
भाजपा में शामिल होते प्रो. केसी सिन्हा के साथ प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी
पटना। बिहार की राजनीति में बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव से पहले जन सुराज पार्टी (जेएसपी) को बड़ा झटका लगा है। गणित के प्रसिद्ध शिक्षक और कई चर्चित गणित पुस्तकों के लेखक प्रोफेसर कृष्ण चंद्र सिन्हा उर्फ केसी सिन्हा ने जन सुराज पार्टी छोड़कर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सदस्यता ग्रहण कर ली। बुधवार को पटना स्थित भाजपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम के दौरान प्रदेश भाजपा अध्यक्ष संजय सरावगी ने उन्हें पार्टी की सदस्यता दिलाई। इस अवसर पर जन सुराज पार्टी से चुनाव लड़ चुके बिट्टू सिंह और गोपाल सिंह भी भाजपा में शामिल हुए।
बांकीपुर उपचुनाव से पहले झटका
प्रो. केसी सिन्हा का भाजपा में शामिल होना ऐसे समय में हुआ है, जब बांकीपुर विधानसभा सीट पर उपचुनाव की गतिविधियां तेज हो चुकी हैं। राजनीतिक जानकार इसे जन सुराज पार्टी के लिए महत्वपूर्ण झटका मान रहे हैं। प्रो. सिन्हा जन सुराज के शुरुआती नेताओं में गिने जाते रहे हैं और पार्टी के गठन के शुरुआती दौर से जुड़े रहे थे।
2025 विधानसभा चुनाव में कुम्हरार से लड़ा था चुनाव
प्रोफेसर केसी सिन्हा ने नवंबर 2025 में हुए बिहार विधानसभा चुनाव में पटना जिले की कुम्हरार विधानसभा सीट से जन सुराज पार्टी के उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा था। हालांकि, उन्हें इस चुनाव में करीब 15 हजार वोट ही प्राप्त हुए थे। अब उन्होंने भाजपा का दामन थामकर अपने राजनीतिक सफर की नई शुरुआत की है।
'करंट के खिलाफ चलेंगे तो समय लगेगा'
भाजपा में शामिल होने के बाद प्रो. केसी सिन्हा ने जन सुराज छोड़ने के अपने फैसले पर खुलकर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि राजनीति में परिस्थितियों को समझना जरूरी होता है। उन्होंने कहा, "करंट के विरुद्ध चलिएगा तो बहुत समय लगेगा। करंट के साथ चलिएगा तो... बिना सरकार के..."। उनके इस बयान को राजनीतिक हलकों में काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है और इसे उनके राजनीतिक निर्णय का स्पष्ट संकेत माना जा रहा है।
प्रशांत किशोर को दी शुभकामनाएं
प्रो. सिन्हा ने जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर के प्रति किसी तरह की कटुता व्यक्त नहीं की। उन्होंने उन्हें शुभकामनाएं देते हुए कहा कि वह बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र के मतदाता नहीं हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका निर्णय व्यक्तिगत राजनीतिक सोच और राष्ट्रहित को ध्यान में रखकर लिया गया है।
राष्ट्रहित को बताया सर्वोपरि
भाजपा में शामिल होने के बाद आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रो. केसी सिन्हा ने कहा कि उनके लिए राष्ट्रहित सबसे ऊपर है। उन्होंने कहा कि वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों में दुनिया के कई हिस्सों में युद्ध जैसे हालात बन रहे हैं। ऐसे समय में भारत की केंद्र सरकार को और मजबूत बनाने की आवश्यकता है ताकि देश वैश्विक स्तर पर और अधिक प्रभावशाली भूमिका निभा सके।
उन्होंने कहा कि भारत आज विश्व की उम्मीदों का केंद्र बन चुका है और देश को और अधिक मजबूत बनाने के लिए सभी को मिलकर प्रयास करना चाहिए।
भारत को फिर शिक्षा का केंद्र बनाने की जरूरत
शिक्षा के क्षेत्र से जुड़े रहे प्रो. केसी सिन्हा ने कहा कि भारत प्राचीन काल में शिक्षा का सबसे बड़ा केंद्र रहा है और उसे फिर उसी स्थान पर पहुंचाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि एक समय ऐसा था जब दुनिया के विभिन्न देशों से हजारों विद्यार्थी नालंदा विश्वविद्यालय में शिक्षा प्राप्त करने भारत आते थे।
उन्होंने कहा कि उस दौर में आधुनिक परिवहन सुविधाएं भी उपलब्ध नहीं थीं, इसके बावजूद विदेशों से लगभग दस हजार विद्यार्थी नालंदा विश्वविद्यालय में अध्ययन के लिए पहुंचते थे। यह भारत की समृद्ध शैक्षणिक परंपरा का प्रमाण है।
जन सुराज में भी शिक्षा को बनाया था मुख्य मुद्दा
प्रो. केसी सिन्हा ने कहा कि जब वह जन सुराज पार्टी में थे, तब भी उनकी प्राथमिकता शिक्षा ही थी। उन्होंने पार्टी के भीतर भी लगातार शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने की जरूरत पर जोर दिया। उनका कहना था कि देश के विकास की मजबूत नींव गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से ही तैयार हो सकती है।
भाजपा नेतृत्व की मौजूदगी में हुई सदस्यता
पटना स्थित भाजपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम के दौरान प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी की मौजूदगी में प्रो. केसी सिन्हा ने भाजपा की सदस्यता ग्रहण की। इसी कार्यक्रम में जन सुराज पार्टी से जुड़े रहे बिट्टू सिंह और गोपाल सिंह को भी भाजपा में शामिल कराया गया। भाजपा ने इसे संगठन के विस्तार और पार्टी को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
