
Rjd
पटना। औरंगाबाद जिले के कुटुंबा थाना क्षेत्र के दूधमी गांव में दलित समाज की एक बच्ची के साथ कथित सामूहिक दुष्कर्म के मामले को राष्ट्रीय जनता दल ने गंभीरता से लिया है। पार्टी ने घटना की जमीनी पड़ताल के लिए पूर्व मंत्री सुरेश पासवान के नेतृत्व में छह सदस्यीय जांच समिति गठित की है। समिति शनिवार, 5 सितंबर को पटना से घटनास्थल के लिए रवाना होगी।
राजद नेता एजाज अहमद के मुताबिक, प्रदेश अध्यक्ष मंगनी लाल मंडल को घटना की जानकारी मिलने के बाद पार्टी स्तर पर जांच कराने का निर्णय लिया गया। प्राथमिकी के अनुसार मामला कुटुंबा थाना कांड संख्या 162/26, दिनांक 31 अगस्त 2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 70(2), पॉक्सो एक्ट की धारा 4/6 तथा अनुसूचित जाति एवं जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम की संबंधित धाराओं में दर्ज है।
मामले में दो नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी पुलिस कर चुकी है। वहीं, मुख्य आरोपी बताए जा रहे राजू कुमार सिंह उर्फ झुन्नु सिंह ने 4 सितंबर को संबंधित न्यायालय में आत्मसमर्पण किया है। राजद ने यह भी बताया कि घटना में इस्तेमाल की गई चार पहिया गाड़ी पुलिस ने बरामद कर ली है।
मामले में मेडिकल जांच और परीक्षण रिपोर्ट अब तक सक्षम स्तर पर उपलब्ध नहीं होने को लेकर राजद ने गंभीर सवाल उठाया है। एजाज अहमद ने कहा कि मेडिकल प्रक्रिया और रिपोर्ट में देरी से तथ्यों के साथ छेड़छाड़ की आशंका बढ़ सकती है। पार्टी ने इस बिंदु पर भी जांच समिति के जरिए जानकारी जुटाने की बात कही है।
राजद ने प्राथमिकी में दर्ज एक अन्य गंभीर आरोप का भी उल्लेख किया है। पार्टी के अनुसार, प्राथमिकी में आरोपियों द्वारा कथित तौर पर यह दावा किए जाने का जिक्र है कि वे इससे पहले 21 अन्य लड़कियों के साथ भी बलात्कार कर चुके हैं और उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई। इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि राजद की ओर से उपलब्ध कराई गई जानकारी में नहीं की गई है।
छह सदस्यीय समिति में कौन-कौन
जांच समिति की कमान पूर्व मंत्री सुरेश पासवान को सौंपी गई है। समिति में पूर्व मंत्री सुरेश पासवान संयोजक, विधायक सुबेदार दास, विधायक अमरेन्द्र कुमार कुशवाहा, पूर्व विधायिका समता देवी, पूर्व विधायक सतीश दास और औरंगाबाद के निवर्तमान जिला प्रधान महासचिव अनिल टाईगर को सदस्य बनाया गया है।
राजद के मुताबिक, समिति का उद्देश्य केवल घटनास्थल का दौरा करना ही नहीं, बल्कि पीड़िता और उसके परिवार से मुलाकात कर पूरे मामले के तथ्य जुटाना भी है। इसके अलावा समिति औरंगाबाद के पुलिस अधीक्षक और जिलाधिकारी से मिलकर अब तक हुई पुलिस कार्रवाई की अद्यतन जानकारी लेगी।
समिति विशेष रूप से मेडिकल जांच एवं परीक्षण रिपोर्ट के अब तक उपलब्ध नहीं होने के कारणों की भी जानकारी लेगी। इसके बाद घटनास्थल, पीड़िता के परिवार, पुलिस कार्रवाई और मेडिकल रिपोर्ट से जुड़े तथ्यों को शामिल करते हुए एक तथ्यात्मक रिपोर्ट राजद के प्रदेश मुख्यालय, पटना को सौंपेगी।
राजद नेता एजाज अहमद ने बताया कि जांच समिति 5 सितंबर 2026 को संयोजक सुरेश पासवान के नेतृत्व में पटना से औरंगाबाद के लिए रवाना होगी।
