
गिरिराज सिंह।Source : Chrome
बिहार की बांकीपुर विधानसभा सीट पर होने वाला उपचुनाव अब पूरी तरह राजनीतिक प्रतिष्ठा की लड़ाई बन चुका है। जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर के चुनावी मैदान में उतरने के बाद राजनीतिक बयानबाजी लगातार तेज हो रही है। इसी बीच केंद्रीय मंत्री और बीजेपी सांसद गिरिराज सिंह ने प्रशांत किशोर पर तीखा हमला बोलते हुए ऐसा बयान दिया, जिसने चुनावी माहौल को और गर्मा दिया है।
प्रशांत किशोर पर गिरिराज सिंह का तीखा हमला
बेगूसराय के बछवाड़ा में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान मीडिया से बातचीत में केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर को निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि पिछली बार जन सुराज के अधिकांश उम्मीदवार चुनाव में प्रभाव नहीं छोड़ सके और कई की जमानत तक जब्त हो गई थी। उनका दावा था कि इस बार उम्मीदवारों की कमी के कारण प्रशांत किशोर खुद चुनाव लड़ने मैदान में उतरे हैं।इसी दौरान उन्होंने कहा, भगवान न करे प्रशांत किशोर चुनाव जीतें। गिरिराज सिंह का आरोप था कि अगर वे विधानसभा पहुंचे तो सरकार की आलोचना करने और माहौल खराब करने का काम करेंगे।
बीजेपी ने उम्मीदवार बदलने पर भी दी सफाई
बांकीपुर उपचुनाव में बीजेपी द्वारा उम्मीदवार बदलने के फैसले पर भी विपक्ष लगातार सवाल उठा रहा है। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए गिरिराज सिंह ने कहा कि बीजेपी किसी व्यक्ति के भरोसे नहीं, बल्कि अपने संगठन और चुनाव चिह्न के दम पर चुनाव लड़ती है। उनके अनुसार उम्मीदवार बदलना पार्टी की रणनीति का हिस्सा है और इसका फैसला पूरी सोच-विचार के बाद लिया गया।
विकास कार्यों को बनाया चुनावी मुद्दा
गिरिराज सिंह ने कहा कि बीजेपी सरकार ने बांकीपुर क्षेत्र में सड़क, बिजली, नाली, गली और पार्क समेत कई विकास कार्य किए हैं। उनका कहना था कि जनता विकास के आधार पर फैसला करती है और बीजेपी को अपने काम के लिए किसी से प्रमाणपत्र लेने की जरूरत नहीं है। उन्होंने क्षेत्र की जनता का समर्थन मिलने का भी भरोसा जताया।
बांकीपुर उपचुनाव में बढ़ा सियासी मुकाबला
इस बार का उपचुनाव कई वजहों से चर्चा में है। पहली बार जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर खुद चुनाव मैदान में हैं, जबकि बीजेपी ने नामांकन प्रक्रिया के दौरान अपना उम्मीदवार बदल दिया। वहीं राष्ट्रीय जनता दल ने रेखा गुप्ता को मैदान में उतारा है और जनशक्ति जनता दल की ओर से वीणा मानवी भी चुनाव लड़ रही हैं। ऐसे में मुकाबला बहुकोणीय होता दिखाई दे रहा है।
कब होंगे मतदान और मतगणना?
निर्वाचन कार्यक्रम के अनुसार, 14 जुलाई तक नामांकन दाखिल किए जा सकेंगे। 15 जुलाई को नामांकन पत्रों की जांच होगी, जबकि 17 जुलाई तक उम्मीदवार अपना नाम वापस ले सकेंगे। इसके बाद 30 जुलाई को मतदान होगा और 3 अगस्त को मतगणना के साथ चुनाव परिणाम घोषित किए जाएंगे।
बयानों से और गर्मा सकता है चुनाव
जैसे-जैसे मतदान की तारीख नजदीक आ रही है, वैसे-वैसे राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप भी तेज होते जा रहे हैं। एक तरफ बीजेपी विकास और संगठन के दम पर जीत का दावा कर रही है, वहीं जन सुराज बदलाव की राजनीति का संदेश दे रही है। आने वाले दिनों में बांकीपुर का चुनावी माहौल और अधिक गरमाने की संभावना जताई जा रही है।
