाओं तथा अन्य बुनियादी ढांचे का विकास किया जाएगा।
इसके अलावा बिहार के सभी 12 प्रस्तावित सैटेलाइट शहरों के विकास के लिए अहमदाबाद स्थित सेंटर फॉर एनवायरमेंटल प्लानिंग एंड टेक्नोलॉजी (CEPT) के सलाहकार फाउंडेशन की सेवाएं ली जाएंगी। कैबिनेट ने पाटलिपुत्र और तिरहुत सैटेलाइट टाउनशिप के कोर क्षेत्र को पूर्व निर्धारित सीमा से और विस्तारित करने की भी मंजूरी दी है।
पटना से चार दिशाओं में दौड़ेगी रैपिड रेल
राज्य में आधुनिक परिवहन व्यवस्था विकसित करने की दिशा में भी कैबिनेट ने अहम फैसला लिया। चार रूटों पर रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (RRTS) कॉरिडोर विकसित करने के लिए विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (डीपीआर) और वैकल्पिक विश्लेषण रिपोर्ट तैयार कराने की मंजूरी दी गई है। इस कार्य के लिए नेशनल कैपिटल रीजन ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन (NCRTC) का चयन किया गया है तथा 31.59 करोड़ रुपये के खर्च को स्वीकृति प्रदान की गई है।
प्रस्तावित परियोजना के तहत पटना से गया, पटना से बेगूसराय, पटना से आरा तथा पटना से हाजीपुर और सोनपुर होते हुए मुजफ्फरपुर तक रैपिड रेल सेवा विकसित की जाएगी। सरकार का मानना है कि इससे राज्य में तेज, सुरक्षित और आधुनिक सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा।
इंजीनियरिंग शिक्षा को भी मिलेगा मजबूती
कैबिनेट ने राज्य के 10 सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेजों में 76 नए पदों के सृजन को भी मंजूरी दी है। सरकार का उद्देश्य तकनीकी संस्थानों में शैक्षणिक और प्रशासनिक व्यवस्था को और सुदृढ़ बनाना है, जिससे छात्रों को बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें।
