erer | Source: ererनई दिल्ली। ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट टीम में जिम्बाब्वे और दक्षिण अफ्रीका के आगामी वनडे दौरों से पहले बड़ा बदलाव देखने को मिला है। चयनकर्ताओं ने स्टार बल्लेबाज मार्नस लाबुशेन को वनडे टीम से बाहर कर दिया है। हाल के पाकिस्तान और बांग्लादेश दौरों में उनका प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा था। हालांकि बांग्लादेश के खिलाफ आखिरी वनडे में उन्होंने निचले क्रम में बल्लेबाजी करते हुए नाबाद 55 रन बनाए, लेकिन इसके बावजूद वह टीम में अपनी जगह बरकरार नहीं रख सके।

लाबुशेन की जगह पर क्यों उठे सवाल?

मार्नस लाबुशेन को वनडे टीम से बाहर किए जाने के पीछे उनकी हालिया फॉर्म को प्रमुख कारण माना जा रहा है। पाकिस्तान और बांग्लादेश के दौरों पर उनका बल्ला अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर सका। बांग्लादेश के खिलाफ अंतिम मुकाबले में नाबाद अर्धशतक लगाने के बावजूद चयनकर्ताओं ने आगामी दोनों दौरों के लिए उन्हें टीम में शामिल नहीं किया।

वनडे टीम से बाहर होने के बाद अब लाबुशेन के टेस्ट करियर को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है। बांग्लादेश के खिलाफ पिछली टेस्ट सीरीज में भी उनका प्रदर्शन प्रभावशाली नहीं रहा था। ऐसे में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ प्रस्तावित तीन मैचों की टेस्ट सीरीज के लिए टीम चयन के समय उनकी स्थिति पर भी नजर रहेगी।

ट्रैविस हेड और मिचेल मार्श की वापसी से बदला समीकरण

ऑस्ट्रेलियाई टीम में ट्रैविस हेड और मिचेल मार्श की वापसी भी लाबुशेन के बाहर होने की वजहों में अहम मानी जा रही है। दोनों खिलाड़ियों के टीम में लौटने के बाद बल्लेबाजी क्रम में उपलब्ध विकल्प बढ़ गए हैं। ऐसे में चयनकर्ताओं ने लाबुशेन को आगामी वनडे दौरों के लिए टीम में जगह नहीं दी।

यह फैसला ऑस्ट्रेलिया की 2027 वनडे विश्व कप की तैयारियों के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। दक्षिण अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया की मेजबानी में होने वाले विश्व कप से पहले ऑस्ट्रेलिया इन मुकाबलों के जरिए अपनी टीम के संयोजन को मजबूत करने की कोशिश करेगा।

युवा खिलाड़ियों पर चयनकर्ताओं का बड़ा दांव

लाबुशेन को बाहर करने के साथ ही चयनकर्ताओं ने कुछ युवा खिलाड़ियों को मौका दिया है। न्यू साउथ वेल्स के ऑलराउंडर जोएल डेविस को पहली बार ऑस्ट्रेलिया की वनडे टीम में शामिल किया गया है। उन्हें बांग्लादेश के खिलाफ टी20 सीरीज में किए गए शानदार प्रदर्शन का इनाम मिला है।

बाएं हाथ के युवा बल्लेबाज ओली पीक को भी टीम में बरकरार रखा गया है। आगामी दोनों दौरों में ऑस्ट्रेलिया को कुल छह वनडे मुकाबले खेलने हैं और इन मैचों को 2027 विश्व कप की तैयारियों के लिए अहम माना जा रहा है।

जिम्बाब्वे दौरे पर मिचेल मार्श संभालेंगे कप्तानी

ऑस्ट्रेलिया की कप्तानी में भी दौरे के हिसाब से बदलाव किया गया है। जिम्बाब्वे दौरे पर मिचेल मार्श टीम की कमान संभालेंगे। नियमित वनडे कप्तान पैट कमिंस दक्षिण अफ्रीका दौरे से टीम के साथ जुड़ेंगे।

वर्कलोड मैनेजमेंट को ध्यान में रखते हुए दक्षिण अफ्रीका दौरे पर कमिंस और मार्श के बीच कप्तानी की जिम्मेदारी साझा किए जाने की संभावना बताई गई है। इस तरह ऑस्ट्रेलिया ने आगामी मुकाबलों के लिए खिलाड़ियों के कार्यभार और टीम संयोजन दोनों को ध्यान में रखते हुए योजना तैयार की है।

मिचेल स्टार्क की भी दक्षिण अफ्रीका दौरे पर वापसी

ऑस्ट्रेलिया के अनुभवी तेज गेंदबाज मिचेल स्टार्क दक्षिण अफ्रीका दौरे के दौरान टीम में वापसी करेंगे। वहीं जोश हेजलवुड दोनों दौरों के लिए वनडे टीम का हिस्सा होंगे।

तेज गेंदबाजी विभाग में इन अनुभवी खिलाड़ियों की मौजूदगी ऑस्ट्रेलियाई टीम को मजबूती देगी। दूसरी ओर युवा खिलाड़ियों को भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी क्षमता दिखाने का अवसर मिलेगा।

कूपर कॉनोली को वनडे टीम में ही रखा गया

कूपर कॉनोली को भी वनडे टीम में बरकरार रखा गया है। हाल ही में बांग्लादेश के खिलाफ मीरपुर में उन्होंने 149 रन की शानदार पारी खेली थी। इसके बावजूद उन्हें लाल गेंद के मुकाबलों के बजाय वनडे टीम के साथ ही रखा गया है।

इसके अलावा भारत दौरे पर जाने वाली ऑस्ट्रेलिया ए टीम और मौजूदा वनडे टीम के बीच खिलाड़ियों की अदला-बदली नहीं की गई है। चयनकर्ताओं ने दोनों टीमों के लिए खिलाड़ियों का मौजूदा संयोजन बरकरार रखा है।

15 सितंबर से शुरू होगा जिम्बाब्वे दौरा

ऑस्ट्रेलिया के जिम्बाब्वे दौरे की शुरुआत 15 सितंबर से होगी। पहला वनडे हरारे में खेला जाएगा। इसके बाद दूसरा मुकाबला 18 सितंबर और तीसरा वनडे 20 सितंबर को खेला जाएगा।

जिम्बाब्वे के खिलाफ तीन मुकाबले पूरे होने के बाद ऑस्ट्रेलियाई टीम दक्षिण अफ्रीका के दौरे पर जाएगी। वहां तीन वनडे मुकाबले खेले जाएंगे।

दक्षिण अफ्रीका में तीन वनडे, तीन अलग तारीखें

दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ पहला वनडे 24 सितंबर को डरबन में होगा। इसके बाद 27 सितंबर को जोहान्सबर्ग में दूसरा मुकाबला खेला जाएगा। दौरे का तीसरा और अंतिम वनडे 30 सितंबर को पोचेफस्ट्रूम में आयोजित किया जाएगा।

जिम्बाब्वे और दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ ये कुल छह मुकाबले ऑस्ट्रेलिया के लिए 2027 वनडे विश्व कप की तैयारियों के लिहाज से महत्वपूर्ण होंगे। इन मैचों में युवा और अनुभवी खिलाड़ियों के संयोजन को आजमाने का अवसर मिलेगा।

ऑस्ट्रेलिया की वनडे टीम में कौन-कौन?

जिम्बाब्वे और दक्षिण अफ्रीका दौरों के लिए ऑस्ट्रेलिया के वनडे स्क्वाड में मिचेल मार्श (कप्तान- जिम्बाब्वे दौरा), पैट कमिंस (कप्तान- केवल दक्षिण अफ्रीका दौरा), जेवियर बार्टलेट, एलेक्स केरी, कूपर कॉनोली, जोएल डेविस, नाथन एलिस, कैमरन ग्रीन, जोश हेजलवुड, ट्रैविस हेड, जोश इंग्लिस, स्पेंसर जॉनसन, ओलिवर पीक, मैथ्यू रेनशॉ, बिली स्टेनलेक, मिचेल स्टार्क (केवल दक्षिण अफ्रीका दौरा) और एडम जम्पा शामिल हैं।

इस टीम में अनुभवी खिलाड़ियों के साथ कई युवा चेहरों को भी जगह दी गई है। लाबुशेन की गैरमौजूदगी के बीच चयनकर्ताओं का ध्यान टीम के नए संयोजन और भविष्य की तैयारियों पर दिखाई दे रहा है।

विश्व कप से पहले टीम संयोजन पर नजर

ऑस्ट्रेलिया ने 2027 वनडे विश्व कप को ध्यान में रखते हुए आगामी दौरों में खिलाड़ियों को आजमाने का मौका चुना है। कुल छह वनडे मुकाबलों के दौरान टीम के पास बल्लेबाजी, गेंदबाजी और ऑलराउंड विकल्पों को परखने का अवसर होगा।

लाबुशेन जैसे अनुभवी खिलाड़ी को बाहर करना चयनकर्ताओं के फैसले की गंभीरता को दिखाता है, जबकि जोएल डेविस और ओली पीक जैसे युवा खिलाड़ियों को मिले मौके से भविष्य के लिए टीम तैयार करने की दिशा भी स्पष्ट होती है।