बॉलीवुड में ग्रुपबाज़ी, खेमेबाज़ी और इनसाइडर-आउटसाइडर की बहस एक बार फिर चरम पर है। इस बार यह आवाज़ किसी बाहरी कलाकार ने नहीं, बल्कि एक जाने-माने फिल्मी परिवार से ताल्लुक रखने वाले राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता संगीतकार अमाल मलिक ने उठाई है। अमाल मलिक ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल (X और इंस्टाग्राम) पर 'अमालियंस' (उनके फैंस) को संबोधित करते हुए एक सनसनीखेज खुलासा किया है। उनका दावा है कि इंडस्ट्री के कुछ बेहद रसूखदार और अहंकारी लोगों के एक 'सिंडिकेट' ने उन्हें पिछले 8 सालों के दौरान लगभग 60 प्रोजेक्ट्स से बाहर का रास्ता दिखाया है।

अमाल मलिक दिग्गज संगीतकार डबू मलिक के बेटे, अरमान मलिक के भाई और मशहूर संगीतकार अनु मलिक के भतीजे हैं। फिल्म बिरादरी से होने के बावजूद अमाल का कहना है कि उनके साथ जो हुआ, उसके बाद नेपोटिज्म (भाई-भतीजावाद) की परिभाषा ही बदल जाती है।

अमाल ने अपनी पोस्ट में लिखा:

"पॉवरफुल पोजीशन पर बैठे कुछ 'बड़े लड़कों' ने मुझे 60 से ज्यादा प्रोजेक्ट्स से बाहर करवा दिया। 20 फिल्में तो मैंने खुद ही मना कर दी थीं क्योंकि उन सेटअप्स में काम करना मेरे आत्मसम्मान के खिलाफ था। एक म्यूजिशियन के तौर पर मैं वहां खुद की इज्जत नहीं कर पाता। स्थिति यह है कि यहाँ 'नेपोटिज्म' भी काम नहीं कर रहा है।"

उन्होंने आगे जोड़ा कि वह किसी भी तरह की चमचागिरी, चाटुकारिता या छोटे ग्रुप्स का हिस्सा नहीं बन सकते, और यही उनकी सबसे बड़ी गलती बन गई।

अमाल मलिक ने इस सिंडिकेट को "अहंकारी इंसानों का एक मिला-जुला सिंडिकेट" करार दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह दुश्मनी सिर्फ म्यूजिक लेबल्स तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे कहीं आगे बढ़ चुकी है।

अमाल ने सुरक्षा और मानसिक प्रताड़ना को लेकर गंभीर दावा करते हुए कहा:

"इस जगह (बॉलीवुड) के तौर-तरीकों और इसके काले सच को छिपाने में मेरी असमर्थता उन्हें और परेशान करती है। इसी वजह से मुझे और मेरे परिवार को बेकार की धमकियां दी जा रही हैं। ये लोग पिछले 8 साल से 'अवॉर्ड जीतने लायक राजनीति' खेल रहे हैं, और यही कारण है कि अब फिल्मों में मेरा संगीत बेहद कम सुनाई देता है।"

हालांकि, अमाल ने अभी किसी का नाम उजागर नहीं किया है, लेकिन उन्होंने चेतावनी दी है कि "मैं आज उनका नाम नहीं लूंगा, लेकिन उनका समय आएगा और ऊपरवाला उन्हें उनकी जगह दिखाएगा।"

फिल्मी राजनीति से तंग आकर अमाल मलिक ने अब बॉलीवुड के भरोसे न रहने का फैसला किया है। उन्होंने अपने प्रशंसकों से माफी मांगते हुए एक नया रास्ता चुना है।

अमाल ने अपील की है:

"मुझे माफ कर दो कि मेरी वजह से नुकसान आपका (श्रोताओं का) हो रहा है। इसलिए अब मेरा 'इंडी म्यूजिक' स्वतंत्र संगीत) सुनो। अगर फिल्मों का कोई गाना आता है तो बहुत बढ़िया, और अगर नहीं आता तो चिंता मत करो।"

निष्कर्ष: अमाल मलिक का यह बयान यह साबित करने के लिए काफी है कि बॉलीवुड में केवल बाहरी ही नहीं, बल्कि 'इनसाइडर्स' भी अगर रीढ़ की हड्डी सीधी रखकर सच बोलना चाहें, तो उन्हें भी भारी कीमत चुकानी पड़ती है। अमाल का यह कदम अब देश में 'इंडिपेंडेंट म्यूजिक कल्चर' को बढ़ावा देने की दिशा में एक बड़ा टर्निंग पॉइंट साबित हो सकता है।