अभिषेक सिन्हा ने एनडीए कैंडिडेट के तौर पर किया नामांकन | Source: Bankipur By-Electionपटना। बिहार की चर्चित बांकीपुर विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार अभिषेक कुमार सिन्हा उर्फ बंटी ने गुरुवार को अपना नामांकन पत्र दाखिल कर दिया। नामांकन के दौरान भारतीय जनता पार्टी और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के कई वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी ने चुनावी माहौल को और गर्म कर दिया। पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं स्थानीय सांसद रविशंकर प्रसाद, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी, हिन्दुस्तानी आवाम मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष अनिल कुमार सहित एनडीए के अनेक नेताओं ने अभिषेक सिन्हा के समर्थन में एकजुटता का प्रदर्शन किया।

अभिषेक सिन्हा ने एनडीए कैंडिडेट के तौर पर किया नामांकनSource : Bankipur By-Election

मां का आशीर्वाद लेकर शुरू की चुनावी यात्रा

नामांकन दाखिल करने से पहले अभिषेक सिन्हा अपने घर से मां का आशीर्वाद लेकर निकले। उन्होंने मां के चरण स्पर्श किए तो भावुक माहौल बन गया। मां की आंखों से आंसू छलक पड़े और यह दृश्य देखकर अभिषेक सिन्हा भी भावुक हो गए। इसके बाद उन्होंने अपने दिवंगत पिता एवं पूर्व विधायक नवीन किशोर की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की। नामांकन स्थल जाने से पहले मंदिर पहुंचकर पूजा-अर्चना की और चुनाव में विजय के लिए भगवान से प्रार्थना की।

भाजपा ने जताया भरोसा, विकास को बताया प्राथमिकता

नामांकन के बाद अभिषेक सिन्हा ने कहा कि पार्टी ने उन पर जो विश्वास जताया है, उसे पूरी ईमानदारी और मेहनत से निभाएंगे। उन्होंने कहा कि बांकीपुर के विकास को नई गति देना उनकी सबसे बड़ी प्राथमिकता होगी। जनता के विश्वास और पार्टी के सम्मान को बनाए रखने के लिए वे पूरी निष्ठा के साथ कार्य करेंगे।

लंबा संगठनात्मक अनुभव बना मजबूत आधार

अभिषेक सिन्हा भाजपा के युवा और सक्रिय नेताओं में गिने जाते हैं। वर्तमान में वे भारतीय जनता युवा मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष हैं। इससे पहले वे पटना महानगर भाजपा के अध्यक्ष भी रह चुके हैं। करीब 27 वर्षों से संगठन में सक्रिय रहते हुए उन्होंने मंडल मंत्री, मंडल महामंत्री सहित कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाई हैं। संगठन में उनकी सक्रियता और नेतृत्व क्षमता के कारण उन्हें भाजपा का उभरता हुआ कायस्थ चेहरा माना जाता है।

कायस्थ मतदाताओं पर भी भाजपा की नजर

अभिषेक सिन्हा कायस्थ समाज से आते हैं और बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र में कायस्थ मतदाताओं की अच्छी संख्या मानी जाती है। अनुमान है कि इस वर्ग के मतदाता लगभग 14 प्रतिशत हैं। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह सामाजिक समीकरण चुनावी परिणामों को प्रभावित कर सकता है। साथ ही अभिषेक सिन्हा को पूर्व विधायक नितिन नवीन का करीबी भी माना जाता है, जिससे संगठन के भीतर उन्हें मजबूत समर्थन प्राप्त है।

भाजपा ने जीत का किया दावा

नामांकन के बाद भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने विश्वास जताया कि बांकीपुर में भाजपा उम्मीदवार की जीत तय है। उन्होंने कहा कि भाजपा का इस क्षेत्र से वर्षों पुराना रिश्ता है और एनडीए के सभी घटक दल पूरी मजबूती के साथ चुनाव मैदान में उतर चुके हैं। उनके अनुसार विपक्षी दलों के उम्मीदवार मुख्य मुकाबले में नहीं हैं और जनता एक बार फिर भाजपा पर भरोसा जताएगी।

त्रिकोणीय मुकाबले ने बढ़ाई चुनावी दिलचस्पी

बांकीपुर का यह उपचुनाव इस बार बेहद रोचक माना जा रहा है। राष्ट्रीय जनता दल ने एक बार फिर रेखा गुप्ता को चुनाव मैदान में उतारा है। पिछले विधानसभा चुनाव में उन्हें 45 हजार से अधिक मत प्राप्त हुए थे। वहीं जन सुराज के प्रमुख प्रशांत किशोर भी स्वयं चुनाव लड़ रहे हैं। ऐसे में चुनाव त्रिकोणीय हो गया है और मुकाबला काफी दिलचस्प माना जा रहा है।

भाजपा के लिए प्रतिष्ठा का सवाल

बांकीपुर विधानसभा सीट भारतीय जनता पार्टी का परंपरागत गढ़ मानी जाती है। इस सीट से पूर्व विधायक नितिन नवीन और उनके पिता नवीन किशोर कई बार जनता का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। नितिन नवीन के राज्यसभा सदस्य चुने जाने के बाद यह सीट रिक्त हुई थी। अब भाजपा ने इस राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी अभिषेक सिन्हा को सौंपी है। ऐसे में उनके सामने केवल चुनाव जीतने की चुनौती ही नहीं, बल्कि पार्टी की परंपरागत सीट को सुरक्षित रखने और जनता के भरोसे को कायम रखने की भी बड़ी जिम्मेदारी है। आने वाले दिनों में चुनाव प्रचार तेज होने के साथ बांकीपुर का उपचुनाव बिहार की सबसे चर्चित राजनीतिक लड़ाइयों में शामिल होने की पूरी संभावना है।